टीएमसी संकट पर BJP का हमला: गौरव वल्लभ बोले — ममता खुद अभिषेक को आगे बढ़ा रही हैं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 12 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक स्थिति पर तीखा हमला बोला और कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी स्वयं अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को नेतृत्व में आगे बढ़ा रही हैं — और यही TMC की मौजूदा दुर्दशा की जड़ है।
TMC में नेतृत्व का टकराव
वल्लभ ने कहा कि TMC के भीतर नेतृत्व को लेकर एक विचित्र स्थिति बन गई है। उनके अनुसार, कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी को अपना नेता मानते हैं, जबकि ममता बनर्जी स्वयं अभिषेक बनर्जी को तरजीह दे रही हैं। उन्होंने कहा, "टीएमसी में चल क्या रहा है, किसी को पता नहीं चल रहा।" यह ऐसे समय में आया है जब TMC पर पश्चिम बंगाल में शासन और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा और राष्ट्रीय नेतृत्व का सवाल
वल्लभ ने TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की तारीफ करते हुए उन्हें "गंभीर, सम्मानित और सकारात्मक राजनीति करने वाले नेता" बताया, जिनका देशभर में व्यापक समर्थन आधार है। हालाँकि उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भले ही सिन्हा ममता बनर्जी को अपना नेता मानते हों, ममता बनर्जी स्वयं को राष्ट्रीय स्तर पर उस भूमिका के लिए प्रस्तुत नहीं कर रही हैं।
अर्थव्यवस्था पर BJP का दावा
भारतीय अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए वल्लभ ने दावा किया कि भारत आज वैश्विक स्तर पर विकास और नियंत्रित महंगाई का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ भारत की GDP वृद्धि दर लगभग 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जता रही हैं, और भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
विपक्ष पर निशाना
वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को "मृत अर्थव्यवस्था" कहा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भारतीय संस्थाओं और सरकारी सर्वेक्षणों पर भरोसा करने की बजाय बाहरी स्रोतों के बयानों को प्राथमिकता देता है।
महंगाई के आँकड़े और 'मोदीनॉमिक्स'
महंगाई के आँकड़ों का हवाला देते हुए वल्लभ ने बताया कि मई 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.93 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल 2026 में यह 3.48 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई दर 4.78 प्रतिशत दर्ज की गई। उनके अनुसार ये आँकड़े अर्थव्यवस्था की मज़बूती और लचीलेपन को दर्शाते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 'मोदीनॉमिक्स' के तहत लागू नीतियों ने देश की आर्थिक बुनियाद को और सशक्त किया है। आलोचकों का कहना है कि इन दावों की स्वतंत्र पड़ताल ज़रूरी है।