एआईएडीएमके को बड़ा झटका: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल ने पार्टी छोड़ी, नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप

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एआईएडीएमके को बड़ा झटका: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल ने पार्टी छोड़ी, नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप

सारांश

सात बार विधायक और नौ वर्षों तक विधानसभा अध्यक्ष रहे पी. धनपाल ने एआईएडीएमके छोड़ दी — और यह ऐलान उन्होंने अपने बेटे के टीवीके सरकार में मंत्री बनने के ठीक बाद किया। सेम्मलाई के बाद यह दूसरा बड़ा नाम है, और पार्टी के लिए संकट गहराता जा रहा है।

मुख्य बातें

धनपाल ने 21 मई 2026 को एआईएडीएमके से इस्तीफे की घोषणा की; नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
धनपाल अक्टूबर 2012 से मई 2021 तक तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष रहे और सात बार विधायक चुने गए।
घोषणा उनके पुत्र डी.
लोगेश तमिलसेल्वन के टीवीके सरकार में मंत्री पद की शपथ के तुरंत बाद हुई।
इससे पहले पूर्व मंत्री एस.
सेम्मलाई भी पार्टी छोड़ चुके हैं, जिससे एआईएडीएमके में एकजुटता पर सवाल उठे हैं।
76 वर्षीय धनपाल का चार दशकों से अधिक का राजनीतिक अनुभव रहा है।

तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) को 21 मई 2026 को एक और गंभीर आघात लगा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पी. धनपाल ने पार्टी से अलग होने की औपचारिक घोषणा कर दी। 76 वर्षीय धनपाल ने पार्टी नेतृत्व पर वरिष्ठ नेताओं की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाते हुए यह निर्णय लिया। यह घोषणा चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान की गई।

किस मौके पर हुई घोषणा

धनपाल ने यह ऐलान अपने पुत्र डी. लोगेश तमिलसेल्वन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद किया। लोगेश तमिलसेल्वन को टीवीके नीत सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जो समारोह लोक भवन में आयोजित हुआ था। पिता द्वारा पुत्र के शपथ ग्रहण में शामिल होना और उसी अवसर पर पुरानी पार्टी छोड़ने की घोषणा करना राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत प्रतीकात्मक माना जा रहा है।

धनपाल ने नेतृत्व पर क्या कहा

पार्टी नेतृत्व पर सीधा प्रहार करते हुए धनपाल ने कहा, 'नेतृत्व ने कई नेताओं की अनदेखी की। आज जनता ने भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के शुरुआती दौर से जुड़े रहने और दशकों तक निष्ठापूर्वक सेवा करने के बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उनके बयान को पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर खुली आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।

धनपाल का राजनीतिक सफर

धनपाल चार दशकों से अधिक के राजनीतिक अनुभव वाले वरिष्ठ नेता हैं। वह सात बार1977, 1980, 1984, 2001, 2011, 2016 और 2021 में — तमिलनाडु विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। अक्टूबर 2012 से मई 2021 तक वह तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने आदि-द्रविड़ एवं जनजातीय कल्याण, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभागों का भी कार्यभार संभाला।

एआईएडीएमके में बढ़ता संकट

धनपाल का यह कदम ऐसे समय आया है जब एआईएडीएमके हालिया विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आंतरिक कलह और वरिष्ठ नेताओं की बगावत से जूझ रही है। गौरतलब है कि इससे पहले पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एस. सेम्मलाई भी पार्टी छोड़ चुके हैं। एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं के जाने से पार्टी की एकजुटता और नेतृत्व की स्थिरता को लेकर नए सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह एआईएडीएमके के लिए एक ऐसे दौर में गहरा संकट है जब पार्टी को विपक्ष की भूमिका में खुद को पुनर्गठित करने की ज़रूरत है।

आगे क्या होगा

धनपाल की विदाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह किसी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हैं या किसी अन्य दल से जुड़ते हैं। पार्टी नेतृत्व ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं का यह पलायन एआईएडीएमके के पुनरुद्धार की राह को और कठिन बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे अब खुलकर नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। सेम्मलाई और धनपाल जैसे नामों का जाना संख्या की नहीं, प्रतीकात्मकता की समस्या है — और इससे पार्टी की 2026 के बाद की पुनर्गठन रणनीति को गहरा धक्का लगता है। बिना आंतरिक संवाद और समावेशी नेतृत्व के, एआईएडीएमके के लिए विश्वसनीय विपक्ष की भूमिका निभाना कठिन होता जाएगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पी. धनपाल ने एआईएडीएमके क्यों छोड़ी?
धनपाल ने पार्टी नेतृत्व पर वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ी। उन्होंने कहा कि दशकों की निष्ठा के बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया।
पी. धनपाल कौन हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?
पी. धनपाल तमिलनाडु के वरिष्ठ राजनेता हैं जो अक्टूबर 2012 से मई 2021 तक विधानसभा अध्यक्ष रहे। वह सात बार विधायक चुने गए और चार दशकों से अधिक का राजनीतिक अनुभव रखते हैं।
धनपाल ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कब और कहाँ की?
उन्होंने 21 मई 2026 को चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान यह घोषणा की। यह अवसर उनके पुत्र डी. लोगेश तमिलसेल्वन के टीवीके सरकार में मंत्री पद की शपथ के बाद का था।
एआईएडीएमके से पहले और कौन-से वरिष्ठ नेता जा चुके हैं?
धनपाल से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एस. सेम्मलाई भी एआईएडीएमके छोड़ चुके हैं। इन दोनों की विदाई ने पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एआईएडीएमके की मौजूदा स्थिति क्या है?
एआईएडीएमके हालिया विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद विपक्ष में है और आंतरिक कलह से जूझ रही है। वरिष्ठ नेताओं के लगातार जाने से पार्टी के पुनर्गठन की चुनौती और बढ़ गई है।
राष्ट्र प्रेस
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