सीआईआई और साइप्रस चैंबर के बीच रणनीतिक एमओयू, व्यापार-रक्षा सहयोग को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय उद्योग परिसंघ सीआईआई (CII) ने 21 मई 2026 को मुंबई में आयोजित साइप्रस-इंडिया बिजनेस फोरम के दौरान साइप्रस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (CCCI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह ऐतिहासिक समझौता साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह भारत-साइप्रस आर्थिक संबंधों को संस्थागत ढाँचा देने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
समझौते का दायरा और उद्देश्य
सीआईआई-सीसीसीआई एमओयू का मुख्य लक्ष्य भारतीय और साइप्रस के उद्योगों के बीच निवेश प्रोत्साहन, संयुक्त उपक्रम, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, ट्रेड फेयर और विविध क्षेत्रों में केंद्रित सहयोग को सुदृढ़ करना है। टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इनोवेशन और सेवा क्षेत्र इस साझेदारी के प्रमुख स्तंभ होंगे।
सीआईआई राष्ट्रीय कौशल और आजीविका केंद्र समिति के अध्यक्ष बी. थियागराजन ने कहा कि यह साझेदारी व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग के नए द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत औद्योगिक संबंध टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, डिजिटल इनोवेशन और सेवा क्षेत्रों में तेज़ विकास का आधार बनेंगे।
रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अलग समझौता
इसी अवसर पर सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) ने साइप्रस डिफेंस एंड स्पेस इंडस्ट्री क्लस्टर (CIDSC) के साथ एक पृथक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य रक्षा निर्माण, एयरोस्पेस इनोवेशन, ड्यूल-यूज टेक्नोलॉजी और औद्योगिक सहयोग को नई ऊँचाई देना है। यह समझौता ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा निर्यात क्षमता को विस्तार देने पर विशेष ज़ोर दे रहा है।
उच्चस्तरीय राजनयिक उपस्थिति
मुंबई के इस बिजनेस फोरम में साइप्रस गणराज्य के परिवहन और संचार मंत्री एलेक्सिस वाफेडेस और रिसर्च, इनोवेशन एवं डिजिटल पॉलिसी के उप मंत्री निकोडेमोस डामियानू भी उपस्थित रहे। यूरोप मामलों के संयुक्त सचिव जय प्रकाश शिवहरे ने भारत-साइप्रस के बढ़ते आर्थिक सहयोग पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस की भारत यात्रा का संदर्भ
राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस 20 से 23 मई 2026 तक भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। गौरतलब है कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2025 में हुई ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा के एक वर्ष के भीतर हो रही है — जो दो दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा थी।
यात्रा के दौरान राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस प्रधानमंत्री मोदी से व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, संस्कृति, रक्षा, एआई, फिनटेक और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करेंगे। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में साइप्रस यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, जो इस यात्रा के रणनीतिक महत्व को और बढ़ा देता है।
आगे क्या होगा
भारत और साइप्रस 10 फरवरी 2027 को अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करेंगे। इस पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित ये समझौते न केवल द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देंगे, बल्कि भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के व्यापक संदर्भ में भी एक मजबूत कड़ी साबित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा और डिजिटल इनोवेशन क्षेत्र में यह सहयोग आने वाले वर्षों में ठोस परिणाम दे सकता है।