राहुल गांधी के रायबरेली भाषण पर बवाल, हिंदू महासभा ने एफआईआर के लिए दिया प्रार्थना पत्र

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राहुल गांधी के रायबरेली भाषण पर बवाल, हिंदू महासभा ने एफआईआर के लिए दिया प्रार्थना पत्र

सारांश

रायबरेली में PM मोदी, अमित शाह और RSS पर कथित अमर्यादित टिप्पणी के बाद हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर का प्रार्थना पत्र दिया है। यह पहली बार नहीं — इससे पहले भी मानहानि मामले में उनकी सांसदी पर असर पड़ चुका है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायबरेली की जनसभा में PM मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और RSS पर कथित अमर्यादित टिप्पणी की।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने 21 मई को एफआईआर के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
चतुर्वेदी ने कहा — एफआईआर शीघ्र दर्ज होगी और उसके बाद राहुल गांधी से सार्वजनिक जवाब माँगा जाएगा।
राहुल गांधी ने भाषण में आर्थिक तूफान की चेतावनी देते हुए सरकार पर संविधान खत्म करने और पेट्रोल-गैस मूल्य वृद्धि पर लापरवाही का आरोप लगाया।
इससे पहले एक मानहानि मामले में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता अस्थायी रूप से प्रभावित हो चुकी है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा रायबरेली की एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने 21 मई को राहुल गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने हेतु प्रार्थना पत्र दिया है और दावा किया है कि शीघ्र ही प्राथमिकी दर्ज होगी।

हिंदू महासभा की आपत्ति और एफआईआर की तैयारी

शिशिर चतुर्वेदी ने कहा, 'कांग्रेस सांसद लगातार इस तरह के घटिया बयान देते रहते हैं। पिछले मामले में उन्हें सजा मिली थी और बाद में उनकी सांसद सदस्यता पर भी असर पड़ा था। एक बार फिर, उन्होंने रायबरेली में एक आम सभा के दौरान विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने देश के प्रधानमंत्री, देश के गृह मंत्री और आरएसएस को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने किस आधार पर ऐसे बयान दिए हैं।'

चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि जिस तरह पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह का सम्मान करता है, उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास देश हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर भी सरकार के विरुद्ध बयान देते हैं, जो उचित नहीं है।

रायबरेली में राहुल गांधी का भाषण — क्या कहा

रायबरेली की जनसभा में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा, 'अब आर्थिक तूफान आ रहा है और केंद्र सरकार आपको नहीं बचा पाएगी। वे आपसे कहेंगे, रोएंगे और कहेंगे कि मेरी गलती नहीं है। मैं आपको बता रहा हूं, गलती सिर्फ इनकी है। इन्होंने संविधान को खत्म किया है।'

उन्होंने पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव से पूर्व कीमतें न बढ़ाने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार अब इस पर ध्यान नहीं दे रही।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी के किसी बयान पर कानूनी कार्रवाई की माँग उठी हो। इससे पहले भी एक मानहानि मामले में उन्हें सज़ा हुई थी, जिसके कारण उनकी लोकसभा सदस्यता अस्थायी रूप से निलंबित हुई थी। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उस फैसले पर रोक लगाई थी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार पर महंगाई और संवैधानिक मुद्दों पर लगातार हमलावर है।

आगे क्या होगा

शिशिर चतुर्वेदी के अनुसार, प्रार्थना पत्र देने के बाद शीघ्र ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि एफआईआर के बाद वे राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से यह जवाब माँगेंगे कि उनके पास ऐसे बयान देने का क्या आधार था। कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अभी स्पष्ट नहीं है — प्रार्थना पत्र और वास्तविक एफआईआर के बीच की दूरी अक्सर राजनीतिक बयानबाजी में खो जाती है। राहुल गांधी के बयान पर विवाद नया नहीं है, लेकिन यह पैटर्न बताता है कि विपक्षी भाषणों को कानूनी घेरे में लाने की कोशिशें एक स्थापित राजनीतिक रणनीति बन चुकी हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी का 'आर्थिक तूफान' वाला बयान महंगाई की वास्तविक चिंताओं को राजनीतिक तीखेपन से जोड़ता है — जो कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा दिखता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस द्वंद्व को नज़रअंदाज़ करती है कि बयान की सामग्री और उस पर कानूनी कार्रवाई की माँग — दोनों एक साथ राजनीतिक हथियार हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने रायबरेली में क्या विवादित बयान दिया?
राहुल गांधी ने रायबरेली की जनसभा में PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और RSS पर कथित अमर्यादित टिप्पणी की। उन्होंने आर्थिक तूफान की चेतावनी देते हुए सरकार पर संविधान खत्म करने और पेट्रोल-गैस मूल्य वृद्धि पर ध्यान न देने का आरोप लगाया।
हिंदू महासभा ने एफआईआर क्यों दर्ज कराने की माँग की?
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी का कहना है कि राहुल गांधी ने बिना आधार के PM मोदी, गृह मंत्री शाह और RSS के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी की, जो देश हित में नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने 21 मई को प्रार्थना पत्र दिया है।
क्या राहुल गांधी पर पहले भी इस तरह की कानूनी कार्रवाई हुई है?
हाँ, इससे पहले एक मानहानि मामले में राहुल गांधी को सज़ा सुनाई गई थी, जिसके कारण उनकी लोकसभा सदस्यता अस्थायी रूप से प्रभावित हुई थी। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उस फैसले पर रोक लगाई थी।
इस विवाद का अगला कदम क्या होगा?
शिशिर चतुर्वेदी के अनुसार, प्रार्थना पत्र के बाद शीघ्र ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एफआईआर दर्ज होने के बाद वे राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से बयान का आधार पूछेंगे। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राहुल गांधी ने पेट्रोल और गैस को लेकर क्या कहा?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतें न बढ़ाने का वादा किया गया था, लेकिन अब कीमतें बढ़ रही हैं और केंद्र सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही।
राष्ट्र प्रेस
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