गुजरात बजट 2026-27: 80% से अधिक योजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी, CM भूपेंद्र पटेल ने विभागों को दिए तेज़ क्रियान्वयन के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 मई 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य के 2026-27 बजट में घोषित नई योजनाओं में से 80 प्रतिशत से अधिक को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। गांधीनगर में उनकी अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभागों को निर्देश दिया गया कि क्रियान्वयन में तेज़ी लाई जाए ताकि नागरिकों को योजनाओं का लाभ बिना देरी के मिल सके।
मुख्य घटनाक्रम
सरकारी प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघानी ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि मुख्यमंत्री ने विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि हाल ही में संपन्न हुए चुनाव की आचार संहिता के कारण लंबित रहे प्रस्तावों को भी शीघ्रता से मंजूरी दी जाए। वाघानी के अनुसार, शेष प्रस्तावों को तत्काल स्वीकृति देकर योजनाओं को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।
गुजरात सरकार ने इस वर्ष के प्रारंभ में ₹4.08 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया था, जो बुनियादी ढाँचे, छात्र कल्याण, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर केंद्रित था। यह बजट राज्य के विकास कार्यक्रम का अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय ढाँचा माना जा रहा है।
छात्रवृत्ति और शिक्षा पर विशेष जोर
कैबिनेट बैठक में नए शैक्षणिक वर्ष से पहले छात्रवृत्ति सहायता पर भी विशेष चर्चा हुई। पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल और कॉलेज खुलने पर कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। वाघानी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आचार संहिता के बाद प्रशासनिक गति
गौरतलब है कि चुनाव की आचार संहिता लागू रहने के दौरान कई सरकारी प्रस्ताव लंबित हो गए थे। अब संहिता समाप्त होने के बाद राज्य सरकार इन प्रस्तावों को तेज़ी से निपटाने की कोशिश में है। विभागों को अनुमोदन और क्रियान्वयन योजना सहित समस्त प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति लाने के निर्देश दिए गए हैं।
विकास एजेंडा और राष्ट्रमंडल खेल 2030
गुजरात के 2026-27 के विकास कार्यक्रम में बुनियादी ढाँचे का विस्तार, कानूनी सुधार और निवेश-उन्मुख परियोजनाएँ प्रमुखता से शामिल हैं। अहमदाबाद में आयोजित होने वाले 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियाँ इस बजट का एक महत्त्वपूर्ण घटक हैं। कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 10 और 11 मई को गुजरात यात्रा के दौरान आयोजित जन कार्यक्रमों और रोड शो की सफलता पर भी चर्चा की।
आगे क्या
राज्य सरकार द्वारा तेज़ी से क्रियान्वयन पर दिया गया यह जोर बजट घोषणाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि विभाग लंबित प्रस्तावों को कितनी जल्दी अंतिम रूप देते हैं और नागरिकों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ कब पहुँचता है।