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अभिषेक बनर्जी आज सीआईडी मुख्यालय में पेश, चुनाव-पूर्व हिंसा और धमकी मामले में होगी पूछताछ

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अभिषेक बनर्जी आज सीआईडी मुख्यालय में पेश, चुनाव-पूर्व हिंसा और धमकी मामले में होगी पूछताछ

सारांश

तीन दिन, तीन जाँच एजेंसियाँ — TMC सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार को CID मुख्यालय में पेश होंगे। चुनाव-पूर्व हिंसा और अमित शाह को कथित धमकी के मामले में यह पूछताछ, 14-15 जून की साढ़े आठ घंटे CID और 11 घंटे ED पूछताछ के बाद हो रही है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी मंगलवार, 16 जून को दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन में CID के समक्ष पेश होंगे।
मामला विधानसभा चुनाव से पूर्व गृह मंत्री अमित शाह को कथित धमकी और हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़ा है।
14 जून को हस्ताक्षर बेमेल मामले में CID ने लगभग साढ़े आठ घंटे पूछताछ की।
15 जून को ED ने स्कूल नौकरी के बदले नकद मामले में 11 घंटे से अधिक पूछताछ की।
अभिषेक ने इसे BJP की 'प्रतिशोध' की राजनीति बताया; सहयोग का आश्वासन दिया।
जाँच 11 जून को बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस से CID को स्थानांतरित की गई थी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार, 16 जून को दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन में पश्चिम बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के मुख्यालय में पेश होंगे। यह मामला राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकाने और हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़ा है। यह तीन दिनों में उनकी तीसरी बड़ी जाँच एजेंसी के समक्ष उपस्थिति है।

मामले की पृष्ठभूमि

पिछले महीने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रारंभ में इस मामले की जाँच बिधाननगर शहर पुलिस कर रही थी, लेकिन 11 जून को जाँच की जिम्मेदारी CID को सौंप दी गई। इसके बाद 12 जून को CID अधिकारियों ने अभिषेक को नोटिस जारी कर मंगलवार दोपहर तक मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया।

लगातार तीन दिन, तीन अलग-अलग जाँचें

गौरतलब है कि 14-15 जून को अभिषेक बनर्जी को दो अन्य अलग-अलग मामलों में दो जाँच एजेंसियों के सामने घंटों पूछताछ का सामना करना पड़ा। रविवार, 14 जून को CID अधिकारियों ने उनसे हस्ताक्षर बेमेल मामले में लगभग साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ की। यह मामला TMC विधायकों द्वारा राज्य विधानसभा में शोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नामित करने वाले प्रस्ताव पर कथित जालसाजी के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें प्रस्तुत दस्तावेजों में विसंगतियाँ पाई गई थीं।

इसके अगले दिन, 15 जून को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित साल्ट लेक कार्यालय में उनसे स्कूल नौकरी के बदले नकद मामले में 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।

अभिषेक बनर्जी का पक्ष

अभिषेक बनर्जी ने इस लगातार और लंबी पूछताछ की प्रक्रिया को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'प्रतिशोध' की राजनीति करार दिया है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य राज्य में विपक्ष-विहीन राजनीतिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने खिलाफ शुरू की गई सभी जाँचों में पूरा सहयोग करेंगे, किंतु किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है। अभिषेक बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और TMC के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। एक के बाद एक जाँच एजेंसियों के समन ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है — एक तरफ BJP का आरोप है कि एजेंसियाँ तथ्यों के आधार पर काम कर रही हैं, तो दूसरी तरफ TMC इसे राजनीतिक उत्पीड़न बता रही है।

आगे क्या होगा

CID मुख्यालय में मंगलवार की पूछताछ के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जाँच एजेंसियाँ अगला कदम क्या उठाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों की दिशा आने वाले हफ्तों में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक पैटर्न है। सवाल यह है कि क्या ये मामले स्वतंत्र जाँच की स्वाभाविक गति से आगे बढ़ रहे हैं, या एक साथ इतने मोर्चे खोलना किसी रणनीति का हिस्सा है। TMC इसे राजनीतिक प्रतिशोध कह रही है, BJP इसे कानून के राज की बहाली — लेकिन जनता के सामने असली परीक्षा यह है कि इन मामलों में अदालत में क्या साबित होता है। पश्चिम बंगाल में केंद्र-राज्य टकराव का यह नया अध्याय आने वाले महीनों में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी को CID ने किस मामले में तलब किया है?
CID ने अभिषेक बनर्जी को विधानसभा चुनाव से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकाने और हिंसा भड़काने के मामले में 16 जून को भवानी भवन स्थित मुख्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है। यह नोटिस 12 जून को जारी किया गया था।
CID को यह जाँच कब और कैसे मिली?
यह मामला पहले बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के पास था, जिसे 11 जून को CID को स्थानांतरित कर दिया गया। इससे पहले FIR बिधाननगर शहर पुलिस के अंतर्गत दर्ज हुई थी।
14 और 15 जून को अभिषेक बनर्जी से किन मामलों में पूछताछ हुई?
14 जून को CID ने हस्ताक्षर बेमेल मामले में उनसे लगभग साढ़े आठ घंटे पूछताछ की, जो TMC विधायकों द्वारा विधानसभा दस्तावेज में कथित जालसाजी से जुड़ा है। 15 जून को ED ने साल्ट लेक कार्यालय में स्कूल नौकरी के बदले नकद मामले में 11 घंटे से अधिक पूछताछ की।
अभिषेक बनर्जी ने इन जाँचों पर क्या कहा है?
अभिषेक बनर्जी ने इसे BJP की 'प्रतिशोध' की राजनीति करार दिया है और कहा है कि इसका उद्देश्य राज्य में विपक्ष-विहीन राजनीतिक व्यवस्था बनाना है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे सभी जाँचों में सहयोग करेंगे, लेकिन किसी दबाव के सामने नहीं झुकेंगे।
हस्ताक्षर बेमेल मामला क्या है?
यह मामला TMC विधायकों द्वारा राज्य विधानसभा में शोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नामित करने वाले प्रस्ताव पर कथित जालसाजी से जुड़ा है। प्रस्तुत दस्तावेजों में विसंगतियाँ पाए जाने के बाद CID ने जाँच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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