ममता बनर्जी बंगाल छोड़ दिल्ली जाने की बजाय टीएमसी बचाएं: पूर्व प्रवक्ता रिजू दत्ता
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व प्रवक्ता रिजू दत्ता ने 25 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चेतावनी दी — दिल्ली की राजनीति पर ध्यान देने से पहले पश्चिम बंगाल में अपनी बिखरती पार्टी को संभालें। दत्ता के अनुसार, TMC अब महज एक 'साइनबोर्ड' बनकर रह गई है और पार्टी के भीतर से बड़े पैमाने पर पलायन हो चुका है।
पार्टी की स्थिति: संख्याएँ बोलती हैं
रिजू दत्ता ने कोलकाता में बातचीत के दौरान TMC की आंतरिक स्थिति का ब्यौरा देते हुए कहा कि पार्टी के 28 सांसदों में से 22 सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। चार सांसदों ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया है और आने वाले दिनों में दो से तीन और सांसद ऐसा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, पार्टी के 80 विधायकों में से लगभग 65 से 70 विधायक भी TMC का दामन छोड़ चुके हैं।
दत्ता ने कहा, 'भाजपा को हराना है तो लोकतांत्रिक तरीके से जनता के वोट से हराना चाहिए। बंगाल में रहकर टीएमसी पर फोकस करना चाहिए।'
अभिषेक बनर्जी पर निशाना
पूर्व प्रवक्ता ने अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब TMC सत्ता में थी, तब अभिषेक पार्टी के 'क्राउन प्रिंस' और ताकतवर नेता माने जाते थे। अब जब पार्टी सत्ता से बाहर है, वह प्रभाव खत्म हो गया है। दत्ता ने याद दिलाया कि अभिषेक ने एक बार सोनारपुर में नेता के रूप में उभरने की कोशिश की थी, लेकिन कड़े विरोध के बाद वे वहाँ से दूरी बनाए हुए हैं।
21 जुलाई की रैली और भड़काऊ भाषण का आरोप
21 जुलाई की रैली — जिसमें अभिषेक बनर्जी ममता बनर्जी के साथ शामिल हुए और करीब 4,000 से 5,000 लोगों की भीड़ जुटी — के बाद उन्होंने फिर से भड़काऊ बयानबाज़ी शुरू कर दी है। दत्ता के अनुसार, अभिषेक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृहमंत्री को लेकर उकसावे वाले बयान दे रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि '2031 में हिसाब बराबर करेंगे।'
दत्ता ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के पहले के भड़काऊ भाषण मामले में सीआईडी जाँच चल रही है और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है — यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई एफआईआर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अभिषेक एसी कमरे में बैठकर राजनीति करते हैं, जबकि उनके बयानों की कीमत जमीनी TMC कार्यकर्ताओं को चुकानी पड़ती है।
कार्रवाई की माँग
रिजू दत्ता ने मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार दोनों से माँग की है कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC अपने सबसे कठिन दौर से गुज़र रही है और पार्टी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता गहरी होती जा रही है।