10 अगस्त 2026
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सिग्नेचर मिसमैच मामला: CID तीसरी बार बुला सकती है अभिषेक बनर्जी को, 14 घंटे पूछताछ के बाद नई विसंगतियाँ

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सिग्नेचर मिसमैच मामला: CID तीसरी बार बुला सकती है अभिषेक बनर्जी को, 14 घंटे पूछताछ के बाद नई विसंगतियाँ

सारांश

पश्चिम बंगाल CID ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से दो चरणों में 14 घंटे पूछताछ के बाद उनके और विधायक कुणाल घोष के बयानों में विसंगतियाँ पाई हैं। तीसरे दौर की पूछताछ इसी सप्ताह संभव है — यह मामला राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सीधे घेरता है।

मुख्य बातें

CID TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को सिग्नेचर मिसमैच मामले में तीसरी बार बुला सकती है, संभवतः इसी सप्ताह के अंत तक।
अब तक दो चरणों में 14 घंटे से अधिक पूछताछ — 11 जून को 6 घंटे और 14 जून को साढ़े 8 घंटे।
TMC विधायक कुणाल घोष से 15 जून को पूछताछ; बाद में बनर्जी और घोष को आमने-सामने बिठाकर एक साथ पूछा गया।
मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी सीटों पर नियुक्ति के प्रस्ताव पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में अंतर से जुड़ा है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ही बनर्जी CID के सामने पेश हुए — इससे पहले तीन समन नजरअंदाज किए थे।

पश्चिम बंगाल पुलिस की आपराधिक जाँच विभाग (CID) सिग्नेचर मिसमैच मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी को तीसरे दौर की पूछताछ के लिए फिर से तलब कर सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह समन इसी सप्ताह के अंत तक जारी हो सकता है। अब तक दो चरणों में 14 घंटे से अधिक की पूछताछ हो चुकी है — 11 जून को छह घंटे और 14 जून को साढ़े आठ घंटे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित कुछ सीटों पर नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में अंतर से संबंधित है। जाँच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इन हस्ताक्षरों में जालसाजी की गई। अभिषेक बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के सांसद हैं।

पूछताछ का घटनाक्रम

CID अधिकारियों ने रविवार, 15 जून को पत्रकार से राजनेता बने TMC विधायक कुणाल घोष से भी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पहले बनर्जी और घोष से अलग-अलग पूछताछ की गई, और बाद में दोनों को आमने-सामने बिठाकर एक साथ पूछताछ की गई — यह प्रक्रिया जाँच में महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। घोष की पूछताछ का समय बनर्जी की तुलना में काफी कम रहा।

बयानों में विसंगतियाँ

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान CID अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष के बयानों में कुछ अहम विसंगतियाँ पाई हैं। इन्हीं विसंगतियों पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के उद्देश्य से बनर्जी को तीसरी बार बुलाने का निर्णय लिया जा रहा है। दोनों में से किसी ने भी मीडिया के सामने पूछताछ की प्रक्रिया पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

कलकत्ता हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

अभिषेक बनर्जी पहली बार 11 जून को दक्षिण कोलकाता स्थित CID मुख्यालय में उपस्थित हुए थे। इससे पहले उन्होंने CID के लगातार तीन समन को नजरअंदाज किया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश अवकाशकालीन पीठ ने उन्हें समय-सीमा तय करते हुए पेश होने का निर्देश दिया था, जिसके बाद वे जाँच में शामिल हुए।

आगे क्या होगा

CID की जाँच जारी है और तीसरे दौर की पूछताछ इस सप्ताह के अंत तक होने की संभावना है। यह मामला राज्य की राजनीति में गहरी हलचल पैदा कर रहा है, क्योंकि इसमें सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेतृत्व का नाम जुड़ा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिग्नेचर मिसमैच मामला क्या है?
यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित कुछ सीटों पर नियुक्ति से जुड़े एक प्रस्ताव पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में अंतर से संबंधित है। CID जाँच कर रही है कि क्या इन हस्ताक्षरों में जालसाजी की गई।
अभिषेक बनर्जी से अब तक कितनी पूछताछ हो चुकी है?
अभिषेक बनर्जी से दो चरणों में कुल 14 घंटे से अधिक पूछताछ हो चुकी है — 11 जून को 6 घंटे और 14 जून को साढ़े 8 घंटे। अब CID तीसरे दौर की पूछताछ के लिए उन्हें इसी सप्ताह के अंत तक फिर बुला सकती है।
कुणाल घोष कौन हैं और उनसे पूछताछ क्यों हुई?
कुणाल घोष पत्रकार से राजनेता बने TMC विधायक हैं। CID ने 15 जून को उनसे इसी सिग्नेचर मिसमैच मामले में पूछताछ की और बाद में उन्हें अभिषेक बनर्जी के साथ आमने-सामने बिठाकर संयुक्त पूछताछ की।
कलकत्ता हाई कोर्ट की इस मामले में क्या भूमिका रही?
अभिषेक बनर्जी ने CID के लगातार तीन समन नजरअंदाज किए थे। इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश अवकाशकालीन पीठ ने उन्हें समय-सीमा तय करते हुए CID के सामने पेश होने का निर्देश दिया, जिसके बाद वे 11 जून को पहली बार उपस्थित हुए।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
CID सूत्रों के अनुसार, बयानों में पाई गई विसंगतियों पर स्पष्टीकरण के लिए अभिषेक बनर्जी को तीसरी बार बुलाया जा सकता है। जाँच का अगला चरण इसी सप्ताह के अंत तक होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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