हैदराबाद मेट्रो: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने IRFC से ₹13,600 करोड़ तुरंत जारी करने की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार, 15 जून को केंद्र सरकार से मांग की कि हैदराबाद मेट्रो रेल के प्रथम चरण के लिए भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) द्वारा ₹13,600 करोड़ की सावधि ऋण पुनर्वित्त राशि बिना किसी विलंब के राज्य सरकार को हस्तांतरित की जाए। यह ऋण राज्य सरकार ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) से लिया था और एक जापानी एजेंसी पहले ही यह धनराशि IRFC को जारी कर चुकी है।
विवाद की पृष्ठभूमि
राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 में ₹1,461 करोड़ में L&T से हैदराबाद मेट्रो रेल के प्रथम चरण का औपचारिक अधिग्रहण किया था। इसके बाद 25 मई को तेलंगाना सरकार ने IRFC के साथ सावधि ऋण पुनर्वित्त सुविधा के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के अनुसार, 30 अप्रैल तक L&T का ₹13,538.53 करोड़ का ऋण तेलंगाना सरकार की गारंटी के साथ पुनर्वित्त किया जाना था। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह ऋण एक जापानी संस्था से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया गया था और 1 जून तक राज्य सरकार को हस्तांतरित होना था।
केंद्र पर गंभीर आरोप
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेवंत रेड्डी ने खान और कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि किशन रेड्डी ने 20 मई को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल और 21 मई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उनसे आग्रह किया कि धनराशि जारी न की जाए, क्योंकि इससे तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजनीतिक हितों को नुकसान पहुँच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मंजूरी के लिए पत्र भी प्रस्तुत किया, फिर भी ऋण हस्तांतरण रोक दिया गया।
द्वितीय चरण पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग
रेवंत रेड्डी ने केंद्र से यह भी माँग की कि वह स्पष्ट करे कि हैदराबाद मेट्रो के द्वितीय चरण में उसकी भागीदारी होगी या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र को 50 प्रतिशत भागीदारी से आपत्ति है, तो वह अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करे ताकि राज्य सरकार स्वयं विस्तार कार्य कर सके। उन्होंने कहा, 'बस मंजूरी जारी कर दीजिए — हम पूरा खर्च वहन करेंगे।' गौरतलब है कि केंद्र ने अहमदाबाद, उत्तर प्रदेश और विशाखापत्तनम की मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जबकि तेलंगाना को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
राजनीतिक दबाव और अपील
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी और सांसद एटाला राजेंद्र से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने किशन रेड्डी को याद दिलाया कि वे सिकंदराबाद से सांसद हैं और प्रस्तावित मेट्रो विस्तार उनके सहित तीन अन्य BJP सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों से होकर गुज़रता है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब तेलंगाना में केंद्र-राज्य संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और हैदराबाद मेट्रो का विस्तार शहर की बढ़ती यातायात जरूरतों के लिए अहम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
रेवंत रेड्डी ने किशन रेड्डी से सीधे सवाल किया कि क्या वे ₹13,600 करोड़ जारी करने की जिम्मेदारी लेंगे। यदि केंद्र जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तो तेलंगाना सरकार मेट्रो द्वितीय चरण को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता अख्तियार कर सकती है। इस मामले में केंद्र की प्रतिक्रिया हैदराबाद मेट्रो के भविष्य की दिशा तय करेगी।