अभिषेक बनर्जी आज सीआईडी मुख्यालय में पेश, चुनाव-पूर्व हिंसा और धमकी मामले में होगी पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार, 16 जून को दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन में पश्चिम बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के मुख्यालय में पेश होंगे। यह मामला राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकाने और हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़ा है। यह तीन दिनों में उनकी तीसरी बड़ी जाँच एजेंसी के समक्ष उपस्थिति है।
मामले की पृष्ठभूमि
पिछले महीने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रारंभ में इस मामले की जाँच बिधाननगर शहर पुलिस कर रही थी, लेकिन 11 जून को जाँच की जिम्मेदारी CID को सौंप दी गई। इसके बाद 12 जून को CID अधिकारियों ने अभिषेक को नोटिस जारी कर मंगलवार दोपहर तक मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
लगातार तीन दिन, तीन अलग-अलग जाँचें
गौरतलब है कि 14-15 जून को अभिषेक बनर्जी को दो अन्य अलग-अलग मामलों में दो जाँच एजेंसियों के सामने घंटों पूछताछ का सामना करना पड़ा। रविवार, 14 जून को CID अधिकारियों ने उनसे हस्ताक्षर बेमेल मामले में लगभग साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ की। यह मामला TMC विधायकों द्वारा राज्य विधानसभा में शोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नामित करने वाले प्रस्ताव पर कथित जालसाजी के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें प्रस्तुत दस्तावेजों में विसंगतियाँ पाई गई थीं।
इसके अगले दिन, 15 जून को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित साल्ट लेक कार्यालय में उनसे स्कूल नौकरी के बदले नकद मामले में 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।
अभिषेक बनर्जी का पक्ष
अभिषेक बनर्जी ने इस लगातार और लंबी पूछताछ की प्रक्रिया को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'प्रतिशोध' की राजनीति करार दिया है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य राज्य में विपक्ष-विहीन राजनीतिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने खिलाफ शुरू की गई सभी जाँचों में पूरा सहयोग करेंगे, किंतु किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है। अभिषेक बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और TMC के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। एक के बाद एक जाँच एजेंसियों के समन ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है — एक तरफ BJP का आरोप है कि एजेंसियाँ तथ्यों के आधार पर काम कर रही हैं, तो दूसरी तरफ TMC इसे राजनीतिक उत्पीड़न बता रही है।
आगे क्या होगा
CID मुख्यालय में मंगलवार की पूछताछ के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जाँच एजेंसियाँ अगला कदम क्या उठाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों की दिशा आने वाले हफ्तों में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।