पोषण पखवाड़ा 2026: गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान, 73.14 लाख गतिविधियों के साथ टॉप-5 में

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पोषण पखवाड़ा 2026: गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान, 73.14 लाख गतिविधियों के साथ टॉप-5 में

सारांश

पोषण पखवाड़े 2026 में गुजरात ने 73.14 लाख गतिविधियों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया — देश की कुल गतिविधियों का 10.77%। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में 18 से अधिक विभागों के समन्वय से चले इस अभियान का फोकस था बच्चों के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास।

मुख्य बातें

गुजरात ने पोषण पखवाड़ा 2026 के 8वें संस्करण में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया।
राज्य में 73.14 लाख पोषण गतिविधियाँ आयोजित हुईं, जो देश की कुल गतिविधियों का 10.77% है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने अकेले 33.91 लाख गतिविधियाँ कीं — राज्य का 46.36% ।
अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और डॉ.
मनीषा वकील की देखरेख में चला।
18 से अधिक विभागों ने बहु-स्तरीय समन्वय के साथ भागीदारी की।
2026 संस्करण का विषय: जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क विकास ; बच्चे के मस्तिष्क का 85% विकास इसी अवधि में होता है।

गुजरात ने पोषण पखवाड़े 2026 के 8वें संस्करण में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। 9 से 23 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान में गुजरात ने 73.14 लाख पोषण-संबंधी गतिविधियाँ आयोजित कीं, जो देश की कुल रिपोर्ट की गई गतिविधियों का 10.77 प्रतिशत है। यह प्रदर्शन गुजरात को राष्ट्रीय पोषण मिशन के क्रियान्वयन में सर्वश्रेष्ठ राज्यों की पंक्ति में खड़ा करता है।

अभियान का नेतृत्व और विभागीय भागीदारी

यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में संचालित हुआ और महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील की प्रत्यक्ष देखरेख में पूरा किया गया। अकेले महिला एवं बाल विकास विभाग ने 33.91 लाख गतिविधियाँ आयोजित कीं, जो राज्य की कुल गतिविधियों का 46.36 प्रतिशत है।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायत सहित 18 से अधिक विभागों ने विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर समन्वय करते हुए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। अधिकारियों के अनुसार, इस बहु-विभागीय तालमेल ने पहुँच और प्रभाव दोनों को व्यापक बनाया।

2026 संस्करण का मुख्य विषय: मस्तिष्क विकास

पोषण पखवाड़े 2026 का केंद्रीय विषय था — जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना। यह विषय इस वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित था कि किसी भी बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है। इसीलिए इस वर्ष केवल पोषण नहीं, बल्कि संज्ञानात्मक विकास और बचपन की शुरुआती देखभाल पर विशेष बल दिया गया।

अभियान के पाँच मुख्य स्तंभ

इस अभियान को पाँच प्रमुख आधारों पर संचालित किया गया। पहला, गर्भवती महिलाओं के पोषण में सुधार; दूसरा, स्तनपान की प्रथाओं को सुदृढ़ करना और शिशुओं के लिए उचित पूरक आहार सुनिश्चित करना। तीसरे स्तंभ के रूप में देखभालकर्ताओं और बच्चों के बीच खेल, बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा दिया गया।

चौथे स्तंभ में आंगनवाड़ियों में खेल-आधारित शिक्षा के ज़रिये बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिए तैयार करना शामिल था। पाँचवाँ और महत्त्वपूर्ण स्तंभ था — बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम की चिंता को दूर करना और उन्हें शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करना। इसके अलावा, जनभागीदारी और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहलों के माध्यम से आंगनवाड़ी के बुनियादी ढाँचे को भी सुदृढ़ किया गया।

ज़मीनी स्तर पर जन-जागरूकता

राज्य की सभी ग्राम पंचायतों ने पोषण और शुरुआती बचपन की देखभाल पर जागरूकता फैलाने के लिए पोषण पंचायतें, क्विज़, पोस्टर प्रतियोगिताएँ और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए। यह ऐसे समय में आया है जब भारत बाल कुपोषण दर को कम करने के लिए वैश्विक दबाव का सामना कर रहा है।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों का पैमाना और बहु-विभागीय समन्वय राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम के दीर्घकालिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में समुदाय की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। आने वाले महीनों में इस अभियान के परिणामों की समीक्षा और अगले संस्करण की योजना तैयार की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी गतिविधियों की संख्या नहीं, बल्कि ज़मीनी पोषण परिणाम हैं। भारत में बाल कुपोषण अभी भी एक गंभीर चुनौती है, और पखवाड़े जैसे अभियान तब तक सीमित प्रभाव छोड़ते हैं जब तक वे वर्षभर की निरंतर सेवा-वितरण से नहीं जुड़ते। 18 विभागों की भागीदारी और CSR समावेश सकारात्मक संकेत हैं, परंतु स्क्रीन टाइम और संज्ञानात्मक विकास जैसे विषयों पर ग्रामीण आंगनवाड़ियों में प्रभावी क्रियान्वयन की पड़ताल ज़रूरी है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोषण पखवाड़ा 2026 में गुजरात का प्रदर्शन कैसा रहा?
गुजरात ने पोषण पखवाड़े के 8वें संस्करण में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया। राज्य में 73.14 लाख गतिविधियाँ आयोजित हुईं, जो देश की कुल रिपोर्ट की गई गतिविधियों का 10.77 प्रतिशत है।
पोषण पखवाड़ा 2026 कब और कितने दिनों तक चला?
पोषण पखवाड़ा 2026 का आयोजन 9 से 23 अप्रैल 2026 तक हुआ। यह 15 दिवसीय राष्ट्रीय पोषण अभियान का 8वाँ संस्करण था।
पोषण पखवाड़ा 2026 का मुख्य विषय क्या था?
इस वर्ष का केंद्रीय विषय था — जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना। यह इस तथ्य पर आधारित था कि बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह साल की उम्र तक हो जाता है।
गुजरात में पोषण पखवाड़े का नेतृत्व किसने किया?
अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में चला और महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील की देखरेख में पूरा हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्य की 46.36 प्रतिशत गतिविधियाँ अकेले आयोजित कीं।
पोषण पखवाड़े में कितने विभागों ने भाग लिया?
गुजरात में स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायत सहित 18 से अधिक विभागों ने इस अभियान में भाग लिया। इन सभी ने विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर समन्वय करते हुए पोषण जागरूकता गतिविधियाँ संचालित कीं।
राष्ट्र प्रेस
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