PM मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स की हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार से AI तक हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स ने 22 मई को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक, शिक्षा, संस्कृति और लोगों की आवाजाही सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी। यह यात्रा जून 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की साइप्रस यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने की कड़ी है।
बैठक में क्या हुआ
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया और साथ में एक सेल्फी भी ली, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती मैत्री का प्रतीक बनी।
बैठक के एजेंडे में इनोवेशन, रिसर्च और फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों को विशेष स्थान मिला — जो भारत-साइप्रस संबंधों की परंपरागत परिधि से आगे बढ़ने का संकेत देता है।
जयशंकर की मुलाकात और एक्स पर संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स से अलग से मुलाकात की। बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'नई दिल्ली में साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स से मिलकर खुशी हुई। भारत-साइप्रस संबंधों और भारत-ईयू सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके सकारात्मक विचार और मार्गदर्शन की सराहना करता हूं।' यह टिप्पणी भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के व्यापक संदर्भ में साइप्रस की भूमिका को रेखांकित करती है।
राजघाट और राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात
बैठक से पहले राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन किया और दोनों के बीच भी मुलाकात निर्धारित है।
मुंबई दौरा और NSE बेल
नई दिल्ली पहुँचने से पहले राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स मुंबई भी गए। गुरुवार को उन्होंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेती और एमडी एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान के साथ NSE की उद्घाटन घंटी बजाई। NSE ने इस अवसर पर कहा कि इस दौरे में भारत और साइप्रस के बीच नए सहयोग के अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
नई दिल्ली एयरपोर्ट पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
यात्रा का महत्व
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा जून 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की साइप्रस यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बनी साझेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि साइप्रस यूरोपीय संघ का सदस्य देश है, जिससे यह द्विपक्षीय वार्ता भारत-EU संबंधों के व्यापक ढाँचे में भी अहमियत रखती है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच ठोस सहयोग समझौतों की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।