26 जुलाई 2026
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हैदराबाद मेट्रो विस्तार: रेवंत रेड्डी ने जी. किशन रेड्डी पर लगाया मंजूरी रोकने का आरोप

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हैदराबाद मेट्रो विस्तार: रेवंत रेड्डी ने जी. किशन रेड्डी पर लगाया मंजूरी रोकने का आरोप

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उप्पल की जनसभा में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी पर हैदराबाद मेट्रो विस्तार की मंजूरी रोकने और BRS के हितों के लिए काम करने का सीधा आरोप लगाया। ₹1,511 करोड़ के शिलान्यास के बाद दिया यह बयान राज्य-केंद्र संबंधों में नई कड़वाहट का संकेत है।

मुख्य बातें

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी ने 7 जून 2026 को केंद्रीय मंत्री जी.
किशन रेड्डी पर हैदराबाद मेट्रो विस्तार की मंजूरी रोकने का आरोप लगाया।
रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि जी.
किशन रेड्डी BJP में रहते हुए BRS नेता KTR के हितों के लिए काम करते हैं।
राज्य सरकार अब तक 70 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद चुकी है; शेष 25 लाख मीट्रिक टन केंद्र को खरीदनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पिछले ढाई वर्षों में करीब 50 बार दिल्ली जाकर मेट्रो, RRR और मूसी परियोजना की मंजूरी माँग चुके हैं।
15 जून के बाद लंबित परियोजनाओं पर विस्तृत कार्ययोजना की घोषणा होगी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 7 जून 2026 को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी पर सीधा आरोप लगाया कि वे हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने में जानबूझकर बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। यह आरोप हैदराबाद के उप्पल में ₹1,511 करोड़ की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास के बाद आयोजित एक जनसभा में लगाए गए।

मुख्य आरोप और दावे

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जी. किशन रेड्डी दिन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता के रूप में काम करते हैं, लेकिन रात में भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता केटी रामाराव (KTR) और उनकी पार्टी के हितों को आगे बढ़ाते हैं। रेवंत रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनकी मुलाकात न हो पाने के पीछे भी जी. किशन रेड्डी की भूमिका थी।

उन्होंने बताया कि वे तुम्मिडीहट्टी बैराज परियोजना पर महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा करना चाहते थे, परंतु कथित तौर पर जी. किशन रेड्डी ने फडणवीस को मुलाकात से मना किया।

केंद्र से लंबित मंजूरियाँ

रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख परियोजनाओं — हैदराबाद मेट्रो विस्तार, रीजनल रिंग रोड (RRR) और मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना — को शीघ्र मंजूरी देने की माँग की। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में वे इन परियोजनाओं के लिए करीब 50 बार दिल्ली जा चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हैदराबाद के मतदाताओं ने जी. किशन रेड्डी को इसीलिए वोट दिया था कि वे मेट्रो विस्तार और मूसी परियोजना के लिए केंद्र से मंजूरी और फंड दिलाने में विफल रहें।

मूसी रिवरफ्रंट परियोजना का बचाव

मूसी परियोजना की आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में साबरमती, उत्तर प्रदेश में गंगा और दिल्ली में यमुना के किनारे विकास कार्य हो सकते हैं, तो मूसी नदी का विकास क्यों नहीं। उन्होंने बताया कि गांडीपेट से गोवरेली तक 55 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवरफ्रंट विकसित होने से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी मूसी परियोजना में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि नदी किनारे घर खो चुके परिवारों को आवास व शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों में भी रुकावट पैदा की जा रही है।

किसानों के धान-मक्का खरीद का मुद्दा

रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 70 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद चुकी है, जबकि शेष 25 लाख मीट्रिक टन की खरीद केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र से बचा हुआ धान और मक्का खरीदने की अपील करते हुए पूछा कि क्या किसानों के हितों की रक्षा करना केंद्रीय मंत्री का दायित्व नहीं है।

आगे की कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 जून के बाद राज्य सरकार सभी लंबित परियोजनाओं को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना और केंद्र सरकार के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

511 करोड़ के शिलान्यास के मंच से इस तरह का सीधा आरोप बताता है कि तेलंगाना सरकार अब प्रतीक्षा की राजनीति छोड़कर टकराव की राजनीति अपना रही है। हालाँकि जी. किशन रेड्डी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, इसलिए इन आरोपों को एकपक्षीय दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि ढाई साल और 50 दिल्ली दौरों के बाद भी मंजूरी क्यों अटकी है — इसका जवाब न तो राज्य सरकार ने दिया, न केंद्र ने।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवंत रेड्डी ने जी. किशन रेड्डी पर क्या आरोप लगाए हैं?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार परियोजना को केंद्र की मंजूरी मिलने में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जी. किशन रेड्डी BJP में रहते हुए BRS नेता KTR के हितों के लिए काम करते हैं।
हैदराबाद मेट्रो विस्तार परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है?
हैदराबाद मेट्रो विस्तार परियोजना केंद्र सरकार की मंजूरी के इंतज़ार में है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के अनुसार, वे पिछले ढाई वर्षों में करीब 50 बार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री मोदी सहित केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी की माँग कर चुके हैं।
मूसी रिवरफ्रंट परियोजना क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
मूसी रिवरफ्रंट परियोजना हैदराबाद में गांडीपेट से गोवरेली तक 55 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवरफ्रंट विकसित करने की योजना है। विपक्षी दल इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं; रेवंत रेड्डी का आरोप है कि वे नदी किनारे विस्थापित परिवारों को आवास और शिक्षा दिलाने के प्रयासों में भी रुकावट पैदा कर रहे हैं।
तेलंगाना में किसानों के अनाज खरीद का मुद्दा क्या है?
रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार 70 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद चुकी है, जबकि शेष 25 लाख मीट्रिक टन की खरीद केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से किसानों का बचा हुआ धान और मक्का खरीदने की माँग की।
रीजनल रिंग रोड (RRR) परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है?
रेवंत रेड्डी के अनुसार रीजनल रिंग रोड तेलंगाना को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की क्षमता रखती है। यह परियोजना भी हैदराबाद मेट्रो विस्तार और मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना के साथ केंद्र की मंजूरी की प्रतीक्षा में है।
राष्ट्र प्रेस
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