स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 150 प्रशिक्षित गाइड तैनात, गुजरात पर्यटन वर्ष 2026 में 1000 गाइड्स को मिलेगी ट्रेनिंग

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 150 प्रशिक्षित गाइड तैनात, गुजरात पर्यटन वर्ष 2026 में 1000 गाइड्स को मिलेगी ट्रेनिंग

सारांश

गुजरात सरकार ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 150 प्रशिक्षित गाइड तैनात किए हैं — मॉडल स्क्रिप्ट, तीन भाषाओं में दक्षता और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ। पर्यटन वर्ष 2026 के तहत 1,000 गाइड्स को पेशेवर ट्रेनिंग देने की योजना स्थानीय युवाओं को रोज़गार और पर्यटकों को बेहतर अनुभव दोनों दे रही है।

मुख्य बातें

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 150 प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड तैनात; फिलहाल 120 गाइड सक्रिय रूप से कार्यरत।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 2026 को 'गुजरात पर्यटन वर्ष' घोषित किया; राज्यभर में 1,000 गाइड्स को पेशेवर प्रशिक्षण देने की योजना।
गाइड्स को हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती भाषा के साथ-साथ पर्यटकों से व्यवहार और स्थल-विशेष जानकारी का प्रशिक्षण दिया गया।
सीईओ अमित अरोड़ा के अनुसार, प्रत्येक आकर्षण के लिए मॉडल स्क्रिप्ट तैयार की गई है ताकि सभी पर्यटकों को एकसमान अनुभव मिले।
यह कार्यक्रम धोलावीरा , लोथल और अन्य धार्मिक पर्यटन स्थलों तक भी विस्तारित किया गया है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर (नर्मदा जिला) में पर्यटकों का अनुभव अब पहले से कहीं बेहतर हो गया है — गुजरात सरकार की पहल के तहत यहाँ 150 प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड तैनात किए गए हैं, जो हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती में आगंतुकों को हर स्थल की जानकारी देते हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में वर्ष 2026 को 'गुजरात पर्यटन वर्ष' घोषित करते हुए सरकार ने राज्यभर में 1,000 टूरिस्ट गाइड को पेशेवर प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र विकास एवं पर्यटन शासन प्राधिकरण के सीईओ अमित अरोड़ा के अनुसार, प्रत्येक आकर्षण स्थल के लिए एक मॉडल स्क्रिप्ट तैयार की गई है, जिससे सभी पर्यटकों को एकसमान और उच्चगुणवत्ता वाली जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि गाइड्स को यह प्रशिक्षण दिया गया कि किस स्थान पर क्या बताना है और किन विशेषताओं को प्राथमिकता देनी है।

प्राधिकरण द्वारा गाइड्स को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें भाषा-कौशल, पर्यटकों से व्यवहार और विभिन्न स्थलों की विशेषताओं की जानकारी शामिल रही। गाइड्स को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, जंगल सफारी, मियावाकी वन और आरोग्य वन जैसे स्थलों पर भेजकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

स्थानीय युवाओं को रोज़गार के अवसर

प्रशिक्षित गाइड महेंद्र तड़वी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि भाषा में भी निखार आया है और परिवार को आर्थिक स्थिरता मिली है। एक अन्य गाइड मयूर ने कहा कि फिलहाल 120 गाइड सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और हर साल नई भर्तियाँ भी होती हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

यह पहल स्थानीय युवाओं के पलायन को रोकने में भी सहायक सिद्ध हो रही है — क्षेत्र के युवाओं को अपने गृहजिले में ही स्थायी आजीविका का विकल्प मिल रहा है।

पर्यटकों की प्रतिक्रिया

पर्यटक डिंपल ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि गाइड्स स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, जंगल सफारी, मियावाकी और आरोग्य वन — सभी स्थानों के बारे में बहुत सरल और स्पष्ट भाषा में समझाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से आरोग्य वन में औषधीय पौधों की जानकारी को उनकी अपनी भाषा में समझाने की सराहना की।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार भी 'विज़िट इंडिया' अभियान के तहत पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। गुजरात की यह पहल उस राष्ट्रीय दिशा के अनुरूप एक राज्य-स्तरीय मॉडल के रूप में उभर रही है।

राज्यभर में विस्तार

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक सीमित न रहते हुए यह कार्यक्रम धोलावीरा, लोथल जैसे ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों और प्रसिद्ध मंदिरों तक भी विस्तारित किया गया है। गौरतलब है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है और प्रतिवर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

आने वाले महीनों में इस कार्यक्रम के तहत और अधिक गाइड्स की भर्ती व प्रशिक्षण की योजना है, जिससे गुजरात के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊँचाई मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली परीक्षा 'मॉडल स्क्रिप्ट' के क्रियान्वयन में है — क्योंकि एकरूपता और सृजनशीलता के बीच संतुलन बनाना कठिन होता है। स्थानीय युवाओं के पलायन को रोकने का दावा सराहनीय है, पर यह तभी टिकाऊ होगा जब रोज़गार मौसमी पर्यटन पर निर्भर न रहकर वर्षभर स्थिर रहे। धोलावीरा और लोथल जैसे UNESCO-मान्यता-प्राप्त स्थलों पर इसी मॉडल का विस्तार गुजरात को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मज़बूत कर सकता है — बशर्ते गुणवत्ता नियंत्रण केवल कागज़ों तक सीमित न रहे।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में कितने प्रशिक्षित गाइड तैनात हैं?
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में कुल 150 गाइड्स को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से फिलहाल 120 गाइड सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। हर साल नई भर्तियाँ भी होती रहती हैं।
गुजरात पर्यटन वर्ष 2026 के तहत गाइड्स को क्या प्रशिक्षण दिया जा रहा है?
गुजरात पर्यटन वर्ष 2026 के तहत राज्यभर में 1,000 टूरिस्ट गाइड्स को पेशेवर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती भाषा-कौशल, पर्यटकों से व्यवहार और स्थल-विशेष मॉडल स्क्रिप्ट पर आधारित जानकारी शामिल है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में पर्यटकों को किन-किन स्थानों की जानकारी दी जाती है?
गाइड्स पर्यटकों को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के इतिहास के साथ-साथ जंगल सफारी, मियावाकी वन और आरोग्य वन (औषधीय पौधों का वन) की विस्तृत जानकारी देते हैं। यह जानकारी पर्यटकों की भाषा में सरल और स्पष्ट तरीके से दी जाती है।
इस पहल से स्थानीय युवाओं को क्या फायदा हो रहा है?
इस कार्यक्रम से नर्मदा जिले के स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही स्थायी रोज़गार मिल रहा है, जिससे पलायन रुक रहा है। गाइड महेंद्र तड़वी के अनुसार, निःशुल्क प्रशिक्षण से आत्मविश्वास और भाषा-कौशल दोनों में सुधार हुआ है और परिवार को आर्थिक स्थिरता मिली है।
क्या यह गाइड-प्रशिक्षण कार्यक्रम गुजरात के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी लागू है?
हाँ, यह कार्यक्रम धोलावीरा, लोथल जैसे ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों पर भी विस्तारित किया गया है। गुजरात सरकार की योजना है कि पूरे राज्य में पर्यटकों को एकसमान और उच्चगुणवत्ता वाला अनुभव मिले।
राष्ट्र प्रेस
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