31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हैदराबाद मेट्रो: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने IRFC से ₹13,600 करोड़ तुरंत जारी करने की मांग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हैदराबाद मेट्रो: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने IRFC से ₹13,600 करोड़ तुरंत जारी करने की मांग की

सारांश

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने IRFC से ₹13,600 करोड़ की मेट्रो ऋण राशि रोके जाने पर केंद्र को घेरा — किशन रेड्डी पर राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया। जापानी एजेंसी धन जारी कर चुकी, पर राज्य को अब तक नहीं मिला। द्वितीय चरण पर NOC की मांग भी उठाई।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 15 जून को केंद्र से IRFC के माध्यम से ₹13,600 करोड़ तुरंत जारी करने की मांग की।
एक जापानी एजेंसी यह धनराशि IRFC को पहले ही दे चुकी है; 1 जून तक राज्य को हस्तांतरण होना था।
राज्य ने 25 मई को IRFC के साथ सावधि ऋण पुनर्वित्त समझौते पर हस्ताक्षर किए; L&T का ₹13,538.53 करोड़ ऋण पुनर्वित्त होना था।
CM ने केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी पर आरोप लगाया कि उन्होंने 20-21 मई को केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर धन रोकने का आग्रह किया।
केंद्र ने अहमदाबाद, उत्तर प्रदेश और विशाखापत्तनम की मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी, तेलंगाना को नहीं।
यदि केंद्र द्वितीय चरण में भागीदारी नहीं करेगा, तो राज्य ने NOC माँगते हुए स्वयं विस्तार करने की तैयारी जताई।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार, 15 जून को केंद्र सरकार से मांग की कि हैदराबाद मेट्रो रेल के प्रथम चरण के लिए भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) द्वारा ₹13,600 करोड़ की सावधि ऋण पुनर्वित्त राशि बिना किसी विलंब के राज्य सरकार को हस्तांतरित की जाए। यह ऋण राज्य सरकार ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) से लिया था और एक जापानी एजेंसी पहले ही यह धनराशि IRFC को जारी कर चुकी है।

विवाद की पृष्ठभूमि

राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 में ₹1,461 करोड़ में L&T से हैदराबाद मेट्रो रेल के प्रथम चरण का औपचारिक अधिग्रहण किया था। इसके बाद 25 मई को तेलंगाना सरकार ने IRFC के साथ सावधि ऋण पुनर्वित्त सुविधा के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के अनुसार, 30 अप्रैल तक L&T का ₹13,538.53 करोड़ का ऋण तेलंगाना सरकार की गारंटी के साथ पुनर्वित्त किया जाना था। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह ऋण एक जापानी संस्था से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया गया था और 1 जून तक राज्य सरकार को हस्तांतरित होना था।

केंद्र पर गंभीर आरोप

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेवंत रेड्डी ने खान और कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि किशन रेड्डी ने 20 मई को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल और 21 मई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उनसे आग्रह किया कि धनराशि जारी न की जाए, क्योंकि इससे तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजनीतिक हितों को नुकसान पहुँच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मंजूरी के लिए पत्र भी प्रस्तुत किया, फिर भी ऋण हस्तांतरण रोक दिया गया।

द्वितीय चरण पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग

रेवंत रेड्डी ने केंद्र से यह भी माँग की कि वह स्पष्ट करे कि हैदराबाद मेट्रो के द्वितीय चरण में उसकी भागीदारी होगी या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र को 50 प्रतिशत भागीदारी से आपत्ति है, तो वह अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करे ताकि राज्य सरकार स्वयं विस्तार कार्य कर सके। उन्होंने कहा, 'बस मंजूरी जारी कर दीजिए — हम पूरा खर्च वहन करेंगे।' गौरतलब है कि केंद्र ने अहमदाबाद, उत्तर प्रदेश और विशाखापत्तनम की मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जबकि तेलंगाना को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

राजनीतिक दबाव और अपील

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी और सांसद एटाला राजेंद्र से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने किशन रेड्डी को याद दिलाया कि वे सिकंदराबाद से सांसद हैं और प्रस्तावित मेट्रो विस्तार उनके सहित तीन अन्य BJP सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों से होकर गुज़रता है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब तेलंगाना में केंद्र-राज्य संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और हैदराबाद मेट्रो का विस्तार शहर की बढ़ती यातायात जरूरतों के लिए अहम माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

रेवंत रेड्डी ने किशन रेड्डी से सीधे सवाल किया कि क्या वे ₹13,600 करोड़ जारी करने की जिम्मेदारी लेंगे। यदि केंद्र जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तो तेलंगाना सरकार मेट्रो द्वितीय चरण को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता अख्तियार कर सकती है। इस मामले में केंद्र की प्रतिक्रिया हैदराबाद मेट्रो के भविष्य की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक एकपक्षीय है; केंद्र या किशन रेड्डी की ओर से कोई आधिकारिक खंडन या पुष्टि सामने नहीं आई है। असली सवाल यह है कि जब जापानी एजेंसी धन जारी कर चुकी है और IRFC के साथ समझौता भी हो चुका है, तो हस्तांतरण में विलंब की तकनीकी या कानूनी वजह क्या है — यह स्पष्टता अभी लापता है। यह विवाद एक बड़े पैटर्न की ओर भी इशारा करता है जिसमें गैर-BJP शासित राज्य केंद्रीय परियोजना स्वीकृतियों में भेदभाव का आरोप लगाते रहे हैं। हैदराबाद मेट्रो के विस्तार में देरी अंततः उन्हीं नागरिकों को नुकसान पहुँचाती है जो BJP और कांग्रेस दोनों के निर्वाचन क्षेत्रों में रहते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद मेट्रो के लिए ₹13,600 करोड़ का विवाद क्या है?
एक जापानी एजेंसी ने IRFC को ₹13,600 करोड़ (4% ब्याज दर पर) जारी कर दिए हैं, जो हैदराबाद मेट्रो प्रथम चरण के ऋण पुनर्वित्त के लिए तेलंगाना सरकार को हस्तांतरित होने थे। राज्य का कहना है कि यह राशि 1 जून तक मिलनी थी, लेकिन अब तक IRFC ने हस्तांतरण नहीं किया।
तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद मेट्रो का अधिग्रहण कब और कितने में किया?
राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 में ₹1,461 करोड़ में L&T से हैदराबाद मेट्रो रेल प्रथम चरण का औपचारिक अधिग्रहण किया। इसके बाद 25 मई को IRFC के साथ ₹13,538.53 करोड़ के ऋण पुनर्वित्त के लिए समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
CM रेवंत रेड्डी ने किशन रेड्डी पर क्या आरोप लगाए?
CM ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने 20 मई को शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल और 21 मई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर धन जारी न करने का आग्रह किया, ताकि तेलंगाना में BJP के राजनीतिक हितों की रक्षा हो सके। यह आरोप अभी तक केंद्र की ओर से न पुष्ट हुए हैं, न खंडित।
हैदराबाद मेट्रो के द्वितीय चरण पर केंद्र और राज्य के बीच क्या स्थिति है?
तेलंगाना सरकार चाहती है कि केंद्र द्वितीय चरण में 50% भागीदारी करे या NOC जारी करे ताकि राज्य खुद विस्तार कर सके। केंद्र ने अहमदाबाद, उत्तर प्रदेश और विशाखापत्तनम की मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी है, लेकिन तेलंगाना को अब तक मंजूरी नहीं मिली।
क्या RBI की मंजूरी में कोई अड़चन है?
CM रेवंत रेड्डी के अनुसार, राज्य ने RBI की मंजूरी के लिए पत्र भी प्रस्तुत किया था, फिर भी ऋण हस्तांतरण रोक दिया गया। इसके पीछे की तकनीकी या प्रशासनिक वजह अभी तक केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले