अभिषेक बनर्जी का BJP पर हमला: 'पश्चिम बंगाल में डबल इंजन सरकार की उपलब्धि सिर्फ विपक्ष की खरीद-फरोख्त'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार, 7 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक तीखा व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की डबल इंजन सरकार के पहले दो महीनों की तथाकथित 'सफलताएँ' विपक्ष के निर्वाचित प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त तक ही सिमटी हैं। उनका यह बयान राज्य की नई सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की TMC की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्य आरोप: 15 'उपलब्धियों' की व्यंग्यात्मक सूची
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में BJP सरकार की 15 कथित उपलब्धियों का व्यंग्यात्मक ब्योरा दिया। उनके अनुसार, नई सरकार ने TMC से निर्वाचित सांसदों और विधायकों को तोड़ने तथा पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक ऐसे विपक्ष के नेता को स्थापित करने का काम किया जो, उनके शब्दों में, 'राज्य BJP के निर्देश पर चलने वाली कठपुतली' है।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि TMC को आर्थिक रूप से कमज़ोर करने के इरादे से उसके बैंक खाते फ्रीज किए गए, हज़ारों TMC कार्यकर्ताओं को मुकदमों में फँसाया गया और पार्टी को विभाजित करने के हर संभव प्रयास किए गए।
कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर निशाना
बनर्जी ने दावा किया कि पिछले दो महीनों में राज्य भर में 14 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जिनमें नाबालिगों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। उन्होंने दिनदहाड़े अल्पसंख्यक धार्मिक संस्थानों को ध्वस्त किए जाने और विपक्ष के नेता को नज़रबंद किए जाने का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्मी भंडार योजना से एक करोड़ से अधिक वास्तविक लाभार्थियों को बाहर किया गया है।
योग दिवस के अवसर पर सात दिनों तक सड़कों को जाम रखने को भी उन्होंने सरकार की 'उपलब्धि' की सूची में शामिल किया।
मध्याह्न भोजन से अंडे हटाने पर विवाद
बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहली बार बच्चों के मध्याह्न भोजन से अंडे हटाकर उनकी जगह शाकाहारी विकल्प दिए जा रहे हैं, जिससे बच्चों को प्रोटीन के एक महत्वपूर्ण स्रोत से वंचित किया जा रहा है। यह मुद्दा राज्य में पोषण और धार्मिक प्राथमिकता के बीच की बहस को फिर से केंद्र में ले आया है।
जाँच एजेंसियों के इस्तेमाल पर आरोप
TMC नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), विशेष कार्य बल (STF) और आपराधिक जाँच विभाग (CID) जैसी एजेंसियाँ उन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करने और छापे मारने में लगी हैं जो 'नए सत्तावादी शासन' के आगे नहीं झुकते।
BJP से सीधा सवाल
बनर्जी ने अपनी पोस्ट के अंत में BJP पर तंज कसते हुए कहा — 'अगर BJP सचमुच मानती है कि उसने पश्चिम बंगाल में जनता के जनादेश से जीत हासिल की है, तो वह राजनीतिक विपक्ष और TMC से इतनी भयभीत क्यों दिखती है?' यह बयान आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और गरमाने की संभावना है।