3 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट: टीएमसी सांसदों ने एनडीए समर्थन का संकेत दिया, अभिषेक बनर्जी को क्लीन चिट

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पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट: टीएमसी सांसदों ने एनडीए समर्थन का संकेत दिया, अभिषेक बनर्जी को क्लीन चिट

सारांश

टीएमसी में टूट की आहट — सांसद शताब्दी रॉय ने एनडीए समर्थन का ऐलान किया, असित मल ने पार्टी को 'हाशिए पर' बताया। 15 साल राज करने वाली पार्टी आज विश्वसनीयता की लड़ाई लड़ रही है। बंगाल की राजनीति में यह बदलाव आने वाले चुनावों से पहले बड़े उलटफेर का संकेत दे सकता है।

मुख्य बातें

टीएमसी सांसद असित मल ने कहा कि 15 साल तक शासन करने वाली पार्टी आज हाशिए पर है और विश्वसनीयता की लड़ाई लड़ रही है।
असित मल ने अभिषेक बनर्जी को पार्टी के राजनीतिक घमासान का जिम्मेदार मानने से स्पष्ट इनकार किया।
टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने ऐलान किया कि उनका गुट आगामी दिनों में एनडीए को खुलकर समर्थन देगा।
असित मल के समूह की एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन को लेकर चर्चाएँ जारी हैं; अंतिम रूपरेखा जल्द तैयार होने की संभावना है।
दोनों सांसदों ने अंतिम निर्णय को 'समय पर छोड़ा' बताया, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में अनिश्चितता को दर्शाता है।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो वरिष्ठ सांसदों ने 15 जून 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में पश्चिम बंगाल की गहराती राजनीतिक उथल-पुथल पर खुलकर अपनी राय रखी और संकेत दिया कि पार्टी का एक धड़ा एनडीए के साथ जाने की दिशा में विचार कर रहा है।

असित मल का बयान: पार्टी विश्वसनीयता की लड़ाई लड़ रही है

टीएमसी सांसद असित मल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जिस दल ने पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों तक शासन किया, वह आज हाशिए पर खड़ा है। उनके अनुसार, पार्टी इस समय विश्वसनीयता की लड़ाई लड़ रही है और उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। मल ने कहा, 'अब ऐसी स्थिति में टीएमसी का भविष्य कैसा रहता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर गुटबाजी और बाहरी दबाव एक साथ बढ़ते दिख रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी का यह आंतरिक संकट राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

अभिषेक बनर्जी को क्लीन चिट

जब मल से पूछा गया कि क्या पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक घमासान के लिए अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं, तो उन्होंने इससे स्पष्ट इनकार किया। उन्होंने कहा, 'हम अभिषेक बनर्जी को इस पूरे राजनीतिक घमासान का जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। हमने अपनी खुद की इच्छा से अलग समूह में पार्टी में शामिल होने का फैसला किया, लिहाजा इस पूरे मामले में अभिषेक बनर्जी की कोई भूमिका नहीं है।'

एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन पर विचार

मल ने यह भी बताया कि उनका समूह एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन को लेकर चर्चाओं के दौर में है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आगे की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी और विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श जारी है। अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

शताब्दी रॉय का बड़ा बयान: एनडीए को समर्थन देंगे

टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने इस राजनीतिक उठापटक पर और भी सीधी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'आगामी दिनों में हम एनडीए को खुलकर समर्थन देंगे और हमें इसमें कोई संकोच नहीं है।' हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि आगे क्या निर्णय लेना है, यह आने वाला वक्त तय करेगा और फिलहाल किसी भी तरह की टिप्पणी करना मुश्किल है।

रॉय के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक टीएमसी के एक प्रभावशाली धड़े के भाजपा-नीत गठबंधन की ओर झुकाव के रूप में देख रहे हैं। यह बंगाल की राजनीति में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल टीएमसी के असंतुष्ट नेताओं का रुख 'प्रतीक्षा और देखो' की नीति पर टिका है। एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन की रूपरेखा और एनडीए समर्थन का आधिकारिक ऐलान आने वाले दिनों में होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसके सांसद अब विपक्षी गठबंधन की ओर झुकते दिख रहे हैं — यह ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता पर बड़ा सवाल है। अभिषेक बनर्जी को क्लीन चिट देना इस बात का संकेत है कि असंतुष्ट गुट पार्टी नेतृत्व से नहीं, बल्कि पार्टी की दिशा से नाराज है। मुख्यधारा की कवरेज इस घटनाक्रम को महज 'बयानबाजी' मान रही है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या यह टूट 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के राजनीतिक समीकरण को पलट सकती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की राजनीतिक उथल-पुथल क्या है?
टीएमसी के कुछ वरिष्ठ सांसद पार्टी की मौजूदा दिशा से असंतुष्ट हैं और एनडीए समर्थन तथा नए गठबंधन की संभावनाएँ तलाश रहे हैं। 15 जून 2026 को कोलकाता में सांसद असित मल और शताब्दी रॉय ने इस संकट पर खुलकर बात की।
शताब्दी रॉय ने एनडीए को समर्थन देने का बयान क्यों दिया?
शताब्दी रॉय ने कहा कि उनका गुट आगामी दिनों में एनडीए को खुलकर समर्थन देगा, हालाँकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है। उन्होंने इसे पार्टी की मौजूदा स्थिति और राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनज़र उठाया गया कदम बताया।
क्या अभिषेक बनर्जी टीएमसी संकट के लिए जिम्मेदार हैं?
नहीं, टीएमसी सांसद असित मल ने स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी की इस राजनीतिक घमासान में कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि असंतुष्ट गुट ने अपनी स्वेच्छा से अलग समूह में जाने का निर्णय लिया है।
एनसीपीसीआई के साथ टीएमसी के गठबंधन का क्या मामला है?
असित मल के नेतृत्व वाला असंतुष्ट गुट एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन की संभावना पर विचार कर रहा है। चर्चाएँ जारी हैं और जल्द ही आगे की रूपरेखा तैयार होने की बात कही गई है।
इस राजनीतिक उथल-पुथल का पश्चिम बंगाल पर क्या असर पड़ेगा?
टीएमसी के प्रभावशाली सांसदों का एनडीए की ओर झुकाव राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। यह ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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