कटरा में अक्षय पात्र रसोई की आधारशिला: एलजी मनोज सिन्हा बोले, बच्चों का पोषण ही देश का भविष्य
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 21 मई 2026 को कटरा में अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीकृत रसोई सुविधा का शिलान्यास किया। पूरी तरह चालू होने के बाद यह रसोई प्रतिदिन 5,000 स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएगी, जो जम्मू-कश्मीर में मिड-डे मील कार्यक्रम को नई गति देने की दिशा में एक ठोस कदम है।
क्या है यह परियोजना
कटरा की यह केंद्रीकृत रसोई अक्षय पात्र के विस्तार योजना का हिस्सा है। उपराज्यपाल ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में जम्मू में भी एक और रसोई सुविधा स्थापित की जाएगी, जिससे और अधिक बच्चों को लाभ मिल सकेगा। यह परियोजना सरकार और सामाजिक संगठनों के बीच साझेदारी का उदाहरण है।
एलजी सिन्हा के मुख्य विचार
उपराज्यपाल ने इस अवसर पर कहा, 'एक भूखा बच्चा सीख नहीं सकता, और जो स्कूल अपने बच्चों को भोजन नहीं दे सकता, वह ईमानदारी से प्रगति के लिए समान अवसर पैदा नहीं कर सकता।' उन्होंने जोर देकर कहा कि पोषण और शिक्षा अलग-अलग नहीं हैं — शिक्षा की नींव अच्छे पोषण पर ही टिकी होती है।
सिन्हा ने कहा कि दशकों के वैश्विक शोध यह प्रमाणित करते हैं कि संतुलित और पौष्टिक भोजन करने वाले बच्चे बेहतर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं, जानकारी को अधिक प्रभावी ढंग से याद रख पाते हैं और कक्षा में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उन्होंने कहा, 'प्रोटीन, विटामिन और एक संतुलित आहार बच्चे के सोचने और समझने की बुनियादी ऊर्जा प्रदान करते हैं।'
विरासत और जिम्मेदारी का संदेश
उपराज्यपाल ने विरासत के महत्व को तीन प्रश्नों से जोड़ा — हम क्या बना रहे हैं, हम क्या संरक्षित कर रहे हैं, और हम आने वाली पीढ़ियों को क्या सौंपेंगे। उन्होंने इस सूची में एक चौथा प्रश्न जोड़ा: 'हम अपने बच्चों को क्या खिला रहे हैं? हमारी युवा पीढ़ी का पोषण ही हमारे देश के भविष्य को आकार देगा।'
सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जब स्कूलों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है तो केवल पेट नहीं भरा जाता, बल्कि भविष्य की सोच को आकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अक्षय पात्र की भूमिका
उपराज्यपाल ने अक्षय पात्र फाउंडेशन की निस्वार्थ सेवा की सराहना की। यह संगठन स्कूली भोजन के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े गैर-सरकारी संगठनों में से एक है, जो वर्तमान में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 20 लाख से अधिक बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में स्कूली उपस्थिति और शैक्षिक परिणामों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आगे की राह
कटरा रसोई के चालू होने के बाद जम्मू में प्रस्तावित दूसरी रसोई से इस पहल का दायरा और बढ़ेगा। उपराज्यपाल ने सरकार और सामाजिक संगठनों के बीच और मजबूत सहयोग का आह्वान किया, ताकि जम्मू-कश्मीर का हर बच्चा स्वस्थ भोजन तक पहुँच सके और कोई भी पीछे न रह जाए।