भारत-अमेरिका व्यापार डील अगले कुछ हफ्तों में होगी फाइनल: राजदूत सर्जियो गोर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 21 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित भारत-अमेरिका वार्षिक लीडरशिप समिट में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अगले कुछ हफ्तों या महीनों में अंतिम रूप ले सकता है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो इस हफ्ते भारत दौरे पर आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
व्यापार समझौते पर राजदूत का बयान
समिट में बोलते हुए राजदूत गोर ने स्वीकार किया कि बातचीत में समय लग रहा है, लेकिन उन्होंने इसे वैश्विक संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा, 'आप सभी जिन्होंने पूछा है कि इतना समय क्यों लग रहा है, व्यापार डील पर ये बातचीत शुरू हुए डेढ़ साल हो गया है। इसे सही नजरिए से देखें तो, यूरोपीय संघ को लगभग 19 साल लगे। इसलिए हमें भरोसा है कि अगले कुछ हफ्तों में, अगले कुछ महीनों में, यह व्यापार समझौता फाइनल हो जाएगा।' उन्होंने आगे कहा कि इससे दोनों पक्षों को स्थिरता और अवसर मिलेगा, और एक्सपोर्ट कंट्रोल तथा तकनीकी प्रवाह पर भरोसे पर आधारित स्पष्ट एवं रचनात्मक संवाद की आवश्यकता है।
तकनीकी निवेश: Microsoft और Google की बड़ी प्रतिबद्धताएँ
राजदूत गोर ने समिट में अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के भारत में बड़े निवेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि Microsoft ने भारत में $17.5 बिलियन के निवेश की घोषणा की है, जिसमें हाइपरस्केल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार शामिल है। इसके अलावा, इसी महीने Google ने एआई रिसर्च और डेवलपमेंट में सहयोग के लिए $15 बिलियन के एआई हब की घोषणा की है।
प्रेसिडेंट ट्रस्ट इनिशिएटिव और विज्ञान-तकनीक सहयोग
अमेरिकी राजदूत ने बताया कि अमेरिका भारत के साथ प्रेसिडेंट ट्रस्ट इनिशिएटिव पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। दोनों देशों के उद्यमियों की संयुक्त टीमें भारत-अमेरिका साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम और अमेरिका-भारत साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंडोमेंट फंड के माध्यम से उभरते तकनीकी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स विकसित कर रही हैं।
रुबियो की भारत यात्रा और मोदी से मुलाकात
राजदूत गोर ने स्पष्ट किया कि विदेश सचिव मार्को रुबियो की यह यात्रा महज औपचारिकता नहीं होगी। उनके शब्दों में, 'जब ये लोग भारत आते हैं, तो हम सिर्फ मीटिंग नहीं करते। उन मीटिंग में, हम जरूरी बातें उठाते हैं। और इसलिए विदेश सचिव इस हफ्ते प्रधानमंत्री से मिलेंगे। उनकी लिस्ट में सिर्फ नमस्ते ही नहीं, बल्कि अलग-अलग सवाल, अलग-अलग चीजें हैं जो इस संबंध को आगे बढ़ाती हैं।' यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता निर्णायक दौर में बताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पिछले डेढ़ साल से जारी है और दोनों पक्षों पर जल्द परिणाम देने का दबाव बढ़ रहा है।