भारत का राजकोषीय घाटा जनवरी अंत तक 9.8 लाख करोड़ रुपए: वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट

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भारत का राजकोषीय घाटा जनवरी अंत तक 9.8 लाख करोड़ रुपए: वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट

सारांश

भारत का राजकोषीय घाटा जनवरी 2026 तक 9.8 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। यह पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 63 प्रतिशत है। जानें इस रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े और वित्त मंत्री का क्या कहना है।

Key Takeaways

  • भारत का राजकोषीय घाटा 9.8 लाख करोड़ रुपए
  • 63 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ
  • 36,90,061 करोड़ रुपए का कुल व्यय
  • राजस्व मद पर 28,47,780 करोड़ रुपए खर्च
  • 2026-27 के लिए 4.3 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा लक्ष्य

नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से लेकर जनवरी के अंत तक 9.8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो कि पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 63 प्रतिशत है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत सरकार ने जनवरी 2026 तक 27,08,654 करोड़ रुपए की प्राप्ति की है, जो कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित संशोधित अनुमान का 79.5 प्रतिशत है।

इसमें 20,94,218 करोड़ रुपए कर राजस्व (केंद्र को प्राप्त शुद्ध राशि), 5,57,307 करोड़ रुपए गैर-कर राजस्व और 57,129 करोड़ रुपए गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इस अवधि में भारत सरकार द्वारा राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के रूप में 11,39,767 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 65,588 करोड़ रुपए अधिक है।

इस अवधि में भारत सरकार का कुल व्यय 36,90,061 करोड़ रुपए रहा है, जो कि वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित कुल व्यय अनुमान का 74.3 प्रतिशत है, जिसमें से 28,47,780 करोड़ रुपए राजस्व मद पर और 8,42,281 करोड़ रुपए पूंजी मद पर व्यय किए गए हैं।

कुल राजस्व व्यय में से 9,88,302 करोड़ रुपए ब्याज भुगतान के मद पर और 3,54,861 करोड़ रुपए प्रमुख सब्सिडी के मद पर खर्च किए गए हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक कम करने का अनुमान लगाया है।

1 फरवरी को अपने बजट भाषण में उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार ने 2025-26 के बजट में राजकोषीय घाटे को 4.4 प्रतिशत तक कम करने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर ली है और अब इसे और कम करके 4.3 प्रतिशत तक लाने का इरादा रखती है।

उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य आर्थिक गतिशीलता को बनाए रखने और सार्वजनिक वित्त को स्थिर करने के बीच संतुलन को दर्शाता है।

राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय और कुल राजस्व के बीच का अंतर है।

Point of View

भारत का राजकोषीय घाटा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। वित्त मंत्रालय का यह डेटा हमें यह समझने में मदद करता है कि सरकार किस तरह से वित्तीय प्रबंधन कर रही है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत का राजकोषीय घाटा कितने प्रतिशत तक पहुंच गया है?
भारत का राजकोषीय घाटा जनवरी 2026 तक 9.8 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो कि पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 63 प्रतिशत है।
भारत सरकार ने इस दौरान कितना व्यय किया?
इस अवधि में भारत सरकार ने कुल व्यय 36,90,061 करोड़ रुपए किया है।
वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे को कम करने का क्या लक्ष्य रखा है?
वित्त मंत्री ने 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है।
राजकोषीय घाटा क्या होता है?
राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय और कुल राजस्व के बीच का अंतर होता है।
राजस्व मद पर कितना व्यय किया गया?
राजस्व मद पर भारत सरकार ने 28,47,780 करोड़ रुपए व्यय किए हैं।
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