पन्नीरसेल्वम का डीएमके में स्वागत: स्टालिन ने किया ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- पन्नीरसेल्वम का डीएमके में शामिल होना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है।
- मुख्यमंत्री स्टालिन ने उनका स्वागत किया।
- यह कदम विधानसभा चुनावों में बड़ा बदलाव ला सकता है।
- डीएमके में शामिल होने से एआईएडीएमके में आंतरिक संघर्ष बढ़ सकते हैं।
- यह घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति को प्रभावित करेगा।
चेन्नई, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की उपस्थिति में डीएमके में प्रवेश किया। पन्नीरसेल्वम को एआईएडीएमके के आंतरिक संघर्षों के कारण पार्टी से बाहर कर दिया गया था।
उन्होंने कई बार पार्टी में फिर से शामिल होने की कोशिश की, लेकिन एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने उनके प्रयासों को अस्वीकार कर दिया।
डीएमके में उनकी सदस्यता पर मुख्यमंत्री स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पन्नीरसेल्वम ने अपने पूर्व संगठन में वापस आकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनका स्वागत है। उन्होंने द्रविड़ आंदोलन की नीति 'काकुम नाम परियकम' का अनुसरण किया है।
सीएम स्टालिन ने कहा कि 2026 का विधानसभा चुनाव एक लोकतांत्रिक लड़ाई होगी, जिसमें तमिलनाडु और भाजपा के बीच मुकाबला होगा। यह समझते हुए, विभिन्न लोकतांत्रिक शक्तियाँ हमारे संगठन में शामिल हो रही हैं। पन्नीरसेल्वम एक दयालु, विनम्र और शालीन व्यक्ति हैं। उन्हें शुभकामनाएँ।
पिछले साल 31 जुलाई को पन्नीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री स्टालिन से मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक गठबंधन में संभावित बदलाव की अटकलें तेज हो गई थीं। 20 फरवरी को हाल ही में हुए बजट सत्र के अंतिम दिन उन्होंने स्टालिन से दोबारा मुलाकात की, जिससे अटकलें और बढ़ गईं।
कई हफ्तों से चल रही अटकलों को समाप्त करते हुए, पन्नीरसेल्वम अपने समर्थकों के साथ डीएमके के मुख्यालय अन्ना अरिवलयम पहुंचे और औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री स्टालिन ने उनका स्वागत किया। यह कदम विधानसभा चुनावों के पहले तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।
डीएमके में पन्नीरसेल्वम की सदस्यता एआईएडीएमके के भीतर व्यापक प्रभाव डाल सकती है, खासकर उन दक्षिणी जिलों में जहां उन्हें काफी समर्थन मिलता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम डीएमके के सशक्तिकरण का संकेत है।