टीएमसी में अभिषेक बनर्जी की अशांति से पार्टी का अस्तित्व खतरे में: रामकृपाल यादव
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने 12 जून 2026 को पटना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक कलह पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पार्टी का अस्तित्व व्यावहारिक रूप से समाप्त हो चुका है। उन्होंने कल्याण बनर्जी द्वारा ममता बनर्जी को दिए गए अल्टीमेटम को TMC के भीतर गहरे असंतोष का प्रमाण बताया।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री रामकृपाल यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'टीएमसी का अस्तित्व खत्म हो गया है। टीएमसी के विधायकों और सांसदों में भारी असंतोष है और इस असंतोष का मुख्य कारण अभिषेक बनर्जी की ओर से पैदा की गई अशांति है। पार्टी ने जनता के साथ-साथ कार्यकर्ताओं, विधायकों और सांसदों का भी समर्थन खो दिया है।'
उन्होंने यह भी कहा कि कल्याण बनर्जी पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निकटतम समर्थकों में से एक रहे हैं और उनकी पीड़ा खुलकर सामने आ रही है। यादव के अनुसार, जब कोई नेता दशकों तक पार्टी की सेवा करता है और फिर उस नेता का परिवार हावी होकर नियंत्रण करने लगे, तो ऐसे वरिष्ठ नेता इसे स्वीकार नहीं कर सकते।
अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना
रामकृपाल यादव ने अभिषेक बनर्जी को TMC की मौजूदा दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि 'उसी का परिणाम है कि कल्याण बनर्जी समेत टीएमसी के विधायक-सांसद दुखी हैं और पार्टी को छोड़ रहे हैं।' गौरतलब है कि कल्याण बनर्जी ने हाल ही में ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था, जिसे TMC की आंतरिक राजनीति में एक बड़े संकट के रूप में देखा जा रहा है।
PM मोदी के कार्यकाल पर टिप्पणी
इस अवसर पर मंत्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने पिछले 12 सालों में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जो काम किया है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, और जब वैश्विक अर्थव्यवस्था दबाव में थी, तब भारत आज आगे बढ़ रहा है।' उन्होंने नीति आयोग की बैठक में मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को भी रेखांकित किया।
बिहार एमएलसी चुनाव पर प्रतिक्रिया
बिहार में 10 एमएलसी के निर्विरोध चुने जाने पर रामकृपाल यादव ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा, 'एमएलसी चुनाव पूरे हो गए हैं और यह खुशी की बात है कि चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए। मैं सभी चुने हुए प्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।'
आगे क्या
TMC की आंतरिक कलह अब खुलकर सार्वजनिक मंच पर आ चुकी है। कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेताओं का असंतोष और विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के लिए आने वाले महीने राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।