क्या टीएमसी आई-पैक पर ईडी की छापेमारी को लेकर डिजिटल कैंपेन चलाएगी?: अभिषेक बनर्जी
सारांश
Key Takeaways
- अभिषेक बनर्जी ने डिजिटल कैंपेन शुरू करने का निर्देश दिया।
- ईडी की छापेमारी पर टीएमसी का विरोध।
- छापेमारी का कारण कोयला तस्करी
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान निगरानी रखी।
- डिजिटल अभियान का लक्ष्य पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करना है।
कोलकाता, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव एवं पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को पार्टी के आईटी सेल को एक व्यापक डिजिटल कैंपेन प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि तृणमूल कांग्रेस प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पिछले सप्ताह इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और आई-पैक के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी और तलाशी का विरोध क्यों कर रही है।
यह निर्देश तृणमूल कांग्रेस के एक डिजिटल सम्मेलन में दिए गए, जहां पार्टी ने अपने रुख को स्पष्ट किया।
सम्मेलन में मौजूद एक आईटी सेल के सदस्य ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा उठाया गया पहला मुद्दा यह है कि ईडी ने इस साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पूर्व छह साल पुराने कोयला तस्करी मामले में छापेमारी और तलाशी क्यों की।
दूसरा मुद्दा यह था कि जब दो अन्य निदेशक दिल्ली और हैदराबाद से काम कर रहे थे, तब कोलकाता से काम कर रहे आई-पैक के एक निदेशक के आवास को छापेमारी का निशाना क्यों बनाया गया।
तीसरा तर्क यह था कि छापेमारी और तलाशी के पीछे का इरादा तृणमूल कांग्रेस की 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की रणनीति को समझना था।
आईटी सेल के सदस्य ने कहा कि हमारे महासचिव ने इस संबंध में तत्काल व्यापक अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि गुरुवार को ईडी की टीमों ने कुल 10 स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें से छह कोलकाता में और चार नई दिल्ली में थे। हालांकि, कोलकाता में दो स्थानों पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
जब ईडी के अधिकारी प्रतीक जैन के आवास और उत्तरी बाहरी इलाके सॉल्ट लेक में आई-पैक के कार्यालय में छापेमारी कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य प्रशासन और पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ दोनों स्थानों पर पहुंचीं।
वे दोनों स्थानों से कई फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज लेकर रवाना हुईं।