रेवंत रेड्डी का BRS और BJP को खुली चुनौती: '30 महीने बनाम 10 साल' पर बहस करें
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार, 8 जून को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वे अपनी सरकार के 30 महीनों के कार्यकाल की तुलना BRS के 10 साल के शासन और केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल के प्रदर्शन से करने को तैयार हैं।
बहस की चुनौती और राजनीतिक संदर्भ
यह बयान साइबराबाद नगर निगम और अन्य विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद दिए गए संबोधन में आया। रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना से चुने गए आठ BJP सांसदों को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा, 'इन आठ भाजपा सांसदों ने तेलंगाना के लिए क्या किया है? वे मुझसे पूछ रहे हैं कि मैंने दो साल में क्या किया है। आपने क्या किया है? आइए चर्चा करें कि तेलंगाना के लिए फंड किसने जुटाया।'
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच राज्य को केंद्रीय निधि आवंटन को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है।
किशन रेड्डी पर सीधे आरोप
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और तेलंगाना के अन्य BJP सांसदों पर राज्य के विकास के लिए केंद्रीय निधि जारी करने में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'चेवेल्ला, मेडक और मलकाजगिरि का प्रतिनिधित्व करने वाले BJP सांसद और सिकंदराबाद से सांसद चुने गए किशन रेड्डी प्रधानमंत्री मोदी से धनराशि क्यों नहीं मांग रहे थे? क्या किशन रेड्डी तेलंगाना के विकास के लिए धनराशि के प्रवाह में बाधा नहीं डाल रहे थे?'
रेवंत रेड्डी ने यह भी दावा किया कि किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में राज्य के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की — और उन्होंने इन त्वरित मुलाकातों का कारण जानना चाहा। उन्होंने मूसी नदी परियोजना का हवाला देते हुए कहा कि जब पीएम मोदी ने गुजरात में साबरमती नदी के विकास की सराहना पाई, तो उसी तर्ज पर चलने वाली मूसी परियोजना में बाधा क्यों डाली जा रही है।
हैदराबाद के विकास का खाका
मुख्यमंत्री ने हैदराबाद को तीन नगर निगमों में विभाजित करने के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि यह बढ़ते शहर की भविष्य की ज़रूरतों और पुलिस व नगर निगम विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए ज़रूरी कदम है। उन्होंने दिल्ली (प्रदूषण), मुंबई (बाढ़) और बेंगलुरु-चेन्नई-कोलकाता (यातायात) की समस्याओं का उल्लेख करते हुए हैदराबाद को एक व्यवस्थित 'वैश्विक शहर' बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने घोषणा की कि गजुलारामारम में 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय बस टर्मिनल का निर्माण तीन महीने में शुरू होगा। इसके अलावा, मेट्रो रेल के दूसरे चरण का काम शुरू किया जा रहा है और शहर की सीमा के भीतर निम्न व मध्यम आय वर्ग के लिए 1 लाख मकान बनाए जाएंगे।
सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख
रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों में स्कूल से इंटरमीडिएट स्तर तक के छात्रों के लिए नाश्ता योजना, आरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, 'इंदिरा महिला शक्ति' के तहत साढ़े तीन एकड़ में 150 स्टॉल और महिलाओं को पेट्रोल पंप आवंटन का जिक्र किया। गरीब छात्रों के लिए यंग इंडिया आवासीय स्कूल और तेलंगाना पब्लिक स्कूल की स्थापना भी की जा रही है।
चेतावनी और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि केंद्रीय मंत्री राज्य के विकास में बाधा डालते रहे, तो जनता BJP के खिलाफ अपना जनादेश देगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) और किशन रेड्डी को सलाह दी कि वे 'भ्रष्टाचार और अहंकार' से तेलंगाना के लोगों को नुकसान पहुंचाना बंद करें और रचनात्मक सुझाव दें। रेवंत रेड्डी ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार अगले 24 महीनों में राजनीति से ऊपर उठकर केवल हैदराबाद और तेलंगाना के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।