राहुल गांधी की 'गद्दार' टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, आरपी सिंह बोले — भाषा असंसदीय और अभद्र

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राहुल गांधी की 'गद्दार' टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, आरपी सिंह बोले — भाषा असंसदीय और अभद्र

सारांश

राहुल गांधी द्वारा PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर 'गद्दार' की टिप्पणी के बाद BJP नेताओं ने एकजुट होकर पलटवार किया। आरपी सिंह से लेकर संत समाज तक — सभी ने भाषा को असंसदीय और अमर्यादित बताया। यह विवाद दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक कटुता का ताज़ा अध्याय है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर 'गद्दार' की टिप्पणी की।
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भाषा को 'अनुचित, अभद्र और असंसदीय' बताया और इसे हताशे में दिया गया बयान करार दिया।
कर्नाटक से BJP सांसद लहर सिंह सिरोया ने बयान को 'बचकाना' कहते हुए मीडिया से इसे नज़रअंदाज़ करने की अपील की।
मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम ने राहुल गांधी पर 'फेक नरेटिव' फैलाने और अंतरराष्ट्रीय ताकतों की कठपुतली होने का आरोप लगाया।
संत योगानंद गिरि महाराज सहित संत समाज ने भी बयान को अमर्यादित बताते हुए सार्वजनिक विमर्श में मर्यादा की अपील की।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई 'गद्दार' वाली टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 21 मई को तीखी प्रतिक्रिया दी। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने इस भाषा को अनुचित, अभद्र और असंसदीय करार दिया। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसद सत्र के बाहर भी राजनीतिक बयानबाज़ी अपने चरम पर है।

आरपी सिंह की प्रतिक्रिया

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह न केवल अनुचित है बल्कि अभद्र और असंसदीय भी है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह टिप्पणी हताशे में की गई प्रतीत होती है और इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं हैं। सिंह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे चीन के साथ किए गए कथित करार को कब सार्वजनिक करेंगे और यह स्पष्ट करेंगे कि वह देशहित में है या देश के साथ गद्दारी।

सांसद लहर सिंह सिरोया का रुख

कर्नाटक से BJP सांसद लहर सिंह सिरोया ने राहुल गांधी के बयानों को 'बचकाना' बताते हुए कहा कि मीडिया को ऐसे बयानों को नज़रअंदाज़ करना चाहिए। उनके अनुसार, इन बयानों पर प्रतिक्रिया देकर समय व्यर्थ करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी किस तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं।

मुंबई BJP अध्यक्ष का आरोप

मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम ने राहुल गांधी पर 'फेक नरेटिव' फैलाने का आरोप लगाया। साटम ने कहा कि राहुल गांधी ने भारत, भारतवासियों और भारत सरकार को बदनाम किया है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय ताकतों की 'कठपुतली' बताया जो देश के विकास में अवरोध पैदा करना चाहती हैं। गौरतलब है कि ये आरोप राहुल गांधी के खिलाफ BJP नेताओं द्वारा पहले भी लगाए जाते रहे हैं।

संत समाज की आपत्ति

संत समाज ने भी राहुल गांधी के बयान को अमर्यादित बताया। संत योगानंद गिरि महाराज ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए सार्वजनिक विमर्श में मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि 'वाणी ही व्यक्ति का परिचय होती है' और राहुल गांधी के बयान उनके स्तर को दर्शाते हैं। उनका यह भी कहना था कि इस तरह के बयानों के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) आज अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।

आगे क्या

राहुल गांधी की ओर से इन प्रतिक्रियाओं पर अभी कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। यह विवाद संसद के अगले सत्र तक राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है, विशेषकर तब जब दोनों दलों के बीच बयानबाज़ी का यह सिलसिला थमने के बजाय तेज होता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ बयान और पलटवार मूल मुद्दे को पीछे धकेल देते हैं। असली सवाल — चाहे वह चीन करार हो, संसदीय मर्यादा हो या विपक्ष की भूमिका — चर्चा से गायब हो जाता है। BJP की प्रतिक्रिया जितनी तीखी है, उतनी ही यह भी दर्शाती है कि 'गद्दार' जैसे शब्द राजनीतिक रूप से कितने संवेदनशील हैं। लोकतांत्रिक बहस में भाषा की मर्यादा दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है — केवल एक की नहीं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह पर क्या टिप्पणी की?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर 'गद्दार' की टिप्पणी की, जिसे BJP नेताओं ने असंसदीय और अभद्र बताया। यह बयान 21 मई को सामने आया और इसने तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया।
BJP ने राहुल गांधी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने बयान को 'अनुचित, अभद्र और असंसदीय' बताया। सांसद लहर सिंह सिरोया ने इसे 'बचकाना' कहा, जबकि मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम ने राहुल गांधी पर 'फेक नरेटिव' फैलाने का आरोप लगाया।
संत समाज ने इस विवाद पर क्या कहा?
संत योगानंद गिरि महाराज ने राहुल गांधी के बयान को अमर्यादित बताया और सार्वजनिक चर्चाओं में मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों के कारण कांग्रेस आज अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।
आरपी सिंह ने राहुल गांधी से कौन-सा सवाल पूछा?
आरपी सिंह ने राहुल गांधी से पूछा कि वे चीन के साथ किए गए कथित करार को कब सार्वजनिक करेंगे और यह स्पष्ट करेंगे कि वह देशहित में है या देश के साथ गद्दारी। यह सवाल उन्होंने राहुल गांधी की 'गद्दार' टिप्पणी के संदर्भ में उठाया।
इस राजनीतिक विवाद का आगे क्या असर हो सकता है?
राहुल गांधी की ओर से अभी तक इन प्रतिक्रियाओं का कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। यह विवाद संसद के अगले सत्र तक राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है और BJP-कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी को और तेज कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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