रिंकू सिंह के पिता के निधन पर देवजीत सैकिया का संवेदनशील बयान
सारांश
Key Takeaways
- रिंकू सिंह के पिता का निधन 24 फरवरी को हुआ।
- देवजीत सैकिया ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
- रिंकू ने अपने पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया।
- रिंकू के पिता लिवर कैंसर से पीड़ित थे।
- क्रिकेट जगत ने रिंकू को समर्थन दिया।
चेन्नई, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह के पिता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान सैकिया ने कहा, "इस कठिन समय में बीसीसीआई की ओर से रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। वह सुबह 5 बजे चेन्नई से दिल्ली के लिए ग्रेटर नोएडा के अस्पताल गए, जहां उनके पिता का इलाज चल रहा था।"
सैकिया ने यह भी पुष्टि की कि रिंकू रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले अगले सुपर-8 मैच के लिए टीम के साथ कोलकाता नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा कि रिंकू से संबंधित कोई भी नई जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।
रिंकू सिंह के पिता के निधन पर युवराज सिंह, हरभजन सिंह और सीएसके प्रबंधन ने भी अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
रिंकू सिंह अपने पिता के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए सुबह 5 बजे चेन्नई से निकल गए थे।
रिंकू के पिता, खानचंद सिंह, लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। तबियत ज्यादा बिगड़ने के कारण उन्हें 21 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार की सुबह 4:36 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा रिंकू, जिम्बाब्वे के खिलाफ गुरुवार को चेन्नई में हुए मैच से पहले अपने बीमार पिता को देखने के लिए नोएडा आए थे। मैच से पहले वह टीम में शामिल हुए थे। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें प्लेइंग इलेवन में नहीं रखा गया था।
रिंकू सिंह के पिता सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद क्रिकेटर बनने और इस क्षेत्र में सफलता के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा रिंकू को उनके पिता से मिली।