अनूप जलोटा ने लॉन्च किया 'भक्तिद्वार' ऐप: 'भक्ति, खुशी और शांति का द्वार है यह'
सारांश
मुख्य बातें
पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध भजन सम्राट अनूप जलोटा ने 13 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 'भक्तिद्वार टेलीविजन ऐप' का लॉन्च किया और इसके लोगो का औपचारिक अनावरण किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म भक्ति, आध्यात्मिकता और सनातन धर्म से जुड़े कंटेंट को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। जलोटा ने कहा कि यह ऐप आज की तनावग्रस्त पीढ़ी के लिए आत्मिक शांति का एक विश्वसनीय माध्यम बन सकता है।
लॉन्च इवेंट: मुख्य घटनाक्रम
लॉन्च समारोह में अनूप जलोटा ने 'भक्तिद्वार' को केवल एक तकनीकी उत्पाद नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव का द्वार बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'मैं खुद भक्तिद्वार में प्रवेश कर चुका हूँ। यह सिर्फ एक ऐप नहीं है, बल्कि भक्ति, खुशी और शांति का द्वार है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'आज लोग तनाव, चिंता और मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में भगवान को याद करना, भजन सुनना और अध्यात्म से जुड़ना मन को सच्ची शांति दे सकता है।'
युवाओं में बढ़ती भक्ति की दिलचस्पी
जलोटा ने यह भी रेखांकित किया कि आज की युवा पीढ़ी में भक्ति संगीत और आध्यात्मिक कंटेंट के प्रति रुचि तेज़ी से बढ़ रही है। उनके अनुसार, 'जब इंसान तनाव में होता है, तब भगवान को याद करने और भक्ति में डूबने से बड़ा सुकून शायद ही कुछ हो।' उनका मानना है कि भक्तिद्वार लाखों लोगों को अध्यात्म से जोड़कर उनकी जिंदगी में सकारात्मकता लेकर आएगा।
फाउंडर दिनेश असोपा का एक दशक का सपना
भक्तिद्वार टेलीविजन ऐप के संस्थापक दिनेश असोपा ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म उनके लगभग 10 वर्षों की मेहनत और साधना का परिणाम है। उन्होंने कहा, 'हमारा मकसद केवल एक और ओटीटी प्लेटफॉर्म बनाना नहीं था, बल्कि ऐसा डिजिटल मंच तैयार करना था जहाँ लोगों को भक्ति, आध्यात्म और सनातन धर्म से जुड़ा कंटेंट एक ही जगह पर उपलब्ध हो सके।' असोपा ने अनूप जलोटा का उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया।
फिल्ममेकर जयदेव चक्रवर्ती की भूमिका
इस प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली कई विशेष सीरीज़ का निर्देशन जाने-माने फिल्ममेकर जयदेव चक्रवर्ती ने किया है। इन शो में आध्यात्मिक विषयों को समकालीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, ताकि आधुनिक दर्शक वर्ग भी इनसे सहज रूप से जुड़ सके।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत में धार्मिक और आध्यात्मिक डिजिटल कंटेंट की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। भक्तिद्वार की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह प्लेटफॉर्म नियमित और उच्च गुणवत्ता वाले आध्यात्मिक कंटेंट के साथ अपने उपयोगकर्ताओं को कितनी देर तक जोड़े रख पाता है।