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पुंछ में LoC के पास NCB का बड़ा ऑपरेशन: ₹25 करोड़ की हेरोइन जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार

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पुंछ में LoC के पास NCB का बड़ा ऑपरेशन: ₹25 करोड़ की हेरोइन जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार

सारांश

NCB ने पुंछ की हवेली तहसील में LoC के पास ₹25 करोड़ की हेरोइन बरामद की — हाल के वर्षों में इस सीमावर्ती जिले की सबसे बड़ी मादक पदार्थ जब्ती। एक तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार नेटवर्क की जाँच जारी। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह धन आतंकवाद को वित्तपोषित करता है।

मुख्य बातें

NCB ने 18 जुलाई को पुंछ जिले की हवेली तहसील के गाँव कोसल्याइन में ₹25 करोड़ से अधिक की हेरोइन जब्त की।
यह हाल के वर्षों में नियंत्रण रेखा के पास हुई सबसे बड़ी मादक पदार्थ बरामदगियों में से एक बताई जा रही है।
बरामदगी के सिलसिले में एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया गया है; आगे और गिरफ्तारियाँ संभव।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सीमा पार तस्करी से प्राप्त धन जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को वित्तपोषित करने में उपयोग होता है।
सेना और BSF LoC पर तस्करी, घुसपैठ और ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं; जाँच जारी है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शनिवार, 18 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट एक सुनियोजित मादक पदार्थ-विरोधी अभियान में ₹25 करोड़ से अधिक अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मूल्य की हेरोइन बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में नियंत्रण रेखा के आसपास हुई यह सबसे बड़ी मादक पदार्थ बरामदगियों में से एक है।

बरामदगी का स्थान और ऑपरेशन

यह कार्रवाई हवेली तहसील के सीमावर्ती गाँव कोसल्याइन में की गई, जो नियंत्रण रेखा के अत्यंत करीब स्थित है। अधिकारियों ने बताया कि यह हेरोइन सीमा पार से तस्करी कर लाई गई थी और एक संगठित सीमा पार मादक पदार्थ नेटवर्क के ज़रिए इसे भीतरी इलाकों तक पहुँचाने की योजना थी। इस अभियान में एक संदिग्ध तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है।

जाँच का दायरा और आगे की कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, जाँच एजेंसियाँ अब खेप के इच्छित प्राप्तकर्ताओं, सीमा पार के दलालों और परिवहन व वितरण में सहयोग करने वाले स्थानीय नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं। जाँच आगे बढ़ने के साथ-साथ और गिरफ्तारियाँ तथा बरामदगियाँ होने की संभावना व्यक्त की गई है।

आतंकवाद से संभावित कड़ी

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला रैकेट और अन्य वित्तीय घोटालों से अर्जित धन का उपयोग अंततः जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को वित्तपोषित करने के लिए किया जाता है। सुरक्षा एजेंसियाँ बार-बार पाकिस्तान स्थित तस्करों और हैंडलरों द्वारा सीमा मार्गों के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जता चुकी हैं।

सुरक्षा बलों की भूमिका

स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बल भीतरी इलाकों में तस्करी-विरोधी अभियान संचालित करते हैं, जबकि सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) नियंत्रण रेखा व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा पार तस्करी, घुसपैठ और ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं। यह ऑपरेशन उसी बहुस्तरीय सुरक्षा ढाँचे का हिस्सा है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में पुंछ और राजौरी क्षेत्र में ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने की घटनाएँ भी सामने आई हैं।

आगे क्या होगा

NCB और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वित जाँच जारी है। गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह मामला सीमा पार के व्यापक तस्करी नेटवर्क को उजागर कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर जिस पर नीतिगत प्रतिक्रिया अभी भी प्रतिक्रियाशील बनी हुई है। यह सवाल उठता है कि LoC पर बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र के बावजूद ₹25 करोड़ की खेप आखिर कोसल्याइन जैसे सीमावर्ती गाँव तक कैसे पहुँची। जब तक सीमा पार नेटवर्क के आकाओं तक जाँच नहीं पहुँचती और स्थानीय सहयोगियों का पूरा जाल नहीं टूटता, तब तक ये बरामदगियाँ नेटवर्क को तोड़ने की बजाय केवल उसे बाधित करती हैं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ में NCB ने कितनी हेरोइन बरामद की और कहाँ से?
NCB ने 18 जुलाई को पुंछ जिले की हवेली तहसील के सीमावर्ती गाँव कोसल्याइन में नियंत्रण रेखा के पास से ₹25 करोड़ से अधिक अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मूल्य की हेरोइन जब्त की। अधिकारियों के अनुसार, यह हाल के वर्षों में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी मादक पदार्थ बरामदगियों में से एक है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अभी तक एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि जाँच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।
क्या इस हेरोइन का संबंध आतंकवाद से है?
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला रैकेट और अन्य वित्तीय घोटालों से अर्जित धन का उपयोग जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को वित्तपोषित करने के लिए किया जाता है। हालाँकि, इस विशेष खेप और किसी आतंकी संगठन के बीच सीधे संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
LoC पर तस्करी रोकने के लिए कौन-से बल तैनात हैं?
नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) तस्करी, घुसपैठ और ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं। भीतरी इलाकों में स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा बल तस्करी-विरोधी अभियान संचालित करते हैं।
जाँच में आगे क्या होगा?
NCB और सुरक्षा एजेंसियाँ खेप के इच्छित प्राप्तकर्ताओं, सीमा पार के दलालों और स्थानीय वितरण नेटवर्क की पहचान के लिए जाँच जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जाँच के दौरान और बरामदगियाँ भी हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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