संदीप दीक्षित: भाजपा यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फंसाने की कर रही है कोशिश
सारांश
Key Takeaways
- संदीप दीक्षित ने भाजपा पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को फंसाने का आरोप लगाया है।
- कांग्रेस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन का इतिहास पुराना है।
- भाजपा के अहंकार के चलते विरोध प्रदर्शनों को दमन का शिकार बनाया जा रहा है।
- विरोध प्रदर्शनों को अपराध की श्रेणी में डालने का प्रयास किया जा रहा है।
- इस घटनाक्रम का चुनावों पर असर पड़ सकता है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंडिया एआई समिट में यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक माहौल को और भी गर्मा दिया है। विपक्ष केंद्र सरकार पर अनुचित कार्रवाई का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस प्रकार के प्रदर्शनों का इतिहास पुराना है।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हमने बार-बार यह बताया है कि इस देश में पहले भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है। यदि आपको यह पसंद नहीं आया, तो यह आपकी समस्या है। हमने अनेकों बार ऐसे प्रदर्शनों का सामना किया है। आप किसी को हिरासत में ले सकते हैं और शाम को रिहा कर सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि हमने इससे भी बड़े प्रदर्शनों को देखा है। लोग पत्थरबाजी भी करते थे। वर्तमान में दिल्ली पुलिस यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को फंसाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा पर हमला करते हुए संदीप दीक्षित ने कहा कि ये प्रदर्शन भाजपा के नेताओं को पसंद नहीं आए हैं। इसी कारण नियमों से परे कार्रवाई की जा रही है। ये लोग अब विरोध प्रदर्शन को भी अपराध मानने लगे हैं, इसलिए वे शोर मचा रहे हैं। भाजपा और प्रधानमंत्री को अहंकार आ गया है और वे किसी की सुन नहीं रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अब देश में पुलिस कानून के अनुसार नहीं चल रही है, बल्कि भाजपा के नेताओं के अनुसार चलाई जा रही है। ये लोग कभी भी किसी के खिलाफ केस बना सकते हैं, और जो कानून का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है उसे भी लागू करने लगते हैं, जिससे देश का माहौल बिगड़ रहा है।
संदीप दीक्षित ने यह कहा कि भाजपा देश में मनमानी कर सकती है। यदि हम इसका विरोध करते हैं, तो भाजपा को यह बुरा लगता है और वह उसके खिलाफ कानून से परे कार्रवाई करने लगती है, जैसे कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल में रखा गया है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।