एआईएडीएमके में बड़ा विभाजन: सी. वी. शनमुगम ने ईपीएस पर डीएमके गठबंधन का आरोप लगाया, टीवीके सरकार को समर्थन का ऐलान

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एआईएडीएमके में बड़ा विभाजन: सी. वी. शनमुगम ने ईपीएस पर डीएमके गठबंधन का आरोप लगाया, टीवीके सरकार को समर्थन का ऐलान

सारांश

एआईएडीएमके में दशकों बाद का सबसे बड़ा खुला विद्रोह सामने आया है — सी. वी. शनमुगम ने ईपीएस पर डीएमके से हाथ मिलाने की कोशिश का आरोप लगाया और टीवीके सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 47 सीटों पर सिमटी पार्टी अब दो गुटों में बँटती दिख रही है।

मुख्य बातें

शनमुगम ने 12 मई 2026 को ईपीएस पर डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना तलाशने का आरोप लगाया।
शनमुगम ने मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय की टीवीके सरकार को समर्थन देने की औपचारिक घोषणा की।
हाल के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
एसपी वेलुमणि को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता और सी.
विजयभास्कर को विधानसभा में पार्टी का सचेतक चुना गया।
एआईएडीएमके के अधिकांश विधायकों ने प्रस्ताव पारित कर चुनाव पूर्व एनडीए गठबंधन को समाप्त घोषित किया।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) में आंतरिक संकट मंगलवार, 12 मई को और गहरा गया, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सी. वी. शनमुगम ने पार्टी महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) पर यह गंभीर आरोप लगाया कि वे द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना तलाश रहे थे। इसके साथ ही शनमुगम ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु विकास कषगम (टीवीके) सरकार को समर्थन देने की औपचारिक घोषणा कर दी।

मुख्य घटनाक्रम

चेन्नई में आयोजित एक मीडिया संबोधन में शनमुगम के साथ पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि सहित एआईएडीएमके के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। शनमुगम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है और लगातार चुनावी पराजय ने संगठन को गहरे संकट में डाल दिया है।

उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि ईपीएस पर लगे आरोप सही हैं, तो यह पार्टी की पहचान के साथ सीधा समझौता है। 47 सीटों पर सिमटने के बाद अब विधायक दल का नेतृत्व भी बदल गया है — यह संकेत देता है कि ईपीएस की पकड़ विधायकों पर कमज़ोर पड़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह विभाजन औपचारिक पार्टी-टूट की ओर बढ़ेगा, और क्या चुनाव आयोग को एक बार फिर 'असली एआईएडीएमके' का फ़ैसला करना पड़ेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएडीएमके में ताज़ा संकट क्या है?
एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता सी. वी. शनमुगम ने पार्टी महासचिव ईपीएस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना तलाशने का प्रस्ताव रखा था। इसके विरोध में शनमुगम और वेलुमणि गुट ने टीवीके सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी है।
सी. वी. शनमुगम ने टीवीके सरकार को समर्थन क्यों दिया?
शनमुगम के अनुसार, एआईएडीएमके के अधिकांश विधायकों ने प्रस्ताव पारित कर चुनाव पूर्व एनडीए गठबंधन को समाप्त घोषित किया और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की टीवीके सरकार को समर्थन देने का फ़ैसला किया। उनका तर्क है कि डीएमके की ओर कोई भी कदम एआईएडीएमके की पहचान को नष्ट कर देगा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके का प्रदर्शन कैसा रहा?
हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके 47 सीटें जीतकर तीसरे स्थान पर रही। एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए जनता का विश्वास जीतने में विफल रहा।
एआईएडीएमके विधायक दल का नया नेता कौन है?
शनमुगम ने घोषणा की कि पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता चुना गया है। पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर को विधानसभा में पार्टी का सचेतक नियुक्त किया गया है।
एआईएडीएमके में दो गुट कौन-से हैं?
पार्टी में इस समय ईपीएस यानी एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाला एक गुट और एसपी वेलुमणि तथा सी. वी. शनमुगम के नेतृत्व वाला दूसरा गुट सक्रिय है। दोनों गुट पिछले कुछ दिनों से समानांतर परामर्श कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस