जयशंकर की साइप्रस राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स से मुलाकात, भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 22 मई 2025 को नई दिल्ली में साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स से मुलाकात की और भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने तथा भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) सहयोग को और सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब साइप्रस के राष्ट्रपति अपनी भारत यात्रा के दूसरे चरण में राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे थे।
मुलाकात का विवरण और जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, 'नई दिल्ली में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। हमारे द्विपक्षीय संबंधों और भारत-ईयू सहयोग को सुदृढ़ बनाने के लिए उनके सकारात्मक विचारों और मार्गदर्शन को मैं बहुत महत्व देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात का मुझे बेसब्री से इंतजार है, जिससे हमारी रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जा सकेगा।'
यह टिप्पणी संकेत देती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स के बीच शीर्ष-स्तरीय बैठक भी इस यात्रा के दौरान प्रस्तावित है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को नई रणनीतिक दिशा दे सकती है।
राजघाट पर श्रद्धांजलि
नई दिल्ली में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत में राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, 'राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स ने शुक्रवार सुबह राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के शाश्वत आदर्श दुनियाभर में मानवता को प्रेरित करते आ रहे हैं।' राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करना विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की भारत यात्रा की एक महत्वपूर्ण परंपरा है।
मुंबई दौरा और एनएसई में घंटी
नई दिल्ली आने से पहले राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स ने अपनी भारत यात्रा के पहले चरण में मुंबई का दौरा किया। गुरुवार को उन्होंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेटी और प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान के साथ एनएसई इंडिया की उद्घाटन घंटी बजाई। यह कदम भारत और साइप्रस के बीच वित्तीय और व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और स्वागत
साइप्रस के राष्ट्रपति गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे, जहाँ हवाईअड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने किया। उनके साथ आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में साइप्रस के विदेश मंत्री कस्टेनसंस, परिवहन मंत्री अलेक्सिस, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। इस व्यापक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी इस यात्रा के आर्थिक और कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।
आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रस्तावित बैठक से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को औपचारिक स्वरूप मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि साइप्रस यूरोपीय संघ का सदस्य है, इसलिए यह यात्रा भारत-ईयू संबंधों के व्यापक संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है। आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएँ इस यात्रा से खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।