11 अगस्त 2026
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कोयंबटूर में मिड डे मील के बाद 43 छात्रों की तबीयत बिगड़ी, पलानीस्वामी ने सरकार को घेरा

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कोयंबटूर में मिड डे मील के बाद 43 छात्रों की तबीयत बिगड़ी, पलानीस्वामी ने सरकार को घेरा

सारांश

कोयंबटूर में 43 सरकारी स्कूल के छात्रों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने इस मुद्दे पर सरकार की कड़ी आलोचना की है। जानें पूरी खबर।

मुख्य बातें

43 छात्रों की तबीयत बिगड़ी पलानीस्वामी की कड़ी आलोचना मिड डे मील की गुणवत्ता पर सवाल डीएमके सरकार की लापरवाही छिपकली की घटना के कारण जहरीला खाना

कोयंबटूर, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा के विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सरकारी स्कूल के छात्रों की तबीयत बिगड़ने को लेकर सरकार पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कोयंबटूर जिले के 43 सरकारी स्कूल के छात्रों को गुणवत्ता हीन मिड डे मील के कारण अस्पताल में भर्ती कराना एक चौंकाने वाला और दुखद मामला है। 43 बच्चों का अस्पताल में इलाज होते देखना रोंगटे खड़े कर देता है। जिला कलेक्टर की इस मामले पर प्रतिक्रिया के बावजूद, कुछ मीडिया संस्थानों ने इस खबर को नहीं दिखाया, यह बेहद निराशाजनक है।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने स्टालिन सरकार से सवाल करते हुए कहा, "सरकार छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। मिड डे जैसी योजना में इस प्रकार की लापरवाही कैसे हो सकती है? 2021 से सैकड़ों बच्चे घटिया सरकारी स्कूल के भोजन से प्रभावित हो रहे हैं, फिर भी सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।" उन्होंने कहा कि सरकार खोखले प्रचार के लिए "सांभर का स्वाद कैसा है?" जैसे सवाल पूछ रही है।

पलानीस्वामी ने कहा कि डीएमके सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूली छात्रों को उनकी ज़रूरत का इलाज मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह उदासीनता जारी रही, तो लोग डीएमके को नकार देंगे।

गौरतलब है कि कोयंबटूर नगर निगम द्वारा कौंडमपलायम के स्कूल में मंगलवार को दोपहर के भोजन के बाद 43 बच्चे बीमार हो गए थे। बताया गया कि खाने में छिपकली गिर गई थी, जिससे भोजन जहरीला हो गया।

कोयंबटूर नगर निगम के कमिश्नर शिवगुरु प्रभाकरन ने कहा, "जैसे ही हमें छिपकली गिरने का पता चला, खाना तुरंत रोक दिया गया। 5 डॉक्टरों को भेजा गया और छात्रों का इलाज किया गया।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयंबटूर में छात्रों की तबीयत क्यों बिगड़ी?
छात्रों की तबीयत मिड डे मील में छिपकली गिरने के कारण बिगड़ी, जिससे खाना जहरीला हो गया।
इस मामले पर पलानीस्वामी का क्या कहना है?
पलानीस्वामी ने सरकार पर छात्रों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
क्या इस घटना से सरकार पर कोई दबाव पड़ेगा?
यह घटना सरकार की लापरवाही को उजागर करती है, जिससे दबाव पड़ सकता है।
क्या छात्रों का इलाज किया गया?
हाँ, छात्रों का इलाज 5 डॉक्टरों द्वारा किया गया।
क्या मीडिया ने इस खबर को कवर किया?
कुछ मीडिया संस्थानों ने इस मामले को कवर नहीं किया, जिससे पलानीस्वामी ने निराशा व्यक्त की।
राष्ट्र प्रेस
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