हैदराबाद मेट्रो के लिए ₹13,600 करोड़ का IRFC ऋण: रेवंत रेड्डी ने रेल मंत्री वैष्णव से की अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 22 जून 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना के लिए भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) से ₹13,600 करोड़ के ऋण हस्तांतरण पर चर्चा की। इस बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी भी उपस्थित रहे।
बैठक का ब्यौरा और सरकारी बयान
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा सोमवार रात जारी बयान के अनुसार, बैठक में हुई चर्चा सकारात्मक रही। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए रेवंत रेड्डी ने रेल मंत्री के साथ हुई बातचीत को रचनात्मक बताया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे मंगलवार सुबह केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे, ताकि इस मुद्दे पर आगे की बातचीत हो सके।
₹13,600 करोड़ के ऋण विवाद की पृष्ठभूमि
यह बैठक उस माँग के एक सप्ताह बाद हुई, जिसमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र से हैदराबाद मेट्रो रेल के प्रथम चरण के लिए सावधि ऋण पुनर्वित्त हेतु ₹13,600 करोड़ बिना किसी देरी के जारी करने की मांग की थी। यह परियोजना राज्य सरकार ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) से अधिग्रहित की थी।
रेवंत रेड्डी के अनुसार, यह ₹13,600 करोड़ का ऋण एक जापानी कंपनी से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया गया था और इसे IRFC के माध्यम से राज्य सरकार को हस्तांतरित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि जापानी एजेंसी ने IRFC को धनराशि जारी कर दी, लेकिन निगम ने उसे राज्य सरकार को हस्तांतरित नहीं किया।
आरोप और राजनीतिक विवाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मंजूरी के लिए पत्र भी जमा किया था, फिर भी ऋण हस्तांतरण रोका गया। उन्होंने किशन रेड्डी पर धनराशि जारी करने में देरी के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि किशन रेड्डी सोमवार की इसी बैठक में उपस्थित थे, जो इस राजनीतिक विवाद को और पेचीदा बनाता है।
रेवंत रेड्डी ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी और सांसद एटाला राजेंद्र से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की थी कि तेलंगाना को उसका उचित हिस्सा मिले।
मेट्रो के द्वितीय चरण पर केंद्र की भूमिका
मुख्यमंत्री ने केंद्र से यह स्पष्टीकरण भी माँगा है कि क्या वह हैदराबाद मेट्रो परियोजना के द्वितीय चरण में वित्तीय भागीदार के रूप में शामिल होगा। यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि शहरी विस्तार और बढ़ती यात्री माँग के मद्देनज़र हैदराबाद के मेट्रो नेटवर्क का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता बन चुका है।
आगे की राह
मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ होने वाली बैठक से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि केंद्र सरकार IRFC ऋण हस्तांतरण और द्वितीय चरण की भागीदारी पर क्या रुख अपनाती है। हैदराबाद मेट्रो के लाखों दैनिक यात्रियों के लिए यह वित्तीय गतिरोध सीधे तौर पर परियोजना के भविष्य से जुड़ा है।