बड़ा फैसला: हरभजन सिंह और अशोक मित्तल को CRPF ने दी 'वाई कैटेगरी' सुरक्षा, AAP कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद केंद्र सक्रिय

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बड़ा फैसला: हरभजन सिंह और अशोक मित्तल को CRPF ने दी 'वाई कैटेगरी' सुरक्षा, AAP कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद केंद्र सक्रिय

सारांश

केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लिए जाने के घंटों बाद राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह और अशोक मित्तल को CRPF की 'वाई कैटेगरी' सुरक्षा दी। AAP कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद यह कदम उठाया गया। राघव चड्ढा के BJP में शामिल होने के दावे के बाद AAP में सियासी भूचाल आया हुआ है।

Key Takeaways

  • केंद्र सरकार ने 26 अप्रैल को राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह और अशोक मित्तल को CRPF की 'वाई कैटेगरी' सुरक्षा प्रदान की।
  • पंजाब की भगवंत मान सरकार ने इसी दिन हरभजन सिंह की राज्य-प्रदत्त सुरक्षा वापस ले ली थी।
  • राघव चड्ढा ने दावा किया कि 7 AAP राज्यसभा सांसद — जिनमें हरभजन सिंह और अशोक मित्तल शामिल हैं — BJP में शामिल होने वाले हैं।
  • AAP कार्यकर्ताओं ने दोनों सांसदों के आवास के बाहर पुतला दहन और प्रदर्शन किया।
  • डॉ. अशोक मित्तल को हाल ही में राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में AAP का डिप्टी लीडर नियुक्त किया गया था।
  • यह घटना दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद AAP के लिए एक और बड़े संगठनात्मक संकट का संकेत है।

नई दिल्ली, 26 अप्रैल: केंद्र सरकार ने रविवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह और अशोक मित्तल को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की ओर से 'वाई कैटेगरी' की सुरक्षा मुहैया कराई। यह फैसला उस वक्त आया जब भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने महज कुछ घंटे पहले ही हरभजन सिंह की राज्य-प्रदत्त सुरक्षा वापस ले ली थी। आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं द्वारा दोनों सांसदों के आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं।

क्यों वापस ली गई थी सुरक्षा?

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा किया था कि वे आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ 7 राज्यसभा सांसद BJP का दामन थामने वाले हैं।

चड्ढा ने जिन सांसदों के नाम लिए उनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। इस बयान के बाद AAP के भीतर भूचाल आ गया।

AAP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन और सुरक्षा संकट

राघव चड्ढा के बयान के बाद AAP कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह और अशोक मित्तल के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुतले फूंके और जमकर नारेबाजी की।

इस हंगामे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दोनों सांसदों के आवास के बाहर CRPF जवान तैनात किए। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से दोनों को 'वाई कैटेगरी' सुरक्षा कवच प्रदान किया।

अशोक मित्तल की राजनीतिक पृष्ठभूमि

डॉ. अशोक मित्तल अप्रैल 2022 में राज्यसभा के सांसद बने थे। तब से वे कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि AAP ने हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाकर डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

यह नियुक्ति स्वयं में राजनीतिक संदेश देती है — पार्टी ने चड्ढा की जगह मित्तल को आगे बढ़ाया, लेकिन अब मित्तल का नाम भी पाला बदलने वाले सांसदों में लिया जा रहा है।

AAP में राजनीतिक उथल-पुथल और व्यापक संदर्भ

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आम आदमी पार्टी पहले से ही दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी के लिए यह एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।

गौरतलब है कि पंजाब AAP के लिए इकलौता बड़ा राज्य बचा है जहां उनकी सरकार है। ऐसे में राज्यसभा सांसदों का पाला बदलना पार्टी की राष्ट्रीय साख पर सवाल खड़े करता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये सांसद वास्तव में BJP में शामिल होते हैं, तो राज्यसभा में AAP की ताकत और कमजोर होगी, जिसका सीधा असर पार्टी की संसदीय रणनीति पर पड़ेगा।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि हरभजन सिंह और अशोक मित्तल अपनी पार्टी की सदस्यता को लेकर क्या रुख अपनाते हैं और क्या AAP इस राजनीतिक संकट को संभाल पाती है।

Point of View

बल्कि राज्य बनाम केंद्र की उस राजनीतिक जंग का नया मोर्चा है जो AAP और BJP के बीच वर्षों से चली आ रही है। विडंबना यह है कि जिस अशोक मित्तल को AAP ने राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बनाया, उन्हीं का नाम BJP में जाने वालों में है — यह पार्टी की आंतरिक खुफिया विफलता को उजागर करता है। दिल्ली चुनाव में ऐतिहासिक हार के बाद AAP के लिए राज्यसभा ही एकमात्र राष्ट्रीय मंच बचा था — और अब वहां भी दरारें साफ दिख रही हैं।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

हरभजन सिंह को CRPF की 'वाई कैटेगरी' सुरक्षा क्यों दी गई?
AAP कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन और पुतला दहन किया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हुईं। पंजाब सरकार द्वारा राज्य-सुरक्षा वापस लेने के कुछ घंटों बाद केंद्र सरकार ने CRPF की 'वाई कैटेगरी' सुरक्षा प्रदान की।
राघव चड्ढा ने किन AAP सांसदों के BJP में जाने का दावा किया?
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खुद उनके अलावा संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता सहित कुल 7 राज्यसभा सांसद BJP में शामिल होने वाले हैं। इस बयान के बाद AAP में सियासी हलचल तेज हो गई।
अशोक मित्तल कौन हैं और AAP में उनकी क्या भूमिका है?
डॉ. अशोक मित्तल अप्रैल 2022 से राज्यसभा सांसद हैं और कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं। AAP ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर उन्हें राज्यसभा में पार्टी का डिप्टी लीडर नियुक्त किया था।
पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सुरक्षा क्यों वापस ली?
भगवंत मान सरकार ने हरभजन सिंह की राज्य-प्रदत्त सुरक्षा वापस ली, जिसे राजनीतिक विश्लेषक AAP नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देख रहे हैं। हरभजन का नाम BJP में जाने वाले सांसदों में लिया जा रहा है।
AAP में इस राजनीतिक संकट का क्या असर होगा?
यदि 7 राज्यसभा सांसद वास्तव में BJP में शामिल होते हैं तो राज्यसभा में AAP की संसदीय ताकत और कमजोर होगी। दिल्ली चुनाव में हार के बाद यह पार्टी के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।
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