क्या केटीआर ने सीएम रेवंत रेड्डी को बहस के लिए चुनौती दी?

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क्या केटीआर ने सीएम रेवंत रेड्डी को बहस के लिए चुनौती दी?

सारांश

केटीआर ने सीएम रेवंत रेड्डी को बहस का आमंत्रण दिया है, जिसमें किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही है। क्या रेवंत इस चुनौती को स्वीकार करेंगे? जानिए इस बहस में क्या मुद्दे उठेंगे और दोनों पक्षों की स्थिति क्या है।

मुख्य बातें

केटीआर ने रेवंत को बहस के लिए चुनौती दी है।
किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए दोनों पक्ष तैयार हैं।
सोमाजीगुडा प्रेस क्लब में बहस का आयोजन होगा।
यह बहस तेलंगाना के कृषि मुद्दों पर केंद्रित होगी।
केसीआर की बीआरएस सरकार ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

हैदराबाद, 5 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री केटीआर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी को बहस करने का चुनौती दी है।

उन्होंने कहा, "किसानों के कल्याण पर किसी भी चर्चा के लिए हम तैयार हैं। रेवंत को जो भी जगह, समय और तारीख पसंद हैं, उन्हें चुनने दें। उन्हें बुनियादी बातें भी नहीं पता हैं। वह किसानों को खाद उपलब्ध कराने में असमर्थ हैं, उनकी सरकार सभी मोर्चों पर असफल साबित हुई है। क्या रेवंत चाहते हैं कि केसीआर (मेरे पिता) उनसे बहस के लिए आएं? रेवंत को अपने स्तर पर केसीआर से बहस करने की जरूरत नहीं है, रेवंत से बहस के लिए हम हीं काफी हैं। हम किसी भी समय चर्चा के लिए तैयार हैं। हम सोमाजीगुडा प्रेस क्लब में चर्चा के लिए तैयार हैं। हम प्रेस क्लब में सीएम रेवंत के लिए कुर्सी लगाएंगे। अगर उनमें हिम्मत है तो इस महीने की 8 तारीख को सुबह 11 बजे चर्चा के लिए आएं।"

केटीआर ने दावा किया कि स्वतंत्र भारत में किसी भी सरकार ने किसानों के लिए उतना काम नहीं किया जितना केसीआर के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार ने किया है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनियन में अपने हालिया भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि यहां तक ​​कि ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर भी हमारी योजनाओं से प्रभावित थे।"

उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस ने अपने रायथू घोषणापत्र को पूरा किया है, जो चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी द्वारा किसानों से किए गए वादों का एक सेट है।

मोदी सरकार की बयानबाजी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाषण से नतीजे नहीं मिलते हैं। इसके बजाय भारत को राष्ट्रीय स्तर पर पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव द्वारा तेलंगाना के किसान-केंद्रित मॉडल को लागू करने की आवश्यकता है। आज भारत को उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नहीं, बल्कि कृषि प्रणाली की बेहतर समझ की जरूरत है।

आपको बता दें, 4 जुलाई को एलबी स्टेडियम की रैली में रेवंत रेड्डी ने केसीआर और केटीआर दोनों को अपने-अपने रिकॉर्ड पर बहस करने की चुनौती दी थी तथा बीआरएस पर कृषि क्षेत्र में विफल होने का आरोप लगाया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने रेवंत को कब बहस करने के लिए चुनौती दी?
केटीआर ने रेवंत को 5 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहस करने के लिए चुनौती दी।
केटीआर बहस के लिए किस स्थान की पेशकश कर रहे हैं?
केटीआर ने सोमाजीगुडा प्रेस क्लब को बहस के लिए स्थान के रूप में पेश किया है।
क्या रेवंत ने पहले भी केटीआर को चुनौती दी थी?
जी हां, रेवंत ने 4 जुलाई को एलबी स्टेडियम की रैली में केटीआर को बहस की चुनौती दी थी।
राष्ट्र प्रेस
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