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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने PM मोदी से मिलकर मांगी ₹38,595 करोड़ मेट्रो, RRR और IIM की मंजूरी

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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने PM मोदी से मिलकर मांगी ₹38,595 करोड़ मेट्रो, RRR और IIM की मंजूरी

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 11 जून को PM मोदी से मिलकर एक साथ छह बड़े प्रस्ताव रखे — ₹38,595 करोड़ की हैदराबाद मेट्रो, RRR के दोनों कॉरिडोर, 12 लेन एक्सप्रेसवे, वारंगल एयरपोर्ट, IIM और गोदावरी जल समन्वय। केंद्र की हाँ या ना तेलंगाना के अगले दशक की विकास दिशा तय करेगी।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
हैदराबाद मेट्रो चरण-2 के लिए ₹38,595 करोड़ का प्रस्ताव — 7 कॉरिडोर , 122.9 किमी विस्तार।
RRR उत्तरी हिस्से के लिए NHAI को ₹626 करोड़ जारी; 90% से अधिक भूमि अधिग्रहण पूर्ण।
हैदराबाद-अमरावती-बंदरगाह एक्सप्रेसवे — 12 लेन , 120 मीटर राइट ऑफ वे — तेलंगाना को समुद्री संपर्क देगा।
वारंगल एयरपोर्ट के लिए भूमि AAI को सौंपी गई; शीघ्र निर्माण शुरू करने की माँग।
हैदराबाद में IIM स्थापना के लिए राज्य सरकार 200 एकड़ भूमि देने को तैयार।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य की कई अहम बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति और सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस बैठक में हैदराबाद मेट्रो विस्तार, रीजनल रिंग रोड, एक्सप्रेसवे, वारंगल हवाई अड्डा और IIM की स्थापना सहित कई महत्वाकांक्षी प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

हैदराबाद मेट्रो चरण-2: ₹38,595 करोड़ का प्रस्ताव

रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री से हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी देने का अनुरोध किया। CMO के अनुसार, 7 कॉरिडोरों में 122.9 किलोमीटर के मेट्रो विस्तार के लिए ₹38,595 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जा चुका है। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्वीकृति देने की माँग की।

हैदराबाद रीजनल रिंग रोड: उत्तर और दक्षिण दोनों को साथ मंजूरी की माँग

मुख्यमंत्री ने हैदराबाद रीजनल रिंग रोड (RRR) परियोजना को तत्काल मंजूरी देने की अपील की। उन्होंने बताया कि RRR के उत्तरी हिस्से के लिए भूमि अधिग्रहण लागत का 50 प्रतिशत वहन करने पर राज्य सहमत है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को ₹626 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। उत्तरी हिस्से के 90 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि चौटुप्पल से संगारेड्डी तक प्रस्तावित दक्षिणी कॉरिडोर के पूरा होने से हैदराबाद का परिवहन नेटवर्क और सुदृढ़ होगा। उन्होंने बताया कि एलाइनमेंट मैप और HMDA मास्टर प्लान की अधिसूचनाएँ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को पहले ही भेजी जा चुकी हैं और उत्तर-दक्षिण दोनों कॉरिडोरों को एक साथ स्वीकृति दी जाए।

हैदराबाद-अमरावती-बंदरगाह एक्सप्रेसवे और वारंगल हवाई अड्डा

मुख्यमंत्री ने हैदराबाद-अमरावती-बंदरगाह एक्सप्रेसवे को मंजूरी देने का भी अनुरोध किया। उनके अनुसार, 120 मीटर राइट ऑफ वे वाला यह प्रस्तावित 12 लेन का एक्सप्रेसवे भूमि-आबद्ध (landlocked) तेलंगाना को बंदरगाह संपर्क प्रदान करेगा, जिससे फार्मास्युटिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के निर्यात को बड़ा लाभ मिलेगा।

