क्या तेलंगाना सरकारी स्कूलों में नाश्ता और दोपहर भोजन योजना लाने की तैयारी कर रहा है?

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क्या तेलंगाना सरकारी स्कूलों में नाश्ता और दोपहर भोजन योजना लाने की तैयारी कर रहा है?

सारांश

तेलंगाना सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए नाश्ता और दोपहर भोजन योजना लाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इस योजना की समीक्षा की और अधिकारियों को इसकी कार्यान्वयन की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

Key Takeaways

  • तेलंगाना सरकारी स्कूलों में नाश्ता और दोपहर भोजन योजना का प्रस्ताव।
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
  • एनजीओ सहयोग के लिए तैयार हैं।
  • केंद्रीकृत रसोई का निर्माण किया जाएगा।
  • स्कूलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

हैदराबाद, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना सरकार सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए नाश्ता और दोपहर भोजन उपलब्ध कराने की योजना पर कार्यरत है।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कोडंगल विधानसभा क्षेत्र (जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं) के सरकारी स्कूलों में एक एनजीओ द्वारा संचालित नाश्ता और भोजन योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना को राज्य में लागू करने की व्यवहारिकता का अध्ययन किया जाए।

एनजीओ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यदि सरकार पर्याप्त स्थान और आवश्यक सहयोग प्रदान करे तो वे इस योजना को राज्यभर में लागू करने के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय पर सभी विद्यार्थियों तक भोजन पहुंचाने के लिए हर दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक केंद्रीकृत रसोई (सेंट्रलाइज्ड किचन) स्थापित करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव से जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर इन रसोइयों की स्थापना के लिए दो एकड़ भूमि आवंटित करने या 99 वर्षों की लीज पर भूमि लेने का निर्णय करने को कहा।

शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स’ परियोजना के तहत पहले चरण में बालिकाओं के लिए अधिक स्कूल आवंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक बालक और एक बालिका के लिए ‘यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स’ स्कूल के निर्माण को तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले ही बालिकाओं के स्कूल स्थापित हो चुके हैं, वहां अगले चरण में बालकों के स्कूल आवंटित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना के तहत एकीकृत आवासीय विद्यालयों में सोलर किचन के निर्माण की संभावना तलाशने और इन स्कूलों के निर्माण से जुड़े लंबित बिलों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रेटर हैदराबाद में 23 नए स्कूल भवनों का निर्माण अगले शैक्षणिक सत्र तक पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक स्कूल कम से कम 1.50 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाना चाहिए।

बैठक में पाठ्यक्रम संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पहली कक्षा से दसवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में बदलाव कर उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। इसके अलावा, वीरनारी चकाली इलम्मा महिला विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।

Point of View

जो राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कदम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार करेगा।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

तेलंगाना में नाश्ता और दोपहर भोजन योजना कब लागू होगी?
यह योजना जल्द ही लागू होने की उम्मीद है, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसकी समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
क्या सभी सरकारी स्कूलों में यह योजना लागू होगी?
हाँ, योजना सभी सरकारी स्कूलों में लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
क्या इस योजना के लिए एनजीओ सहयोग करेंगे?
जी हाँ, एनजीओ ने सरकार को सहयोग देने की इच्छा जताई है।
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