PM मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को भेंट किए गुजरात के केसर आम, वलसाड के किसानों में नई उम्मीद

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PM मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को भेंट किए गुजरात के केसर आम, वलसाड के किसानों में नई उम्मीद

सारांश

PM मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को गुजरात के जीआई-टैग केसर आम भेंट कर कूटनीति और कृषि निर्यात को एक साथ साधा। वलसाड के किसानों को दुबई और अबू धाबी के बाज़ारों में माँग बढ़ने की नई उम्मीद जगी है — और 'वोकल फॉर लोकल' को मिला एक वैश्विक मंच।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने पाँच दिवसीय विदेश यात्रा के दौरान यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद को गुजरात के केसर आम भेंट किए।
केसर आम जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त किस्म है, जो अपनी मिठास, सुगंध और लंबी शेल्फ लाइफ के लिए प्रसिद्ध है।
वलसाड जिले के किसानों को दुबई और अबू धाबी सहित खाड़ी देशों में केसर आम की माँग बढ़ने की उम्मीद है।
किसान राजेश पटेल और धर्मेंद्र सिंह चौहान ने इसे 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान का व्यावहारिक उदाहरण बताया।
भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक है, लेकिन निर्यात में अभी काफी गुंजाइश बाकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाँच दिवसीय विदेश यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को गुजरात के प्रसिद्ध केसर आम भेंट किए। 21 मई को स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री की इस पहल से वलसाड जिले सहित पूरे गुजरात के आम उत्पादकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। इस उपहार को भारत-यूएई के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान की व्यावहारिक अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।

केसर आम: गुजरात की कृषि धरोहर

केसर आम अपनी अनुपम मिठास, मनमोहक सुगंध, सुनहरे रंग और लंबी शेल्फ लाइफ के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। किसान धर्मेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, भारत में आम की 1,000 से अधिक किस्में हैं, लेकिन केसर आम को अपनी विशिष्ट गुणवत्ता के कारण जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त है। यह फल स्वाद के साथ-साथ पोषण की दृष्टि से भी समृद्ध माना जाता है।

गौरतलब है कि वलसाड पहले से ही हापुस आम के अंतरराष्ट्रीय निर्यात के लिए विख्यात है। अब केसर आम को भी वैश्विक बाज़ार में नई पहचान मिलने की संभावना बन रही है।

किसानों की प्रतिक्रिया

किसान राजेश पटेल ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने जो उपहार दिया है, वह सिर्फ फल नहीं बल्कि हमारी मेहनत और गुजरात की मिट्टी की खुशबू है। अब हम उम्मीद करते हैं कि यूएई और अन्य खाड़ी देशों में केसर आम की माँग बढ़ेगी।'

पटेल ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस खबर की व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे गुजरात के कृषि उत्पादों को वैश्विक ब्रांडिंग मिलेगी।

कूटनीति और कृषि निर्यात का संगम

किसान धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार विदेशी दौरों में भारत के पारंपरिक उत्पादों, जीआई टैग वाली वस्तुओं और स्थानीय कृषि विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं। उनके अनुसार यह 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान का ठोस उदाहरण है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, फिर भी निर्यात के मामले में अभी पर्याप्त गुंजाइश बची है। किसानों का मानना है कि केसर आम के बेहतर विपणन से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

आगे की संभावनाएँ

किसान अब उम्मीद लगाए हैं कि गुजरात का केसर आम जल्द ही दुबई, अबू धाबी और अन्य खाड़ी बाज़ारों में नियमित रूप से उपलब्ध होगा। इस उपहार को भारतीय संस्कृति, मेहमाननवाजी और कृषि समृद्धि का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार राजनयिक उपहारों के रूप में जीआई-टैग उत्पादों का उपयोग भारतीय कृषि निर्यात नीति का एक सुविचारित हिस्सा बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वैश्विक आम निर्यात में उसकी हिस्सेदारी उसकी उत्पादन क्षमता के अनुपात में बेहद कम है — यह अंतर नीतिगत विफलता की ओर इशारा करता है जिसे फोटो-ऑप से नहीं, संरचनात्मक बदलाव से पाटा जा सकता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को केसर आम क्यों भेंट किए?
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान गुजरात के केसर आम उपहार में दिए, जो भारत-यूएई के मैत्रीपूर्ण संबंधों और भारतीय कृषि विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की परंपरा का हिस्सा है। यह 'वोकल फॉर लोकल' अभियान के अंतर्गत जीआई-टैग उत्पादों को बढ़ावा देने का प्रयास भी माना जा रहा है।
केसर आम को जीआई टैग क्यों मिला है?
केसर आम को उसकी विशिष्ट मिठास, सुनहरे रंग, मनमोहक सुगंध और लंबी शेल्फ लाइफ के कारण भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया गया है। यह टैग यह प्रमाणित करता है कि यह किस्म गुजरात की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों में उगती है और इसकी गुणवत्ता अद्वितीय है।
वलसाड के किसानों को इस उपहार से क्या फायदा होगा?
किसानों को उम्मीद है कि PM मोदी के इस कदम से यूएई, दुबई और अबू धाबी सहित खाड़ी देशों में केसर आम की माँग बढ़ेगी, जिससे निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा से गुजरात के कृषि उत्पादों को वैश्विक ब्रांडिंग मिलने की भी संभावना है।
भारत आम निर्यात में कहाँ खड़ा है?
भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और यहाँ आम की 1,000 से अधिक किस्में पाई जाती हैं। हालाँकि, निर्यात के मामले में अभी काफी गुंजाइश बाकी है और केसर आम जैसी जीआई-टैग किस्मों के बेहतर विपणन से इस अंतर को पाटा जा सकता है।
मोदी की यूएई यात्रा का क्या महत्व था?
प्रधानमंत्री मोदी ने पाँच दिवसीय विदेश यात्रा के दौरान यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह यात्रा भारत-यूएई के बीच कूटनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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