30 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी से साढ़े आठ घंटे की पूछताछ, सिग्नेचर मिसमैच मामले में सीआईडी ने कसा शिकंजा

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अभिषेक बनर्जी से साढ़े आठ घंटे की पूछताछ, सिग्नेचर मिसमैच मामले में सीआईडी ने कसा शिकंजा

सारांश

विधानसभा सिग्नेचर मिसमैच मामले में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से पश्चिम बंगाल सीआईडी ने 14 जून को साढ़े आठ घंटे से अधिक पूछताछ की — यह इस मामले में उनकी दूसरी पूछताछ है। विधायक कुणाल घोष ने आमने-सामने की पूछताछ की पुष्टि की और जाँच में सहयोग का दावा किया।

मुख्य बातें

TMC राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से पश्चिम बंगाल सीआईडी ने 14 जून को साढ़े आठ घंटे से अधिक पूछताछ की — विधानसभा सिग्नेचर मिसमैच मामले में।
यह इस मामले में दूसरी पूछताछ थी; पहली 11 जून को करीब साढ़े पाँच घंटे तक चली थी।
बेलेघाटा से TMC विधायक कुणाल घोष से भी लगभग चार घंटे पूछताछ हुई; उन्होंने आमने-सामने की पूछताछ की पुष्टि की।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बनर्जी को जाँच में सहयोग का निर्देश दिया था और सीआईडी को दो सप्ताह तक कठोर कार्रवाई से रोका था।
भवानी भवन परिसर में रविवार को अतिरिक्त राज्य पुलिस और केंद्रीय बल तैनात किए गए थे।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी रविवार, 14 जून को कोलकाता के भवानी भवन स्थित पश्चिम बंगाल सीआईडी मुख्यालय से रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर बाहर निकले — विधानसभा में सिग्नेचर मिसमैच (हस्ताक्षर मेल न खाने) के मामले में साढ़े आठ घंटे से अधिक की गहन पूछताछ के बाद। यह इस मामले में उनकी दूसरी बड़ी पूछताछ थी, जो 11 जून को हुई करीब साढ़े पाँच घंटे की पूछताछ के बाद आई।

पूछताछ का घटनाक्रम

अभिषेक बनर्जी की गाड़ी सुबह 11 बजकर 43 मिनट पर भवानी भवन पहुँची — सीआईडी द्वारा तय दोपहर की समयसीमा से काफी पहले। रिसेप्शन पर पहचान पत्र दिखाने और अटेंडेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद वे अंदर गए। सीआईडी अधिकारियों ने उनसे साढ़े आठ घंटे से अधिक तक पूछताछ की।

इसी दौरान, बेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष भी भवानी भवन में उपस्थित रहे और उनसे लगभग चार घंटे तक पूछताछ हुई। घोष ने बाहर आकर बताया कि सीआईडी अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी और उनके बीच आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की। उन्होंने कहा, 'मैं इस मामले में गवाह हूँ। मैंने जाँच में सहयोग किया है। मुझसे जो करने को कहा गया था, मैंने वह किया है।'

घोष इसके बाद सीधे कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर गए। वहाँ जाने से पहले उन्होंने अधिक कुछ कहने से इनकार किया।

कोर्ट का निर्देश और कानूनी पृष्ठभूमि

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को इस मामले में राज्य पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग — सीआईडी — की जाँच में सहयोग करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया था कि सीआईडी अगले दो सप्ताह तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी। इस आदेश के बाद ही बनर्जी सीआईडी के समक्ष पेश हुए।

गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में हस्ताक्षर मेल न खाने से जुड़ा है, जिसकी जाँच सीआईडी कर रही है। इससे पहले 11 जून को हुई पहली पूछताछ में बनर्जी से करीब साढ़े पाँच घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे।

सुरक्षा व्यवस्था

रविवार को अवकाश होने के बावजूद भवानी भवन परिसर में व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। अतिरिक्त राज्य पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय बल भी तैनात किए गए। सीआईडी अधिकारी सुबह ही दफ्तर पहुँच गए थे।

आगे क्या

सीआईडी जाँच जारी है और कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत अगले दो सप्ताह तक बनर्जी के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकती। राजनीतिक हलकों में यह देखा जा रहा है कि सीआईडी इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और क्या इस जाँच का दायरा और बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि यह जाँच स्वैच्छिक सहयोग से नहीं, न्यायिक दबाव से आगे बढ़ी है। विधायक कुणाल घोष का सीधे ममता बनर्जी के आवास पर जाना यह संकेत देता है कि पार्टी इस मामले को बारीकी से मॉनिटर कर रही है। असली सवाल यह है कि सिग्नेचर मिसमैच की जाँच का दायरा आगे कितना बड़ा होगा और क्या यह TMC के भीतर के किसी गहरे विवाद को उजागर करेगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विधानसभा सिग्नेचर मिसमैच मामला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल विधानसभा में हस्ताक्षर मेल न खाने से जुड़ा मामला है, जिसकी जाँच राज्य की सीआईडी कर रही है। इस मामले में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और विधायक कुणाल घोष समेत कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है।
अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने कितने समय तक पूछताछ की?
14 जून को सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से साढ़े आठ घंटे से अधिक पूछताछ की। इससे पहले 11 जून को भी उनसे करीब साढ़े पाँच घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या आदेश दिया था?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को सीआईडी जाँच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। साथ ही न्यायालय ने यह भी आदेश दिया था कि सीआईडी अगले दो सप्ताह तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी।
कुणाल घोष की इस मामले में क्या भूमिका है?
बेलेघाटा से TMC विधायक कुणाल घोष ने खुद को इस मामले में गवाह बताया है। उन्होंने पुष्टि की कि सीआईडी ने उन्हें और अभिषेक बनर्जी को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की। उनसे भी करीब चार घंटे तक सवाल-जवाब हुए।
पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष कहाँ गए?
कुणाल घोष सीआईडी मुख्यालय से सीधे कालीघाट में TMC प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर गए। अभिषेक बनर्जी रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर भवानी भवन से बाहर निकले; उनके बाद के कार्यक्रम की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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