बिहार के सहरसा में मिड-डे मील से 250 से अधिक बच्चे बीमार, जाँच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
सहरसा, बिहार के महिषी ब्लॉक के बलुआहा स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में 7 मई को दोपहर का भोजन करने के बाद 250 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए, जिससे पूरे इलाके में स्वास्थ्य संकट की स्थिति पैदा हो गई। छात्रों में पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी के लक्षण देखे गए और सभी प्रभावित बच्चों को तत्काल महिशी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
घटनाक्रम: कैसे फैली अफरा-तफरी
कक्षा 5 के छात्र रोहित कुमार के अनुसार, स्कूल में दोपहर के भोजन में लगभग सुबह 10 बजे चावल और दाल परोसी गई। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उन्हें पेट में तेज दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। कक्षा 7 की छात्रा शिवानी ने भी बताया कि भोजन करने के तुरंत बाद कई बच्चे एक साथ बीमार पड़ने लगे।
बच्चों की अचानक बिगड़ती हालत देख शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय निवासियों में भारी घबराहट फैल गई। महिशी स्वास्थ्य केंद्र पर बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ पहुँचने से वहाँ भीड़ उमड़ पड़ी, जबकि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लगातार बच्चों की जाँच और उपचार में जुटे रहे।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद और अन्य वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने महिशी स्कूल का दौरा कर उपचार व्यवस्था का जायजा लिया।
डॉ. प्रसाद ने पुष्टि की कि यह संदिग्ध खाद्य विषाक्तता का मामला है और सभी प्रभावित बच्चों का इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि जिन छात्रों की हालत अपेक्षाकृत गंभीर थी, उन्हें बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने अभिभावकों से घबराने की अपील न करते हुए कहा कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने मामले की जाँच के आदेश दे दिए हैं। संदिग्ध खाद्य विषाक्तता के सटीक कारण का पता लगाने के लिए मध्याह्न भोजन के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे जाने की तैयारी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
आम जनता और अभिभावकों पर असर
इस घटना ने स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर अभिभावकों और स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश पैदा किया है। गौरतलब है कि बिहार में मिड-डे मील से जुड़ी यह कोई पहली घटना नहीं है — राज्य में इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें छपरा का वह दुखद हादसा भी शामिल है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय किए जाने की उम्मीद है।