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अभिषेक बनर्जी का आरोप: पश्चिम बंगाल में विपक्षविहीन व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही भाजपा

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अभिषेक बनर्जी का आरोप: पश्चिम बंगाल में विपक्षविहीन व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही भाजपा

सारांश

11 घंटे की ED पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी ने BJP पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियाँ पश्चिम बंगाल में विपक्ष को खत्म करने के हथियार बन चुकी हैं। मंगलवार को CID के सामने भी पेश होना है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी को 15 जून को साल्ट लेक, कोलकाता स्थित ED कार्यालय में 11 घंटे से अधिक पूछताछ के लिए बुलाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP पश्चिम बंगाल में विपक्षविहीन राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
उन पर SIR के ज़रिये मतदाता सूची में हेरफेर और मतगणना में गड़बड़ी का भी आरोप लगाने का दावा किया।
16 जून को भवानी भवन, कोलकाता में CID मुख्यालय में भी पूछताछ के लिए उपस्थित होना है।
CID की FIR में गृह मंत्री अमित शाह को कथित धमकी और हिंसा भड़काने का आरोप है; नोटिस 12 जून को जारी हुआ था।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार, 15 जून को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल में विपक्षविहीन राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने का सुनियोजित प्रयास कर रही है। यह बयान उन्होंने कोलकाता के साल्ट लेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय से 11 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद रात करीब 10 बजे मीडिया के सामने दिया।

ईडी पूछताछ और अभिषेक का बयान

अभिषेक बनर्जी को साल्ट लेक स्थित ED कार्यालय में बुलाया गया था, जहाँ उनसे 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। बाहर निकलने के बाद उन्होंने परोक्ष रूप से कहा कि राज्य और केंद्रीय जाँच एजेंसियों की ओर से उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई BJP की प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, "BJP के बारे में जितना कम कहा जाए, उतना बेहतर है। एक तरफ वे विपक्षी दलों में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले एक महीने से उन विपक्षी ताकतों को दबाने, डराने और खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, जो झुके बिना लड़ाई लड़ रही हैं। यह पूरा अभियान पश्चिम बंगाल में विपक्षविहीन राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए चलाया जा रहा है।"

मतदाता सूची और चुनाव में हेरफेर का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के ज़रिये मतदाता सूची में हेरफेर और मतगणना में गड़बड़ी कर चुनाव जीतने के बाद अब BJP विपक्ष को उसका लोकतांत्रिक अधिकार भी नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा, "उन्होंने हमारी पार्टी के निर्वाचित विधायकों और सांसदों को तोड़ने का काम किया है, लेकिन इन सभी कोशिशों का अंततः कोई परिणाम नहीं निकलेगा। हमारा गला काट दिया जाए, तब भी हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।"

मंगलवार को CID पूछताछ का सामना

अभिषेक बनर्जी को मंगलवार, 16 जून को दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन में अपराध जाँच विभाग (CID) मुख्यालय में भी पूछताछ के लिए उपस्थित होना है। यह पूछताछ उनके विरुद्ध दर्ज एक FIR के संबंध में होगी, जिसमें उन पर हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने और हिंसा भड़काने का आरोप है।

CID अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को इस संबंध में नोटिस जारी किया था। गौरतलब है कि एक ही सप्ताह में दो अलग-अलग केंद्रीय और राज्य जाँच एजेंसियों की ओर से पूछताछ, बंगाल की राजनीति में टकराव के नए स्तर को दर्शाती है।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग विपक्षी नेताओं को लक्षित करने के लिए किया जा रहा है, जबकि BJP इन आरोपों को निराधार बताती रही है और कहती है कि जाँच एजेंसियाँ स्वतंत्र रूप से काम करती हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच यह कानूनी और राजनीतिक संघर्ष और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीति की तरह दिखती है। सवाल यह है कि क्या केंद्रीय एजेंसियाँ वाकई स्वतंत्र जाँच कर रही हैं, या चुनाव-बाद के राजनीतिक समीकरण इनकी दिशा तय कर रहे हैं। अभिषेक बनर्जी के आरोप नए नहीं हैं — विपक्षी नेताओं पर ED-CBI का शिकंजा कसने की यह प्रवृत्ति राष्ट्रीय पैटर्न बन चुकी है। लेकिन जब तक अदालतें कोई निष्कर्ष नहीं देतीं, दोनों पक्षों के दावे महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी की श्रेणी में रहेंगे — और जनता को तथ्य और प्रचार के बीच फ़र्क करना होगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी को ED ने किस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया?
अभिषेक बनर्जी को 15 जून को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ED कार्यालय में 11 घंटे से अधिक पूछताछ के लिए बुलाया गया। हालाँकि ED ने मामले का विवरण सार्वजनिक नहीं किया, बनर्जी ने इसे BJP की प्रतिशोध की राजनीति बताया।
अभिषेक बनर्जी पर CID की FIR में क्या आरोप हैं?
CID की FIR में अभिषेक बनर्जी पर हाल के विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने और हिंसा भड़काने का आरोप है। उन्हें 16 जून को भवानी भवन, कोलकाता में CID मुख्यालय में पेश होना है।
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP पश्चिम बंगाल में SIR के ज़रिये मतदाता सूची में हेरफेर, मतगणना में गड़बड़ी और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग से विपक्षविहीन राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
TMC और BJP के बीच पश्चिम बंगाल में मौजूदा राजनीतिक तनाव क्यों है?
हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के बाद TMC और BJP के बीच तनाव चरम पर है। TMC का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियाँ विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं, जबकि BJP इन आरोपों को निराधार बताती है।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद हैं। वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं और पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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