तेलंगाना का ₹16,000 करोड़ सरप्लस बजट रोजैया की दूरदर्शिता का नतीजा: रेवंत रेड्डी
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 13 सितंबर 2026 को हैदराबाद में कहा कि 2 जून 2014 को तेलंगाना राज्य के गठन के समय ₹16,000 करोड़ का सरप्लस बजट अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के. रोजैया की दूरदर्शी वित्तीय नीतियों का सीधा परिणाम था। मुख्यमंत्री ने यह बात उप्पल भागायत स्थित आर्य वैश्य आत्म गौरव भवन के भूमि पूजन समारोह में कही।
समारोह में मुख्यमंत्री के उद्गार
रेवंत रेड्डी ने भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रोजैया आर्य वैश्य समुदाय से आने वाले अविभाजित आंध्र प्रदेश के सबसे दीर्घकालीन वित्त मंत्री रहे। उन्होंने राज्य का बजट 16 बार पेश किया, जिसमें लगातार सात बार बजट पेश करने का कीर्तिमान भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों चेन्ना रेड्डी, विजया भास्कर रेड्डी और वाई.एस. राजशेखर रेड्डी ने राज्य के खजाने के प्रबंधन की जिम्मेदारी आर्य वैश्य समुदाय के लोगों को सौंपी थी।
रोजैया से व्यक्तिगत संबंध
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन का एक व्यक्तिगत प्रसंग साझा करते हुए कहा, 'जब मैं विधान परिषद में आक्रामक तरीके से बोलता था, तो रोजैया मुझे अलग बुलाकर समझाते थे कि अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें और अनुभव के साथ आगे बढ़ें, ताकि जीवन में बड़ी ऊंचाइयां हासिल कर सकूं।' उन्होंने स्वीकार किया कि रोजैया ने उनकी क्षमता को काफी पहले पहचान लिया था। रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि रोजैया कठोर आलोचना या अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले नेता नहीं थे, बल्कि अपनी तीखी और चुटीली टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे।
हैदराबाद में रोजैया की प्रतिमा और विवाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने हैदराबाद के मध्य में रोजैया की प्रतिमा स्थापित की है, ताकि उनके सम्मान और गरिमा को कायम रखा जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस प्रतिमा की आलोचना की थी, लेकिन रोजैया चार दशक पहले हैदराबाद आए थे और उन्होंने सुख-दुख में इस शहर को अपना घर बताया था — इसी भावना का सम्मान करते हुए प्रतिमा स्थापित की गई।
आर्य वैश्य समुदाय की भूमिका और विरासत
रेवंत रेड्डी ने आर्य वैश्य समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समुदाय स्वभाव से शांत, आत्मसम्मान से भरपूर और दूरदर्शिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि समुदाय के कई लोग गरीबी का सामना करते हुए भी सम्मान और गरिमा को सर्वोपरि मानते हैं। मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आर्य वैश्य समुदाय से आने वाले एक वैश्विक नेता थे, जिन्होंने भारत की सीमाओं से परे पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने पोट्टी श्रीरामुलु के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनके बलिदान के कारण ही आंध्र प्रदेश राज्य का गठन संभव हुआ।
भवन निर्माण में सरकारी सहयोग का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्य वैश्य समुदाय को वह पहचान अभी तक नहीं मिली, जिसका वह हकदार है, और उन्होंने उम्मीद जताई कि 'आत्म गौरव भवन' वंचित आर्य वैश्य समुदाय के लोगों की जरूरतें पूरी करने में पूरी तरह सक्षम होगा। राज्य सरकार ने भवन निर्माण में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपनी सक्रियता को बढ़ाने की कोशिश कर रही है।