रेवंत रेड्डी ने वारंगल हवाई अड्डे के निर्माण को शीघ्र आरंभ करने की माँग भी रखी। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण पूरा कर भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को सौंप दी गई है। उनके अनुसार, वारंगल एयरपोर्ट के संचालन से उत्तर तेलंगाना के औद्योगिक, शैक्षणिक और पर्यटन क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।

गोदावरी जल उपयोग और IIM की स्थापना

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से महाराष्ट्र सरकार के साथ समन्वय कर गोदावरी नदी के जल का सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं के लिए प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि भविष्य की जल ज़रूरतों को देखते हुए गोदावरी जल का बेहतर प्रबंधन तेलंगाना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना की माँग भी रखी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को तैयार है। तेलंगाना पहले से ही IIT, IIIT, NALSAR और TIFR जैसे राष्ट्रीय संस्थानों का केंद्र है और IIM की स्थापना से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को बल मिलेगा।

आगे क्या होगा

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार केंद्र के साथ बुनियादी ढाँचा सहयोग को प्राथमिकता दे रही है। गौरतलब है कि हैदराबाद मेट्रो चरण-2 और RRR जैसी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय मंजूरी लंबे समय से लंबित है। केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ₹38,595 करोड़ की मेट्रो और RRR जैसी लंबित फाइलें अब कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती हैं। हैदराबाद-अमरावती एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव आंध्र प्रदेश से जुड़ा होने के कारण अंतर-राज्यीय समन्वय की एक और परत जोड़ता है। बिना केंद्रीय स्वीकृति के ये परियोजनाएँ कागज़ों पर ही रहेंगी — और तेलंगाना के मतदाताओं को दिए वादे अधूरे।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने PM मोदी से क्या-क्या माँगा?
रेवंत रेड्डी ने 11 जून 2026 को PM मोदी से मिलकर हैदराबाद मेट्रो चरण-2 (₹38,595 करोड़), हैदराबाद RRR के उत्तर-दक्षिण दोनों कॉरिडोर, हैदराबाद-अमरावती-बंदरगाह एक्सप्रेसवे, वारंगल हवाई अड्डे के निर्माण, हैदराबाद में IIM की स्थापना और गोदावरी जल के बेहतर उपयोग के लिए केंद्र की मंजूरी और सहयोग माँगा।
हैदराबाद मेट्रो चरण-2 की लागत और विस्तार कितना है?
CMO के अनुसार, हैदराबाद मेट्रो चरण-2 के तहत 7 कॉरिडोरों में 122.9 किलोमीटर का विस्तार प्रस्तावित है, जिसके लिए ₹38,595 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। इसे केंद्र और राज्य के संयुक्त उपक्रम के रूप में मंजूरी देने की माँग की गई है।
हैदराबाद रीजनल रिंग रोड (RRR) की वर्तमान स्थिति क्या है?
RRR के उत्तरी हिस्से के लिए राज्य सरकार ने NHAI को ₹626 करोड़ जारी किए हैं और 90% से अधिक भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। दक्षिणी कॉरिडोर (चौटुप्पल से संगारेड्डी) के एलाइनमेंट मैप और HMDA मास्टर प्लान की अधिसूचनाएँ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजी जा चुकी हैं।
हैदराबाद-अमरावती-बंदरगाह एक्सप्रेसवे तेलंगाना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
तेलंगाना एक भूमि-आबद्ध राज्य है जिसकी कोई समुद्री सीमा नहीं है। प्रस्तावित 12 लेन, 120 मीटर राइट ऑफ वे वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य को बंदरगाह संपर्क देगा, जिससे फार्मास्युटिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के निर्यात को सीधा लाभ मिलेगा।
तेलंगाना में IIM की स्थापना के लिए क्या प्रस्ताव दिया गया है?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में IIM स्थापित करने की माँग रखी है और कहा कि राज्य सरकार इसके लिए 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को तैयार है। उन्होंने तर्क दिया कि तेलंगाना पहले से IIT, IIIT, NALSAR और TIFR जैसे संस्थानों का केंद्र है और IIM राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को मजबूत करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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