बाजार की पाठशाला: एक साल में सोने और चांदी ने किसे दिया अधिक लाभ? अक्षय तृतीया पर निवेश करें और मुनाफा कमाएं
सारांश
Key Takeaways
- अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा
- पिछले साल में सोने की कीमत में 55%25 वृद्धि
- चांदी ने 155%25 से अधिक रिटर्न दिया
- विश्लेषकों का सकारात्मक रुख
- किस्तों में निवेश करने की सलाह
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में अक्षय तृतीया के अवसर पर सोना और चांदी खरीदने की प्रथा केवल धार्मिक नहीं है, बल्कि यह आर्थिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये कीमती धातुएं न केवल संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक साधन हैं, बल्कि ये पीढ़ी दर पीढ़ी संपत्ति के हस्तांतरण का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसी कारण, इस दिन सोना-चांदी की मांग हमेशा बनी रहती है, चाहे कीमतें कितनी भी ऊंची क्यों न हों।
पिछले साल की अक्षय तृतीया के बाद से सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों को लाभ मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 9 वर्षों में इस दिन किया गया निवेश आमतौर पर फायदे में रहा है। भारत में घरेलू परिवारों के पास विश्व के कुल सोने का लगभग 11-16 प्रतिशत हिस्सा है, जो अमेरिका, जर्मनी, इटली और रूस के संयुक्त भंडार से भी अधिक है।
सोने की बात करें तो पिछले वर्ष 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया पर 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 97,910 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर 17 अप्रैल 2026 तक लगभग 1,51,358 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। इसका मतलब है कि लगभग 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी और बाजार में पहले से ही खरीदारी का माहौल बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची कीमतों के बावजूद इस बार भी सोने की मांग मजबूत रह सकती है। वैश्विक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारणों से सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया है। पिछले साल की अक्षय तृतीया से अब तक चांदी ने 155 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत लगभग 1,00,000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2,51,400 रुपये प्रति किलो हो गई है। चांदी की खासियत यह है कि इसमें निवेश के साथ-साथ औद्योगिक मांग भी जुड़ी होती है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) मौजूद है, लेकिन भविष्य का रुख सकारात्मक बना हुआ है। सोने ने पिछले 5 सालों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और अक्षय तृतीया के आसपास भी अच्छे रिटर्न दिए हैं। आने वाले समय में भी सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद है और घरेलू बाजार में इसकी कीमत 1,70,000 रुपये से 1,85,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।
हालांकि, विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे (किस्तों में) निवेश करें, ताकि जोखिम कम किया जा सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी में भी मध्यावधि में तेजी की संभावना है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है। अनुमान है कि आने वाले समय में चांदी की कीमत 3,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।