तेलंगाना को विश्व का प्रवेश द्वार बनाएंगे: CM रेवंत रेड्डी का 'तेलंगाना राइजिंग-2047' विज़न
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 2 जून 2026 को हैदराबाद के परेड ग्राउंड में आयोजित तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह में राज्य को वैश्विक प्रवेश द्वार बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य का पूरा रोडमैप 'तेलंगाना राइजिंग-2047' नीति दस्तावेज़ में विस्तार से दर्ज है। राज्य सरकार का दावा है कि 2034 तक एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना उनका सुनिश्चित लक्ष्य है।
त्रिस्तरीय विकास रणनीति: क्योर, प्योर और रेयर
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बताया कि 'तेलंगाना राइजिंग-2047' दस्तावेज़ ने राज्य को तीन भौगोलिक-आर्थिक श्रेणियों में बाँटा है — इलाज (Cure), शुद्ध (Pure) और दुर्लभ (Rare)। उनके अनुसार, ग्रेटर हैदराबाद के आउटर रिंग रोड के भीतर का क्षेत्र 'इलाज' जोन है, जिसे विश्व स्तरीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रदूषणकारी उद्योगों को आउटर रिंग रोड से बाहर स्थानांतरित करने के लिए एचआईएलटी नीति लागू की गई है। साथ ही, सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए आजीवन कर, पंजीकरण शुल्क और सड़क कर में छूट दे रही है।
आउटर रिंग रोड और नव-निर्माणाधीन रीजनल रिंग रोड के बीच का क्षेत्र 'प्योर' (पेरी-अर्बन रीजन इकोनॉमी) जोन होगा — बुनियादी ढाँचे और विनिर्माण का केंद्र। इसी क्षेत्र में 30,000 एकड़ में 'भारत फ्यूचर सिटी' नामक ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी विकसित की जाएगी और शमशाबाद को बुलेट ट्रेन हब के रूप में तैयार किया जाएगा।
रीजनल रिंग रोड से राज्य की सीमा तक का इलाका 'रेयर' जोन कहलाएगा, जहाँ कृषि, कृषि-आधारित उद्योग, सिंचाई, फसल विविधीकरण और कृषि अनुसंधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025-26 के अनुमानों के अनुसार तेलंगाना ने खाद्यान्न उत्पादन में 236.87 लाख टन का रिकॉर्ड आँकड़ा पार किया है। धान, मक्का और कपास उत्पादन में उत्कृष्ट परिणाम आए हैं, जबकि पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने कृषि और किसान कल्याण पर ₹1,56,496 करोड़ खर्च किए हैं। इस रबी सीजन में राज्यभर में 8,575 खरीद केंद्रों के माध्यम से धान की सक्रिय खरीद की जा रही है। उनके अनुसार अब तक 63.65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और ₹11,903 करोड़ सीधे किसानों के खातों में जमा किए गए हैं।
रेवंत रेड्डी ने गर्व के साथ कहा कि यासांगी (रबी) सीजन में देशभर में खरीदे गए कुल धान में तेलंगाना का हिस्सा 60 प्रतिशत है।
सामाजिक न्याय और कल्याण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों, युवाओं और महिलाओं की आकांक्षाओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमज़ोर उच्च जाति वर्गों के लिए सामाजिक न्याय और समग्र विकास सुनिश्चित करने पर समान ध्यान दे रही है। उन्होंने 7 दिसंबर 2023 को सत्ता संभालने के बाद से गरीबी उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
क्या होगा आगे
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने का आग्रह किया ताकि तेलंगाना एक विविधतापूर्ण और प्रचुर कृषि राज्य के रूप में उभरे। 'भारत फ्यूचर सिटी', रीजनल रिंग रोड और बुलेट ट्रेन हब जैसी परियोजनाएँ राज्य के दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की नींव बनेंगी। विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर होगी कि ये महत्वाकांक्षी लक्ष्य क्रियान्वयन की कसौटी पर कितने खरे उतरते हैं।