जी किशन रेड्डी ने रेल मंत्री वैष्णव से मुलाकात की, तेलंगाना की रेल परियोजनाओं की समीक्षा

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जी किशन रेड्डी ने रेल मंत्री वैष्णव से मुलाकात की, तेलंगाना की रेल परियोजनाओं की समीक्षा

सारांश

केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर तेलंगाना की रेल परियोजनाओं और हैदराबाद MMTS सेवाओं की समीक्षा की। वैष्णव ने सुधार का आश्वासन दिया। साथ ही ₹993 करोड़ की अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना को भी मंज़ूरी मिली।

मुख्य बातें

जी किशन रेड्डी ने 21 मई को नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की।
बैठक में तेलंगाना की नई रेल लाइनें, विद्युतीकरण, स्टेशन पुनर्विकास और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चर्चा हुई।
हैदराबाद MMTS सेवाओं की नियमितता और यात्री सुविधाओं में सुधार पर विशेष जोर; वैष्णव ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
भारतीय रेलवे ने ₹993 करोड़ की अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना (68 किमी) को मंज़ूरी दी।
यह परियोजना चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर नेटवर्क का हिस्सा है और माल ढुलाई व यात्री सेवाओं दोनों को मज़बूत करेगी।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार, 21 मई को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और तेलंगाना में चल रही प्रमुख रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में नई रेल लाइनें, विद्युतीकरण कार्य, स्टेशनों का पुनर्विकास और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुई चर्चा

जी किशन रेड्डी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने रेल मंत्री वैष्णव के साथ तेलंगाना में जारी प्रमुख रेल परियोजनाओं की प्रगति का विस्तार से जायज़ा लिया। उन्होंने कहा, 'इनमें नई रेल लाइनें, विद्युतीकरण के कार्य, स्टेशनों का पुनर्विकास और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजनाएं शामिल हैं।'

बैठक में हैदराबाद शहर और उसके आसपास एमएमटीएस (मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम) सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। रेड्डी के अनुसार, ट्रेनों की नियमितता और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया, जिस पर रेल मंत्री वैष्णव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

केंद्र की प्रतिबद्धता

जी किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूरे तेलंगाना में रेल बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मज़बूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तेलंगाना में कई बड़ी रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।

अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना को मंज़ूरी

गौरतलब है कि इसी सप्ताह भारतीय रेलवे ने दक्षिणी रेलवे की ₹993 करोड़ की लागत वाली अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना (68 किमी) को स्वीकृति दी। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह खंड चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम को जोड़ने वाले महत्त्वपूर्ण चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का हिस्सा है।

रेल मंत्री वैष्णव ने इस परियोजना के बारे में कहा कि इससे यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी, भीड़ कम होगी और सीमेंट, ऑटोमोबाइल एवं खाद्यान्नों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस कॉरिडोर पर लोहा, इस्पात और अनाज सहित प्रमुख वस्तुओं की माल ढुलाई को भी लाभ होगा।

आम जनता पर असर

तेलंगाना में रेल परियोजनाओं की यह समीक्षा राज्य के लाखों दैनिक यात्रियों के लिए महत्त्वपूर्ण है। हैदराबाद में एमएमटीएस सेवाओं के विस्तार से शहरी यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है, जबकि नई रेल लाइनें और हाई-स्पीड कॉरिडोर राज्य के दूरदराज़ इलाकों को मुख्य नेटवर्क से जोड़ेंगे।

आगे क्या

रेल मंत्री वैष्णव के आश्वासन के बाद अब नज़रें इस बात पर होंगी कि तेलंगाना की लंबित परियोजनाओं को कब तक ज़मीनी रूप मिलता है। एमएमटीएस सुधार और हाई-स्पीड कॉरिडोर की समयसीमा पर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इन आश्वासनों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती है। अरक्कोनम-चेंगलपट्टू परियोजना की मंज़ूरी दक्षिण भारत में रेल निवेश का सकारात्मक संकेत है, लेकिन तेलंगाना-केंद्रित घोषणाओं के लिए ज़मीनी क्रियान्वयन की कसौटी अभी बाकी है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी किशन रेड्डी और अश्विनी वैष्णव की बैठक में क्या हुआ?
21 मई को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में तेलंगाना की प्रमुख रेल परियोजनाओं — नई रेल लाइनें, विद्युतीकरण, स्टेशन पुनर्विकास और हाई-स्पीड कॉरिडोर — की प्रगति की समीक्षा की गई। हैदराबाद में MMTS सेवाओं के सुधार पर भी चर्चा हुई।
हैदराबाद MMTS सेवाओं में क्या सुधार होंगे?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने MMTS ट्रेनों की नियमितता बढ़ाने और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया है। हालाँकि इन सुधारों की कोई आधिकारिक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना क्या है?
यह ₹993 करोड़ की लागत वाली 68 किमी लंबी रेल दोहरीकरण परियोजना है, जिसे भारतीय रेलवे ने हाल ही में मंज़ूरी दी है। यह चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का हिस्सा है और यात्री आवाजाही के साथ-साथ सीमेंट, ऑटोमोबाइल व अनाज की माल ढुलाई को भी लाभ पहुँचाएगी।
तेलंगाना में कौन-सी प्रमुख रेल परियोजनाएं चल रही हैं?
तेलंगाना में फिलहाल नई रेल लाइनें, विद्युतीकरण कार्य, प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजनाएं विभिन्न चरणों में जारी हैं। इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए ही यह बैठक आयोजित की गई थी।
केंद्र सरकार तेलंगाना के रेल बुनियादी ढाँचे पर क्या रुख रखती है?
जी किशन रेड्डी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तेलंगाना में रेल बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। रेल मंत्री वैष्णव ने भी सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
राष्ट्र प्रेस
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