जरूरतमंदों की सेवा: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की प्रेरणादायक अपील
सारांश
Key Takeaways
- जरूरतमंदों की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानना चाहिए।
- सेवा भारती जैसे संगठनों का योगदान महत्वपूर्ण है।
- सामुदायिक रसोई का महत्व बढ़ता जा रहा है।
- स्वयंसेवकों की भूमिका समाज में सशक्तिकरण में है।
- महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण केंद्रों का विकास आवश्यक है।
जम्मू, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना सबसे बड़ा कर्तव्य है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को 'अपना भोजनालय' के उन्नयन कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक सामुदायिक रसोई है, जिसे सेवा भारती संगठन द्वारा चलाया जाता है, जिसमें जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड का सहयोग भी शामिल है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में एलजी ने कहा, "आज मैंने 'अपना भोजनालय' के उन्नयन समारोह में भाग लिया। यह सामुदायिक रसोई 'सेवा भारती' द्वारा संचालित है और इसे जम्मू-कश्मीर बैंक तथा अन्य दानदाताओं का समर्थन प्राप्त है। सेवा भारती की 'समाज को कुछ वापस देने' की अद्भुत भावना देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह भावना व्यक्तियों को सशक्त बनाती है और समुदायों को मजबूत करती है।"
उन्होंने आगे कहा, "जरूरतमंदों की सेवा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं है। सेवा भारती ने लोगों के शरीर को पोषण देकर उनकी आत्मा को संबल प्रदान किया है और हर मानव जीवन की गरिमा को स्थापित किया है। 'अपना भोजनालय' को सुदृढ़ करना हमारे समाज की मूल संरचना को मजबूती प्रदान करना है।"
सेवा भारती एक प्रमुख भारतीय गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) है, जिसकी स्थापना 1979 में हुई थी। यह स्वयंसेवकों द्वारा संचालित सामाजिक सेवा के माध्यम से वंचित समुदायों के उत्थान के लिए समर्पित है और इसका मुख्य ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है।
यह मुख्य रूप से झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में विकास और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का कार्य करता है। 2 अक्टूबर 1979 को बालासाहेब देवरस द्वारा स्थापित यह संगठन गरीबों और उपेक्षित लोगों की सेवा करने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और कमजोर वर्गों को सामाजिक सशक्तिकरण प्रदान करने के लिए काम करता है। संगठन की मुख्य गतिविधियों में बालवाड़ियां (किंडरगार्टन), कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए छात्रावास और कोचिंग सेंटर चलाना शामिल है।
यह मोबाइल मेडिकल वैन और क्लीनिक भी चलाता है और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करता है। यह संगठन व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है, जैसे कि शॉर्टहैंड और टाइपिंग, विशेष रूप से युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करते हुए यह संगठन सिलाई और टेलरिंग के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करता है। यह एनजीओ जमीनी स्तर पर काम करता है, जिसमें अनेक स्वयंसेवक शामिल हैं। साथ ही, यह 'राष्ट्रीय सेवा भारती' के अंतर्गत आने वाले ट्रस्टों और एनजीओ के एक विशाल नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है।