27 जुलाई 2026
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सीआईआई और साइप्रस चैंबर के बीच रणनीतिक एमओयू, व्यापार-रक्षा सहयोग को नई दिशा

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सीआईआई और साइप्रस चैंबर के बीच रणनीतिक एमओयू, व्यापार-रक्षा सहयोग को नई दिशा

सारांश

मुंबई में साइप्रस-इंडिया बिजनेस फोरम के दौरान सीआईआई और साइप्रस चैंबर के बीच व्यापार एमओयू तथा SIDM और CIDSC के बीच रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए। साइप्रस राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा, मोदी की 2025 साइप्रस यात्रा के एक वर्ष बाद, दोनों देशों के 65 साल के राजनयिक संबंधों को नई ऊँचाई दे रही है।

मुख्य बातें

सीआईआई और साइप्रस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (CCCI) के बीच 21 मई 2026 को मुंबई में रणनीतिक एमओयू पर हस्ताक्षर।
समझौता साइप्रस राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में संपन्न।
SIDM और CIDSC के बीच अलग रक्षा एवं एयरोस्पेस सहयोग समझौता भी हस्ताक्षरित।
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस 20-23 मई 2026 की चार दिवसीय यात्रा पर — राष्ट्रपति बनने के बाद पहली भारत यात्रा।
भारत और साइप्रस 10 फरवरी 2027 को राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करेंगे।
वर्तमान में साइप्रस यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, जो इस साझेदारी को भारत-EU संदर्भ में विशेष महत्व देता है।

भारतीय उद्योग परिसंघ सीआईआई (CII) ने 21 मई 2026 को मुंबई में आयोजित साइप्रस-इंडिया बिजनेस फोरम के दौरान साइप्रस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (CCCI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह ऐतिहासिक समझौता साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह भारत-साइप्रस आर्थिक संबंधों को संस्थागत ढाँचा देने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

समझौते का दायरा और उद्देश्य

सीआईआई-सीसीसीआई एमओयू का मुख्य लक्ष्य भारतीय और साइप्रस के उद्योगों के बीच निवेश प्रोत्साहन, संयुक्त उपक्रम, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, ट्रेड फेयर और विविध क्षेत्रों में केंद्रित सहयोग को सुदृढ़ करना है। टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इनोवेशन और सेवा क्षेत्र इस साझेदारी के प्रमुख स्तंभ होंगे।

सीआईआई राष्ट्रीय कौशल और आजीविका केंद्र समिति के अध्यक्ष बी. थियागराजन ने कहा कि यह साझेदारी व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग के नए द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत औद्योगिक संबंध टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, डिजिटल इनोवेशन और सेवा क्षेत्रों में तेज़ विकास का आधार बनेंगे।

रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अलग समझौता

इसी अवसर पर सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) ने साइप्रस डिफेंस एंड स्पेस इंडस्ट्री क्लस्टर (CIDSC) के साथ एक पृथक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य रक्षा निर्माण, एयरोस्पेस इनोवेशन, ड्यूल-यूज टेक्नोलॉजी और औद्योगिक सहयोग को नई ऊँचाई देना है। यह समझौता ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा निर्यात क्षमता को विस्तार देने पर विशेष ज़ोर दे रहा है।

उच्चस्तरीय राजनयिक उपस्थिति

मुंबई के इस बिजनेस फोरम में साइप्रस गणराज्य के परिवहन और संचार मंत्री एलेक्सिस वाफेडेस और रिसर्च, इनोवेशन एवं डिजिटल पॉलिसी के उप मंत्री निकोडेमोस डामियानू भी उपस्थित रहे। यूरोप मामलों के संयुक्त सचिव जय प्रकाश शिवहरे ने भारत-साइप्रस के बढ़ते आर्थिक सहयोग पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस की भारत यात्रा का संदर्भ

राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस 20 से 23 मई 2026 तक भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। गौरतलब है कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2025 में हुई ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा के एक वर्ष के भीतर हो रही है — जो दो दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा थी।

यात्रा के दौरान राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस प्रधानमंत्री मोदी से व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, संस्कृति, रक्षा, एआई, फिनटेक और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करेंगे। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में साइप्रस यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, जो इस यात्रा के रणनीतिक महत्व को और बढ़ा देता है।

आगे क्या होगा

भारत और साइप्रस 10 फरवरी 2027 को अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करेंगे। इस पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित ये समझौते न केवल द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देंगे, बल्कि भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के व्यापक संदर्भ में भी एक मजबूत कड़ी साबित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा और डिजिटल इनोवेशन क्षेत्र में यह सहयोग आने वाले वर्षों में ठोस परिणाम दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि भारत के पिछले कई द्विपक्षीय व्यापार समझौते घोषणाओं के बाद क्रियान्वयन की धीमी गति के शिकार रहे हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआईआई और साइप्रस चैंबर ऑफ कॉमर्स के बीच एमओयू क्या है?
यह 21 मई 2026 को मुंबई में हस्ताक्षरित एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन है, जिसका उद्देश्य भारत और साइप्रस के उद्योगों के बीच निवेश, संयुक्त उपक्रम, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और टेक्नोलॉजी सहयोग को बढ़ावा देना है। यह समझौता साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस की भारत यात्रा के दौरान संपन्न हुआ।
SIDM और CIDSC के बीच रक्षा समझौते का क्या महत्व है?
सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) और साइप्रस डिफेंस एंड स्पेस इंडस्ट्री क्लस्टर (CIDSC) के बीच हुआ यह समझौता रक्षा निर्माण, एयरोस्पेस इनोवेशन और ड्यूल-यूज टेक्नोलॉजी में सहयोग का मार्ग प्रशस्त करता है। यह भारत की बढ़ती रक्षा निर्यात महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है।
साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?
राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस की 20-23 मई 2026 की यह यात्रा राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है। यह प्रधानमंत्री मोदी की जून 2025 की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा के एक वर्ष के भीतर हो रही है और साइप्रस की EU परिषद अध्यक्षता के दौरान आ रही है, जो इसे कूटनीतिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
भारत और साइप्रस के राजनयिक संबंध कब से हैं?
भारत और साइप्रस 10 फरवरी 2027 को अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करेंगे। दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद संबंध रहे हैं, जो अब व्यापार, रक्षा और डिजिटल क्षेत्रों में नई साझेदारी के साथ और सुदृढ़ हो रहे हैं।
इन समझौतों से किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
इन समझौतों से टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, डिजिटल इनोवेशन, एआई, फिनटेक और सेवा क्षेत्र लाभान्वित होंगे। रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में SIDM-CIDSC समझौता विशेष रूप से ड्यूल-यूज टेक्नोलॉजी और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर तैयार करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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