अमेज़न डेटा सेंटर की नींव रखते हुए CM रेवंत रेड्डी का ऐलान: तेलंगाना उद्योगों को देगा हर मंजूरी और सुविधा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार, 15 जुलाई को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक हर बुनियादी ढाँचा सुविधा, मंजूरी और सहयोग देने को पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री हैदराबाद के फ्यूचर सिटी में अमेज़न के डेटा सेंटर की आधारशिला रखने के अवसर पर बोल रहे थे, जो राज्य में निवेश आकर्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
तेलंगाना राइजिंग-2047 का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'तेलंगाना राइजिंग-2047' विजन के तहत राज्य को वर्ष 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए निवेश और रोज़गार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि 'विकसित भारत 2047' के अंतर्गत भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में तेलंगाना का योगदान बढ़ाने के लिए राज्य की राष्ट्रीय GDP में हिस्सेदारी को मौजूदा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने की योजना तैयार की गई है।
अमेज़न निवेश और मासिक निगरानी
रेवंत रेड्डी ने बताया कि अमेज़न से 2034 तक लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद है। इस निवेश की प्रगति पर नज़र रखने के लिए सरकार हर महीने विशेष समीक्षा बैठक आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि जब अमेज़न जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियाँ किसी राज्य में निवेश करती हैं, तो अन्य उद्योग और कंपनियाँ भी वहाँ आने के लिए प्रेरित होती हैं।
फ्यूचर सिटी को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि फॉर्च्यून 500 कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा सके। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में 'तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट' का आयोजन किया था, जिसमें 108 देशों की प्रमुख कंपनियों के करीब 3,000 कॉरपोरेट प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
हैदराबाद को प्रदूषण मुक्त बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि आउटर रिंग रोड क्षेत्र में करीब 1.34 करोड़ लोग निवास करते हैं। सरकार रोज़गार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत 3 लाख रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने की योजना है, और शहर में चलने वाले करीब 2 लाख डीजल ऑटो-रिक्शा को रेट्रोफिटिंग के ज़रिए इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पंजीकरण कर (रजिस्ट्रेशन टैक्स) पूरी तरह माफ कर दिया है। इससे सरकार को प्रतिवर्ष करीब ₹1,500 करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन रेवंत रेड्डी ने इसे पर्यावरण और नागरिकों के हित में उठाया गया कदम बताया। इसके अलावा शहर के भीतर स्थित उद्योगों को स्थानांतरित करने, मूसी नदी के पुनर्जीवन और मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार पर भी काम जारी है।
किसानों के मुआवजे और रोज़गार पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले किसानों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू और पूर्व विधायक के. लक्ष्मा रेड्डी को प्रदर्शन कर रहे किसानों से संवाद करने का निर्देश दिया गया है। रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि जिन किसानों ने विकास कार्यों के लिए ज़मीन दी है, उनके परिवारों के लिए रोज़गार के अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
क्या होगा आगे
उद्योग, पर्यटन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और खेल जैसे क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नीतियाँ बनाकर तेलंगाना को विकास का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में काम हो रहा है। रोज़गार बढ़ाने के लिए यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना भी की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत के राज्य वैश्विक टेक निवेश को आकर्षित करने की होड़ में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, और तेलंगाना की यह पहल उसे इस दौड़ में अग्रणी स्थान दिलाने का प्रयास है।