हैदराबाद मेट्रो विस्तार: रेवंत रेड्डी ने जी. किशन रेड्डी पर लगाया मंजूरी रोकने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 7 जून 2026 को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी पर सीधा आरोप लगाया कि वे हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने में जानबूझकर बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। यह आरोप हैदराबाद के उप्पल में ₹1,511 करोड़ की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास के बाद आयोजित एक जनसभा में लगाए गए।
मुख्य आरोप और दावे
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जी. किशन रेड्डी दिन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता के रूप में काम करते हैं, लेकिन रात में भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता केटी रामाराव (KTR) और उनकी पार्टी के हितों को आगे बढ़ाते हैं। रेवंत रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनकी मुलाकात न हो पाने के पीछे भी जी. किशन रेड्डी की भूमिका थी।
उन्होंने बताया कि वे तुम्मिडीहट्टी बैराज परियोजना पर महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा करना चाहते थे, परंतु कथित तौर पर जी. किशन रेड्डी ने फडणवीस को मुलाकात से मना किया।
केंद्र से लंबित मंजूरियाँ
रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख परियोजनाओं — हैदराबाद मेट्रो विस्तार, रीजनल रिंग रोड (RRR) और मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना — को शीघ्र मंजूरी देने की माँग की। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में वे इन परियोजनाओं के लिए करीब 50 बार दिल्ली जा चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हैदराबाद के मतदाताओं ने जी. किशन रेड्डी को इसीलिए वोट दिया था कि वे मेट्रो विस्तार और मूसी परियोजना के लिए केंद्र से मंजूरी और फंड दिलाने में विफल रहें।
मूसी रिवरफ्रंट परियोजना का बचाव
मूसी परियोजना की आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में साबरमती, उत्तर प्रदेश में गंगा और दिल्ली में यमुना के किनारे विकास कार्य हो सकते हैं, तो मूसी नदी का विकास क्यों नहीं। उन्होंने बताया कि गांडीपेट से गोवरेली तक 55 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवरफ्रंट विकसित होने से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी मूसी परियोजना में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि नदी किनारे घर खो चुके परिवारों को आवास व शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों में भी रुकावट पैदा की जा रही है।
किसानों के धान-मक्का खरीद का मुद्दा
रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 70 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद चुकी है, जबकि शेष 25 लाख मीट्रिक टन की खरीद केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र से बचा हुआ धान और मक्का खरीदने की अपील करते हुए पूछा कि क्या किसानों के हितों की रक्षा करना केंद्रीय मंत्री का दायित्व नहीं है।
आगे की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 जून के बाद राज्य सरकार सभी लंबित परियोजनाओं को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना और केंद्र सरकार के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।