साइप्रस राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडिस नई दिल्ली पहुंचे, कल PM मोदी से होगी अहम मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडिस अपने चार दिवसीय भारत दौरे के दूसरे चरण में गुरुवार, 21 मई को नई दिल्ली पहुंचे। मुंबई में कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद राजधानी पहुंचने पर उन्हें औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
दौरे की पृष्ठभूमि
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस की ऐतिहासिक यात्रा से उपजी कूटनीतिक गति को आगे बढ़ाता है। दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में यह दौरा एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसे भारत-साइप्रस संबंधों को और मज़बूत करने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडिस का बयान
नई दिल्ली पहुंचने पर राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडिस ने एक्स पर लिखा, "भारत के अपने राजकीय दौरे के दूसरे हिस्से के लिए नई दिल्ली आकर बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हमने मिलकर एक रास्ता बनाया है — रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ — एक बढ़ती हुई साझेदारी के लिए जो साइप्रस और भारत के लिए काम करे, सुरक्षा और रक्षा से लेकर तकनीक, इनोवेशन, समुद्री सहयोग और आर्थिक जुड़ाव तक, और जो यूरोप और मिडिल ईस्ट के साथ सहयोग और कनेक्टिविटी को बढ़ाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि वे शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
मुंबई में NSE दौरा
नई दिल्ली रवाना होने से पहले गुरुवार को क्रिस्टोडौलिडिस ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेती और एनएसई के एमडी एवं सीईओ आशीषकुमार चौहान के साथ मुंबई में एनएसई इंडिया के ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत की। एनएसई ने बताया कि इस दौरे में परिसर का भ्रमण और नेतृत्व टीम के साथ द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर सार्थक चर्चा भी शामिल रही।
आगे का कार्यक्रम
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडिस शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर सुबह उनसे मिलेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू साइप्रस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में एक आधिकारिक दावत भी देंगी। क्रिस्टोडौलिडिस ने इस दौरे को दोनों देशों के बीच पहले से मज़बूत संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिहाज़ से बेहद ज़रूरी बताया है।