भारत ने पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की कोशिशों को किया अस्वीकार

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भारत ने पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की कोशिशों को किया अस्वीकार

सारांश

भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान द्वारा परिसीमन प्रक्रिया पर दिए गए बयान को सख्ती से खारिज किया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब लोकसभा में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही है। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।

Key Takeaways

  • भारत ने पाकिस्तान के बयान को खारिज किया।
  • विदेश मंत्रालय ने बाहरी दखल को अस्वीकार किया।
  • लोकसभा में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही है।
  • महिलाओं के लिए आरक्षण का विधेयक पेश किया गया।
  • केंद्रीय मंत्री ने विधेयक को महत्वपूर्ण बताया।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पाकिस्तान द्वारा भारत में चल रही परिसीमन प्रक्रिया पर दिए गए बयान को कड़े शब्दों में खारिज कर दिया।

इस्लामाबाद ने उन समाचारों पर प्रतिक्रिया दी थी, जिनमें कहा गया था कि भारत का परिसीमन विधेयक 2026 पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार कर रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार की बाहरी दखलंदाजी को स्वीकार नहीं करता है।

पाकिस्तान की टिप्पणियों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर जायसवाल ने कहा, “भारत के आंतरिक मामले केवल भारत के हैं और हम इनमें किसी भी प्रकार की दखल देने की कोशिशों और इसी तरह की टिप्पणियों को खारिज करते हैं।”

विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो रही थी, जिनका उद्देश्य महिलाओं के लिए आरक्षण कानून में संशोधन करना और परिसीमन आयोग की स्थापना करना है।

गुरुवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा को जानकारी दी थी कि इन तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और शुक्रवार को मतदान किया जाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ तो बहस की अवधि बढ़ाई जा सकती है, ताकि सभी सदस्य विस्तार से अपनी बात रख सकें।

इस बीच, संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा में गुरुवार को ध्वनिमत के बाद मत विभाजन के जरिए पेश करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक महिलाओं को आरक्षण देने और परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में यह विधेयक पेश किया, जो विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले भी सांसदों ने इस विधेयक को चर्चा के लिए प्रस्तुत करने के पक्ष में मतदान किया था।

संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 के साथ-साथ परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश किए गए।

इससे पहले लोकसभा में विपक्ष की मांग पर मत विभाजन कराया गया था, जिसमें 251 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में और 185 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह आंकड़ा घोषित करते हुए कहा कि इसमें परिवर्तन संभव है।

Point of View

भारत ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत ने पाकिस्तान के बयान को क्यों खारिज किया?
भारत ने पाकिस्तान के बयान को खारिज किया क्योंकि यह उनके आंतरिक मामलों में दखल देने का प्रयास था, जिसे भारत ने सख्ती से अस्वीकार किया।
लोकसभा में किन विधेयकों पर चर्चा हो रही है?
लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग की स्थापना से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही है।
कौन से मंत्री ने लोकसभा में विधेयक पेश किया?
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में विधेयक पेश किया।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का क्या संदर्भ है?
पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत का परिसीमन विधेयक उनके कब्जे वाले कश्मीर में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार कर रहा है।
क्या भारत अपने आंतरिक मामलों में बाहरी दखल को स्वीकार करता है?
नहीं, भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार की बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करता।
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