झारखंड के पलामू में शादी का भोज बना 'जहर', 100 से अधिक ग्रामीण फूड पॉइजनिंग के शिकार
सारांश
Key Takeaways
- फूड पॉइजनिंग की घटना ने 100 से अधिक ग्रामीणों को प्रभावित किया।
- प्रशासन ने अस्थायी मेडिकल कैंप लगाया है।
- गंभीर स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल भेजा गया है।
- स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर नजर रखने के लिए टीम तैनात की है।
मेदिनीनगर, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड के बोहिता गाँव में एक शादी के भोज के बाद भयंकर फूड पॉइजनिंग की घटना हुई है। इस समारोह में भोजन करने के बाद 100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए।
गुरुवार को घटी इस घटना ने गाँव में अफरा-तफरी मचा दी, जिसके चलते प्रशासन ने गाँव के स्कूल में अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित किया है। लगभग 10 लोगों की स्थिति गंभीर बताई गई है, जिन्हें मेदिनीनगर के एमएमसीएच और लेस्लीगंज सीएचसी में बेहतर चिकित्सा के लिए भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार, बोहिता गाँव में हरिशंकर चंद्रवंशी के बेटे लवकुश शर्मा की शादी का कार्यक्रम था। बुधवार शाम को बारात से पहले ग्रामीणों और मेहमानों के लिए भोज का आयोजन किया गया, जिसमें पूड़ी, सब्जी और बुंदिया शामिल थीं। खाने के कुछ घंटों बाद ही लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। गुरुवार सुबह जब लोग उठे, तो कई घरों से बीमारों की सूचना आने लगी।
गाँव के निवासी सुदेश्वर सिंह ने बताया कि सुबह कुछ लोग खेतों की ओर गए और अचानक कमजोरी और चक्कर महसूस करने लगे। देखते ही देखते प्रभावितों की संख्या 100 से अधिक हो गई। मरीजों की बड़ी संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पोखरपार टोला को अस्थायी अस्पताल में बदल दिया। बेड की कमी के कारण कई मरीजों को स्कूल के बरामदे में चटाई बिछाकर उपचार दिया गया।
पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने गंभीर मरीजों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने और अन्य का उपचार गाँव में ही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
संभावित आपात स्थितियों के लिए मौके पर चार एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह फूड पॉइजनिंग का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन खाने के सैंपल की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संक्रमण का कारण क्या था। फिलहाल, चिकित्सा टीम गाँव में ही कैंप कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।