अभिषेक बनर्जी से साढ़े आठ घंटे की पूछताछ, सिग्नेचर मिसमैच मामले में सीआईडी ने कसा शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी रविवार, 14 जून को कोलकाता के भवानी भवन स्थित पश्चिम बंगाल सीआईडी मुख्यालय से रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर बाहर निकले — विधानसभा में सिग्नेचर मिसमैच (हस्ताक्षर मेल न खाने) के मामले में साढ़े आठ घंटे से अधिक की गहन पूछताछ के बाद। यह इस मामले में उनकी दूसरी बड़ी पूछताछ थी, जो 11 जून को हुई करीब साढ़े पाँच घंटे की पूछताछ के बाद आई।
पूछताछ का घटनाक्रम
अभिषेक बनर्जी की गाड़ी सुबह 11 बजकर 43 मिनट पर भवानी भवन पहुँची — सीआईडी द्वारा तय दोपहर की समयसीमा से काफी पहले। रिसेप्शन पर पहचान पत्र दिखाने और अटेंडेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद वे अंदर गए। सीआईडी अधिकारियों ने उनसे साढ़े आठ घंटे से अधिक तक पूछताछ की।
इसी दौरान, बेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष भी भवानी भवन में उपस्थित रहे और उनसे लगभग चार घंटे तक पूछताछ हुई। घोष ने बाहर आकर बताया कि सीआईडी अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी और उनके बीच आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की। उन्होंने कहा, 'मैं इस मामले में गवाह हूँ। मैंने जाँच में सहयोग किया है। मुझसे जो करने को कहा गया था, मैंने वह किया है।'
घोष इसके बाद सीधे कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर गए। वहाँ जाने से पहले उन्होंने अधिक कुछ कहने से इनकार किया।
कोर्ट का निर्देश और कानूनी पृष्ठभूमि
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को इस मामले में राज्य पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग — सीआईडी — की जाँच में सहयोग करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया था कि सीआईडी अगले दो सप्ताह तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी। इस आदेश के बाद ही बनर्जी सीआईडी के समक्ष पेश हुए।
गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में हस्ताक्षर मेल न खाने से जुड़ा है, जिसकी जाँच सीआईडी कर रही है। इससे पहले 11 जून को हुई पहली पूछताछ में बनर्जी से करीब साढ़े पाँच घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था
रविवार को अवकाश होने के बावजूद भवानी भवन परिसर में व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। अतिरिक्त राज्य पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय बल भी तैनात किए गए। सीआईडी अधिकारी सुबह ही दफ्तर पहुँच गए थे।
आगे क्या
सीआईडी जाँच जारी है और कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत अगले दो सप्ताह तक बनर्जी के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकती। राजनीतिक हलकों में यह देखा जा रहा है कि सीआईडी इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और क्या इस जाँच का दायरा और बढ़ेगा।