पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट: टीएमसी सांसदों ने एनडीए समर्थन का संकेत दिया, अभिषेक बनर्जी को क्लीन चिट
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो वरिष्ठ सांसदों ने 15 जून 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में पश्चिम बंगाल की गहराती राजनीतिक उथल-पुथल पर खुलकर अपनी राय रखी और संकेत दिया कि पार्टी का एक धड़ा एनडीए के साथ जाने की दिशा में विचार कर रहा है।
असित मल का बयान: पार्टी विश्वसनीयता की लड़ाई लड़ रही है
टीएमसी सांसद असित मल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जिस दल ने पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों तक शासन किया, वह आज हाशिए पर खड़ा है। उनके अनुसार, पार्टी इस समय विश्वसनीयता की लड़ाई लड़ रही है और उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। मल ने कहा, 'अब ऐसी स्थिति में टीएमसी का भविष्य कैसा रहता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर गुटबाजी और बाहरी दबाव एक साथ बढ़ते दिख रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी का यह आंतरिक संकट राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी को क्लीन चिट
जब मल से पूछा गया कि क्या पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक घमासान के लिए अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं, तो उन्होंने इससे स्पष्ट इनकार किया। उन्होंने कहा, 'हम अभिषेक बनर्जी को इस पूरे राजनीतिक घमासान का जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। हमने अपनी खुद की इच्छा से अलग समूह में पार्टी में शामिल होने का फैसला किया, लिहाजा इस पूरे मामले में अभिषेक बनर्जी की कोई भूमिका नहीं है।'
एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन पर विचार
मल ने यह भी बताया कि उनका समूह एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन को लेकर चर्चाओं के दौर में है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आगे की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी और विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श जारी है। अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
शताब्दी रॉय का बड़ा बयान: एनडीए को समर्थन देंगे
टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने इस राजनीतिक उठापटक पर और भी सीधी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'आगामी दिनों में हम एनडीए को खुलकर समर्थन देंगे और हमें इसमें कोई संकोच नहीं है।' हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि आगे क्या निर्णय लेना है, यह आने वाला वक्त तय करेगा और फिलहाल किसी भी तरह की टिप्पणी करना मुश्किल है।
रॉय के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक टीएमसी के एक प्रभावशाली धड़े के भाजपा-नीत गठबंधन की ओर झुकाव के रूप में देख रहे हैं। यह बंगाल की राजनीति में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल टीएमसी के असंतुष्ट नेताओं का रुख 'प्रतीक्षा और देखो' की नीति पर टिका है। एनसीपीसीआई के साथ गठबंधन की रूपरेखा और एनडीए समर्थन का आधिकारिक ऐलान आने वाले दिनों में होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।