किशन रेड्डी ने रेवंत के मेट्रो आरोप किए खारिज, बोले — केंद्र ने हमेशा तेलंगाना की मदद की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार, 16 जून 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया, जिनमें कहा गया था कि हैदराबाद मेट्रो के दो नए फेज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार अपेक्षित सहायता नहीं दे रही। किशन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि केंद्र ने हर सरकार के कार्यकाल में राज्य की परियोजनाओं में सहयोग दिया है और किसी भी परियोजना को लेकर कोताही नहीं बरती गई।
मेट्रो राजस्व विवाद: केंद्र का रुख
किशन रेड्डी ने मेट्रो के वित्तीय प्रबंधन पर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, मेट्रो परिचालन से प्राप्त राजस्व — चाहे वह टिकट बिक्री से हो या विज्ञापन से — का उपयोग सबसे पहले मेट्रो के परिचालन खर्चों को पूरा करने में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का तर्क है कि वह पहले लोन चुकाएगी, जबकि केंद्र की राय है कि मेट्रो की आय से पहले मेट्रो के खर्च निपटाए जाएं और शेष राशि से ऋण का भुगतान किया जाए।
उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा स्थिति में मेट्रो के रखरखाव के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के लिए मेट्रो की अहमियत को देखते हुए विस्तार कार्य जारी है। केंद्र की ओर से परियोजना को तब तक रोका गया है जब तक राज्य अपनी वित्तीय स्थिति की समीक्षा नहीं करता।
तेलंगाना की आर्थिक स्थिति पर तीखा हमला
किशन रेड्डी ने तेलंगाना की वित्तीय हालत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, 10 साल के के. चंद्रशेखर राव (KCR) के शासन और उसके बाद ढाई साल की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य पर लगभग ₹13 लाख करोड़ का कर्ज हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास अपने कर्मचारियों का वेतन देने, सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने और यहाँ तक कि स्ट्रीट लाइट बदलने तक के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं है।
गौरतलब है कि ये आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब तेलंगाना सरकार केंद्र पर मेट्रो फंडिंग रोकने का आरोप लगा रही है। किशन रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अपनी विफलताओं का दोष दूसरों पर नहीं डालना चाहिए और जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
कांग्रेस की गारंटियों पर सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी ने केवल गारंटियों के नाम पर जनता को भ्रमित करने का काम किया। उनके अनुसार, रेवंत रेड्डी सरकार द्वारा दी गई छह गारंटियों और अन्य उपगारंटियों में से अब तक एक भी पूरी नहीं की गई है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का भी उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भी कांग्रेस सरकार ने अपनी गारंटियाँ पूरी नहीं की हैं।
कोयला विवाद पर सफाई
किशन रेड्डी ने कोयला मामले पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई कोल स्कैम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी यूनियन ने उन्हें पत्र लिखकर हिसाब-किताब में गड़बड़ी की बात कही थी, जिसके बाद उन्होंने राज्य सरकार को जाँच कराने का पत्र भेजा है ताकि लगाए जा रहे आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
आगे क्या होगा
केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच मेट्रो फंडिंग को लेकर यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। केंद्रीय मंत्री की सलाह है कि राज्य सरकार पहले अपनी वित्तीय स्थिति सुधारे, जिसके बाद परियोजना पर आगे बढ़ा जा सके। हैदराबाद मेट्रो के दूसरे और तीसरे फेज की भविष्य की राह इस वित्तीय विवाद के समाधान पर निर्भर करेगी।