किशनगंज में बड़ी कार्रवाई: पुलिस ने मकान से बरामद की 515 ग्राम हेरोइन, तीन तस्कर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 515.670 ग्राम हेरोइन बिहार के किशनगंज के फुलवाड़ी तैयबपुर स्थित एक मकान से बरामद की गई।
- पुलिस ने रहवर आलम, रफीक अंसारी और मोहम्मद सद्दाम — तीन तस्करों को मौके पर गिरफ्तार किया।
- मुख्य आरोपी मो. वाहिद और दो अन्य संदिग्ध अभी भी फरार हैं, तलाश जारी है।
- जांच में सामने आया कि वाहिद नेपाल से आकर ड्रग्स का कारोबार चलाता था और वर्षों से सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था।
- पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की।
- किशनगंज की नेपाल और बांग्लादेश से लगती सीमा इसे ड्रग तस्करी का संवेदनशील ट्रांजिट रूट बनाती है।
किशनगंज, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने रविवार को एक बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पोठिया थाना क्षेत्र के फुलवाड़ी तैयबपुर गांव स्थित एक मकान से 515.670 ग्राम हेरोइन बरामद की। पुलिस ने इस मामले में तीन तस्करों को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि दो अन्य संदिग्ध भागने में सफल रहे।
कैसे हुई छापेमारी की कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह के सदस्य अवैध नशीले पदार्थों की बड़ी खेप की खरीद-बिक्री के लिए फुलवाड़ी तैयबपुर निवासी मो. वाहिद के घर पर जमा होने वाले हैं। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर विशेष छापामारी दल ने बड़ापोखर के निकट स्थित वाहिद के मकान को घेर लिया। पुलिस को देखते ही घर में मौजूद पांच संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, जिनमें से तीन को तुरंत पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार तस्कर और बरामदगी का ब्योरा
गिरफ्तार किए गए तीन तस्करों में रहवर आलम, रफीक अंसारी और मोहम्मद सद्दाम शामिल हैं। तीनों किशनगंज जिले के ही निवासी बताए जाते हैं। मकान की गहन तलाशी के दौरान 515.670 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मो. वाहिद से थोक में मादक पदार्थ खरीदते थे और फिर उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर अपने-अपने इलाकों में खुदरा बिक्री करते थे। यह एक संगठित सप्लाई चेन का हिस्सा था।
नेपाल से जुड़ा है तस्करी का तार
थाना प्रभारी अंजय अमन ने बताया कि पोठिया थाना पुलिस लंबे समय से इस अवैध कारोबार पर नजर रखे हुई थी। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मो. वाहिद का परिवार नेपाल में रहता है और वह नेपाल से आकर यहां ड्रग्स की खरीद-बिक्री करता था।
सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह कई वर्षों से सुनियोजित सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा था और बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त था। किशनगंज की नेपाल और बांग्लादेश दोनों से लगती सीमा इस क्षेत्र को ड्रग तस्करों के लिए संवेदनशील गलियारा बनाती है।
व्यापक संदर्भ: किशनगंज में ड्रग तस्करी की बढ़ती चुनौती
गौरतलब है कि किशनगंज बिहार का वह जिला है जो नेपाल, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमाओं से सटा है। यह भौगोलिक स्थिति इसे ड्रग तस्करों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट रूट बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल के रास्ते भारत में हेरोइन की आवक पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
बिहार पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सीमावर्ती जिलों में ड्रग जब्ती के मामलों में वृद्धि देखी गई है। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि स्थानीय स्तर पर छोटे तस्कर बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ी के रूप में काम करते हैं।
आगे की कार्रवाई
थाना प्रभारी अंजय अमन ने स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। मुख्य आरोपी मो. वाहिद की तलाश में पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।
इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि यह गिरोह किन-किन राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाए हुए था और इसके तार किन बड़े सप्लायरों से जुड़े हैं। पुलिस द्वारा अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे सिंडिकेट की पूरी तस्वीर सामने आने की संभावना है।